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तेंदुए के जबड़े से पौत्र को सुरक्षित खींच लाया दादा
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:49 AM IST
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बहराइच। घर में घुसकर चारपाई पर सो रहे मासूम को दबोच कर भाग रहे तेंदुए से उसका दादा भिड़ गया। बिना लाठी-डंडे के 10 मिनट तक संघर्ष किया और उसे जबड़े से खींच लाया।
इसी बीच हांका लगाते हुए ग्रामीण दौड़ पड़े तो तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला। हमले में बाबा-पौत्र लहूलुहान हो गए। उन्हें गंभीर हालत में सीएचसी मोतीपुर में भर्ती कराया गया है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत सिरसियनपुरवा चहलवा गांव निवासी कमल नयन (5) पुत्र सर्वेश अपने बाबा कुंजीलाल (60) के साथ शनिवार रात बरामदे में सोया हुआ था।
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रात 12 बजे के आसपास जंगल से निकलकर आए तेंदुए ने मासूम को जबड़े में दबोच लिया और जंगल जाने लगा। उसकी चीख सुनकर बाबा कुंजीलाल की नींद खुल गई। वह तेंदुए के सामने ढाल बनकर खड़ा हो गया।
बिना किसी लाठी-डंडे के कुंजीलाल तेंदुए से भिड़ गया और पौत्र को बचाने के लिए संघर्ष करने लगा। इसी बीच घर के अन्य लोग आ अए। परिवारीजन व गांव के लोगों ने हांका लगाते हुए तेंदुए को दौड़ा लिया।
तब किसी तरह दोनों की जान बच सकी। हमले में घायल बाबा-पौत्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को सीएचसी मोतीपुर रेफर किया गया है।
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इसी बीच हांका लगाते हुए ग्रामीण दौड़ पड़े तो तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला। हमले में बाबा-पौत्र लहूलुहान हो गए। उन्हें गंभीर हालत में सीएचसी मोतीपुर में भर्ती कराया गया है।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत सिरसियनपुरवा चहलवा गांव निवासी कमल नयन (5) पुत्र सर्वेश अपने बाबा कुंजीलाल (60) के साथ शनिवार रात बरामदे में सोया हुआ था।
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रात 12 बजे के आसपास जंगल से निकलकर आए तेंदुए ने मासूम को जबड़े में दबोच लिया और जंगल जाने लगा। उसकी चीख सुनकर बाबा कुंजीलाल की नींद खुल गई। वह तेंदुए के सामने ढाल बनकर खड़ा हो गया।
बिना किसी लाठी-डंडे के कुंजीलाल तेंदुए से भिड़ गया और पौत्र को बचाने के लिए संघर्ष करने लगा। इसी बीच घर के अन्य लोग आ अए। परिवारीजन व गांव के लोगों ने हांका लगाते हुए तेंदुए को दौड़ा लिया।
तब किसी तरह दोनों की जान बच सकी। हमले में घायल बाबा-पौत्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को सीएचसी मोतीपुर रेफर किया गया है।