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50 लाख रोजगार का वादा झूठ का पुलिंदा: लल्लू
Thu, 12 Nov 2020 08:37 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 12 Nov 2020 08:37 PM IST
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू।
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बढ़ती बेरोजगारी और घटते रोजगार के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार के मिशन रोजगार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कागजी प्लान और कार्ययोजनाओं के रंगीन प्रेजेंटेशन से सरकार रोजगार सृजन का भ्रम पैदा कर रही है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर 50 लाख रोजगार का वादा झूठ का पुलिंदा है।
पीपीसी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि प्रदेश पिछले 70 सालों में बेरोजगारी के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी व उनके अफसर बेरोजगारी से निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति बनाने की बजाय कागजी दावों से निपटना चाहते है। योगी सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह फेल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या 40 लाख के करीब पहुंच गऊ है जो कि सरकार द्वारा वर्ष 2018 में पेश किए गए आंकड़े से 54 प्रतिशत अधिक है।
सरकार बेरोजगारी से निपटने के ठोस उपाय करने के बजाय बेरोजगारों से झूठे वादों के नए-नए शिगूफे छोड़ती रहती है। भाजपा सरकार को चार साल होने को हैं लेकिन नए उद्योग, फैक्ट्री धरातल पर नहीं आ पाए हैं। पुराने उद्योग-धन्धे बंद गो गए हैं बंदी की कगार पर हैं। उन्होंने कहा, सच्चाई तो यह है कि योगी सरकार के पास युवाओं व बेरोजगारों के लिए न तो ठोस नीति है और न ही नीयत। महज कागजी प्रजेंटेशन व कागजी प्लान से जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
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पीपीसी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि प्रदेश पिछले 70 सालों में बेरोजगारी के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी व उनके अफसर बेरोजगारी से निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति बनाने की बजाय कागजी दावों से निपटना चाहते है। योगी सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह फेल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या 40 लाख के करीब पहुंच गऊ है जो कि सरकार द्वारा वर्ष 2018 में पेश किए गए आंकड़े से 54 प्रतिशत अधिक है।
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सरकार बेरोजगारी से निपटने के ठोस उपाय करने के बजाय बेरोजगारों से झूठे वादों के नए-नए शिगूफे छोड़ती रहती है। भाजपा सरकार को चार साल होने को हैं लेकिन नए उद्योग, फैक्ट्री धरातल पर नहीं आ पाए हैं। पुराने उद्योग-धन्धे बंद गो गए हैं बंदी की कगार पर हैं। उन्होंने कहा, सच्चाई तो यह है कि योगी सरकार के पास युवाओं व बेरोजगारों के लिए न तो ठोस नीति है और न ही नीयत। महज कागजी प्रजेंटेशन व कागजी प्लान से जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
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