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ब्राइटलैंड स्कूल की घटना से सबक, लखनऊ के 4100 स्कूलों की होगी जांच

Sat, 27 Jan 2018 01:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 27 Jan 2018 01:06 PM IST
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4100 schools of lucknow will be investigated
ब्राइटलैंड स्कूल

ब्राइटलैंड इंटर कॉलेज में कक्षा एक के छात्र पर हुए जानलेवा हमले के बाद बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ हो रहे हैं। घटना से सबक लेते हुए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने जिले के सभी बोर्ड्स के करीब 4100 स्कूलों की जांच के आदेश दिए हैं।

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खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से सभी स्कूलों की जांच कर दस दिन में रिपोर्ट तलब की है। इन विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों के शरीरिक व मानसिक शोषण, अपराधिक व यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर लगाम लगाने और उनकी सुरक्षा को लेकर समुचित व्यवस्था की गई है कि नहीं, इसकी जांच की जाएगी।
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ब्राइटलैंड कॉलेज की घटना के बाद जिलाधिकारी ने यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई और बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जांच के आदेश दिए हैं।
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दरअसल रेयान इंटरनेशनल स्कूल में छात्र की हत्या की घटना द्मह्य बाद गत 28 सितंबर को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्र्यों के साथ बैठक की थी। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जांच के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद ब्राइटलैंड कॉलेज जैसी घटना का हो जाना, सवाल खड़े करता है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई है।

बड़ा सवाल : दस दिन में कैसे होगी जांच

4100 schools of lucknow will be investigated
डेमो - फोटो : डेमो
महज दस दिनों में जनपद के चार हजार से ज्यादा विद्यालयों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने पर सवाल उठने लगे हैं। ज्यादातर विद्यालयों में गृह परीक्षाएं चल रही हैं। 6 फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेशीय मंत्री संतोष दोहरे ने कहा कि महज दस दिनों में जांच कोरम पूरा करने जैसी होगी। बारीकी से जांच करनी होगी। सभी पहलुओं को देखना होगा। इसमें काफी समय लगेगा।

किस बोर्ड में कितने स्कूल
- यूपी             650
- सीबीएसई     130
- आईसीएसई    120
- बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त निजी स्कूल  3200

ये बोले डीएम
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि सभी विद्यालयों में बच्चों के शारीरिक, मानसिक शोषण, अपराधिक घटनाओं, यौन उत्पीड़न एवं सुरक्षा संबंधी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए गत 28 सितंबर को दिशा-निर्देश जारी किया गया था। बावजूद इसके विद्यालयों में घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में बीएसए को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।

स्कूलों में पड़ताल के बिंदु

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ब्राइटलैंड कॉलेज - फोटो : amar ujala
- चारदीवारी सुरक्षित हो और प्रवेश केवल मुख्य द्वार से ही दिया जाए।
- बच्चे अकेले न बैठें व टहलें। शिक्षक ध्यान दें कि वे समूह में ही हों।
- छात्रों को स्मार्ट फोन मोबाइल के साथ प्रवेश न करने दें। अभिभावकों को भी निर्देश जारी करें कि वे बच्चों को फोन न दें।
- ऐसे स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए, जहां से अधिक से अधिक क्षेत्र कवर होता हो।

- प्रार्थना सभा में सभी बच्चों की चेकिंग की जाए साथ ही उसी समय बच्चों व स्टाफ की सदस्यों की काउंसलिंग की जाए।
- स्कूलों में समय-समय पर पीटीए की बैठक बुलाई जाए। मोबाइल पर छात्रों द्वारा गेम न खेलने के लिए अभिभावकों को निर्देश दें।
- छात्र-छात्रा के टॉयलेट के पास अटेंडेंट का होना अनिवार्य है।
- विद्यालय में कार्यरत समस्त कर्मचारियों और वाहन के ड्राइवर तथा कंडक्टर का पुलिस वैरीफिकेशन कराया जाये।

- छात्र-छात्रा, शिक्षक व अन्य स्टाफ के टॉयलेट को अलग किया जाए।
- शिक्षक व कर्मचारी छात्रों के सामने स्मार्ट फोन का प्रयोग न करें।
- स्कूल वाहनों में किसी प्रकार के आग्नेय अस्त्र या धारदार हथियार न रखे जाये, इसको सुनिश्चित किय जाये।

- किसी प्रकार की घटना होने पर अभिभावक व प्रशासन को तुरंत सूचित किया जाए।
- प्रत्येक विद्यालय में शिकायतों को सुनने और उसे सुलझाने के लिए प्रकोष्ठ हो, जिसमें अभिभावकों को भी सदस्य बनाया जाए।
- स्कूल समय में अधिकृत व्यक्ति के अतिरिक्त कोई भी अनाधिकृत रूप से प्रवेश न करे।
- स्कूल वाहनों पर ड्राइवर, व पुलिस का नंबर लिखा होना चाहिए।
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