खुशखबरी: शिक्षकों के 4280 पद मोअल्लिम को आरक्षित
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राज्य सरकार मोअल्लिम-ए-उर्दू वालों को प्राइमरी स्कूलों में उर्दू शिक्षक के पद पर इसी माह तैनाती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में जुट गई है।
मोअल्लिम वालों के लिए 4280 शिक्षक के पद आरक्षित कर दिए गए हैं। मोअल्लिम वालों से भी ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। ऐच्छिक जिलों में आवेदन की छूट होगी। इसके लिए 11 अगस्त 1997 से पूर्व वाले ही पात्र होंगे।
बेसिक शिक्षा परिषद ने जिलेवार पदों के साथ शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। टीईटी रिजल्ट आने के तुरंत बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, ताकि उन्हें शीघ्र ही शिक्षक बना दिया जाए।
अखिलेश सरकार के एजेंडे में अल्पसंख्यक हैं। इसलिए इनके लिए योजनाएं लाने से लेकर सौगात तक देने में कोई देरी नहीं की जा रही है। उत्तर प्रदेश में मोअल्लिम वालों को शिक्षक पद के लिए अपात्र मान लिया गया था।
इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में वाद भी चल रहा था, लेकिन इसे वापस लेकर मोअल्लिम को शिक्षक पद के लिए पात्र मान लिया गया। अल्पसंख्यक समुदाय के पास यह उपाधि होने की वजह से सरकार इन्हें जल्द से जल्द शिक्षक बनाना चाहती थी, लेकिन टीईटी के चलते इसमें अड़ंगा आ रहा था।
राज्य सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए मोअल्लिम वालों के लिए भाषा टीईटी आयोजित की।
टीईटी का रिजल्ट 10 अगस्त को आने की संभावना है। इसके पहले बेसिक शिक्षा परिषद मोअल्लिम वालों को शिक्षक पद पर भर्ती प्रक्रिया के लिए सभी जरूरी औपचारिक्ताएं पूरी कर लेना चाहती है।
परिषद ने जिलेवार रिक्तियों का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसके मुताबिक बड़े जिलों में उर्दू शिक्षक के अधिक पद हैं। सर्वाधिक पद अल्पसंख्यक बहुल ब्लॉकों में हैं।
प्रस्ताव के मुताबिक टीईटी रिजल्ट निकलने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उर्दू शिक्षक के लिए भी ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। मोअल्लिम वाले को ऐच्छिक आवेदन की छूट होगी।
मोअल्लिम वालों के लिए मेरिट का मानक नहीं रखा गया है। इसके लिए केवल 11 अगस्त 1997 के पहले वाले ही पात्र होंगे।