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आईटी प्लेटफार्म से जुड़े प्रदेश के 46 लाख गन्ना किसान, चीनी उत्पादन व रिकवरी में यूपी देश में नंबर-1

Fri, 03 Jan 2020 10:32 AM IST
शाहरुख खान ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 03 Jan 2020 10:32 AM IST
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46 lakh sugarcane farmers join IT platform Uttar Pradesh is No.1 in sugar production and recovery
सांकेतिक तस्वीर
प्रदेश के 46.20 लाख गन्ना किसान अब एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) सिस्टम के जरिये आईटी प्लेटफार्म से जुड़े गए हैं। इन्हें अपने गन्ना सर्वे, सट्टा, कलेंडर और  पर्ची संबंधी जानकारी ऑनलाइन मिलने लगी है। गन्ना पर्ची जारी होने की सूचना भी तत्काल एसएमएस से मिल रही है। ईआरपी प्रणाली लागू होने के बाद अब किसानों को गन्ना दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
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ईआरपी प्रणाली के प्रजेंटेशन व निजी सॉफ्टवेयर कंपनी से करार के बाद गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चीनी मिलों गन्ना पर्ची जारी करने से किसानों को समय से पर्चियां नहीं मिलती थी। अवांछित लोग इसमें बाधा पैदा करकेअनुचित लाभ लेते थे। 
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गन्ना किसानों की समस्याओं को दूर करने और सहकारी गन्ना समितियों के पर्ची निर्गमन एवं अन्य कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए ईआरपीपी माड्यूल विकसित किया गया है। इसके तहत गन्ना समितियों के मानव संपदा, कृषि निवेश व्यवसाय, लेखा, पर्ची जारी करने, खाद एवं कीटनाशक वितरण, समिति की बैलेंस शीट और टीडीएस के लिए अलग-अलग मॉड्यूल विकसित किए गए हैं। 
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इन माडयूल्स से गन्ना समितियां पूरी तरह कंप्यूटरीकृत हो जाएंगी। ईआरपी प्रणाली में प्रदेश के 46.20 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता किसानों को आईटी प्लेटफार्म पर तकनीक से जोड़ा गया। किसानों को अपने सर्वे सट्टा, कलेंडर एवं पर्ची की आनलाइन सीधे जानकारी मिल रही है। इस मौके पर गन्ना राज्य मंत्री सुरेश पासी, गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी, सहकारी चीनी मिल संघ के निदेशक विमल कुमार दुबे, सहकारी गन्ना समितियां संघ के निदेशक आरपी यादव और सॉफ्टवेयर कंपनी के निदेशक एके सक्सेना मौजूद थे। 
 

2.10 करोड़ बार किसानों ने आंकड़ों को वेबसाइट पर देखा
गन्ना मंत्री ने बताया कि लगभग डेढ़ माह में अब 2.10 करोड़ बार किसानों ने अपने आंकड़ों को वेबसाइट www.caneup.in से अवलोकन किया है। 4.76 लाख किसानों ने www.upcane.gov.in अवलोकन डाउनलोड किया है। 5.77 लाख बार एप को हिट दी गई। ईआरपी सिस्टम से से शासन की मंशा के अनुरूप जीरो टालरेंस नीति के तहत भ्रषाटाचार व गन्ना माफिया पर अंकुश लगाने में अच्छी सफलता हासिल की है। नई व्यवस्था लागू होने केबाद 85,510 डबल बॉंड, 29985 फर्जी आपूर्तिकर्ता तथा 94813 भूमिहीन किसानों के बॉंड सामने आए जिन्हें बंद कर दिया गया।

चीनी उत्पादन व रिकवरी में यूपी देश में नंबर-1
सुरेश राणा ने बताया कि चीनी उत्पादन एवं शुगर रिकवरी में यूपी, देश में नंबर-1 है। योगी राज में 33 माह के भीतर किसानों को 80646 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है। शुगर रिकवरी पिछले सीजन में 11.46 फीसदी रही। यह महाराष्ट्र से ज्यादा है। देश की कुल 38 फीसदी चीनी यूपी में बन रही है। प्रदेश में अस्वीकृत प्रजातियों का गन्ना क्षेत्रफल लगभग समाप्त कर दिया गया है।

नवंबर माह में प्रारंभ हुए तीन नए चीनी मिल:
राणा ने कहा कि जहां सपा व बसपा की पिछली सरकारों में 2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिल बंद किए गए वहीं योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली भाजपा सरकार के 33 माह में डेढ़ दर्जन मिलों का विस्तार किया, बंद चीनी मिल शुरू की गईं या या नए चीनी मिल लगाए गए हैं। अकेले नवंबर माह में तीन नई चीनी मिलों, रमाला (बागपत), पिपराइच (गोरखपुर) और मुंडेरवा (बस्ती) को शुरू किया गया है। यह अपने आप में रिकॉर्ड है।
 
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