{"_id":"5a5a38094f1c1b61428b49b5","slug":"41515862025-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"136 वन ग्राम परिवारों की नौबना में बसेगी बस्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
136 वन ग्राम परिवारों की नौबना में बसेगी बस्ती
Updated Sat, 13 Jan 2018 10:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट रेंज में स्थित भरथापुर वन ग्राम को मिहींपुरवा के नौबना ग्राम पंचायत की जमीन पर जल्द बसाया जाएगा। शनिवार को क्षेत्र पहुंचे जिलाधिकारी ने डीएफओ को 10 दिन में कार्रवाई पूरा करने का आदेश दिया।
कहा, चिन्हित सभी ग्रामीणों को तत्काल मुआवजे की राशि और जमीन दी जाए, जिससे जंगल सुरक्षित हो सके। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज में भरथापुर गांव स्थित है।
यह गांव गेरुआ नदी उस पार घने जंगल के किनारे बसा हुआ है। जंगल को सुरक्षित करने के लिए जंगल में स्थित गांवों को दूसरे स्थानों पर बसाने की कवायद आधे दशक पूर्व शुरू हुई थी।
विज्ञापन
जांच हुई, जांच में भरथापुर गांव में 136 परिवारों के होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने भरथापुर के ग्रामीणों को मिहींपुरवा विकासखंड में नौबना ग्राम पंचायत के निकट स्थित जमीन पर बसाने को हरी झंडी दी।
लेकिन विस्थापन के तहत वन विभाग को इन ग्रामीणों को मुआवजा प्रदान करना था। जिलाधिकारी अजयदीप सिंह ने बताया कि 136 परिवारों में 86 परिवार ऐसे हैं, जिन्हें दो-दो हेक्टेयर खेती योग्य जमीन और 10-10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। 50 परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि 10 दिन में मुआवजे की राशि लाभार्थियों के खाते में भेजने के निर्देश डीएफओ को दिए गए हैं। इसके बाद नौबना में जमीन चिन्हित कर सभी को कब्जा दिलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि विस्थापन की कार्रवाई पूर्ण होने से घना जंगल पूरी तरह सुरक्षित हो सकेगा। आवागमन पर अंकुश लगेगा।
विज्ञापन
कहा, चिन्हित सभी ग्रामीणों को तत्काल मुआवजे की राशि और जमीन दी जाए, जिससे जंगल सुरक्षित हो सके। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज में भरथापुर गांव स्थित है।
विज्ञापन
यह गांव गेरुआ नदी उस पार घने जंगल के किनारे बसा हुआ है। जंगल को सुरक्षित करने के लिए जंगल में स्थित गांवों को दूसरे स्थानों पर बसाने की कवायद आधे दशक पूर्व शुरू हुई थी।
विज्ञापन
जांच हुई, जांच में भरथापुर गांव में 136 परिवारों के होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने भरथापुर के ग्रामीणों को मिहींपुरवा विकासखंड में नौबना ग्राम पंचायत के निकट स्थित जमीन पर बसाने को हरी झंडी दी।
लेकिन विस्थापन के तहत वन विभाग को इन ग्रामीणों को मुआवजा प्रदान करना था। जिलाधिकारी अजयदीप सिंह ने बताया कि 136 परिवारों में 86 परिवार ऐसे हैं, जिन्हें दो-दो हेक्टेयर खेती योग्य जमीन और 10-10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। 50 परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि 10 दिन में मुआवजे की राशि लाभार्थियों के खाते में भेजने के निर्देश डीएफओ को दिए गए हैं। इसके बाद नौबना में जमीन चिन्हित कर सभी को कब्जा दिलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि विस्थापन की कार्रवाई पूर्ण होने से घना जंगल पूरी तरह सुरक्षित हो सकेगा। आवागमन पर अंकुश लगेगा।