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राजधानी में 4000 परिवारों को अशियाने का इंतजार

Sun, 15 Dec 2013 11:45 AM IST
ऋषि मिश्र/लखनऊ
ऋषि मिश्र/लखनऊ Updated Sun, 15 Dec 2013 11:45 AM IST
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4000  family affected due to farmers movement

राजधानी में अराजक हुए किसान आंदोलन के चलते करीब 4000 लोगों के आवासों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। एलडीए अब तक केवल सनराइज अपार्टमेंट की ही बात कर रहा है।

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जबकि कानपुर रोड योजना में ही शारदा नगर रतनखंड में सुलभ आवास, बीएसयूपी स्कीम (बेसिक सर्विसेज फॉर अर्बन पूअर्स) के आवास और बसंतकुंज योजना के प्लॉट प्राधिकरण नहीं दे पा रहा है।
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हाल ही में प्राधिकरण के अभियंताओं ने किसान आंदोलन की वजह से फंसे आवासों के बारे में सूचना अधिकारियों को दे दी है।

बावजूद इसके आवास किस तरह से उपलब्ध कराए जाएंगे, इसका कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। अधिकारियों का रुख देखकर नहीं लग रहा कि आवास उपलब्ध कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई दे रही।
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एलडीए को पुलिस और प्रशासन के मदद की दरकार है। मार्च से कानपुर रोड पर काम रुका हुआ है। जबकि, बसंतकुंज का वाह्य विकास किसान पिछले करीब एक वर्ष से रोके हुए हैं।

केवल गोमती नगर विस्तार और कुर्सी रोड की योजना में ही काम चल रहा है। वहीं, कानपुर रोड पर किला मोहम्मदी और कुछ अन्य गांवों की जमीन कानपुर रोड नगर प्रसार योजना के लिए ली गई थी।

वर्ष-1980 में किसानों को 2 रुपए प्रति वर्ग फीट की दर से मुआवजा दिया गया था। साथ ही पुनर्वास के अन्य नियम लागू किए गए थे।

अचानक करीब डेढ़ वर्ष पहले यहां के किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (अवध) के बैनर तले आंदोलन शुरू कर दिया और 14 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से मुआवजा मांगने लगे।

एलडीए के साथ ही साथ आवास विकास की वृंदावन कॉलोनी में भी निर्माण बंद कराने की कोशिश की गई। कानपुर रोड पर बने हालात से किसी भी दिन स्थिति बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।

यहां मार्च में तीन योजनाओं का काम किसानों ने ठप करा रखा है। सनराइज अपार्टमेंट और बीएसयूपी अपार्टमेंट स्कीम के अलावा शारदा नगर रतनखंड के सुलभ आवासों का काम साइट्स पर कब्जा कर रुकवाया जा चुका है।


अधिकारियों को दी पूरी रिपोर्ट
सनराइज अपार्टमेंट में करीब 550, सुलभ आवास में लगभग 500, बीएसयूपी के 2000 और बसंतकुंज के लगभग 1100 आवंटियों पर किसान आंदोलन की गाज गिरी है।

यह रिपोर्ट प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता ने अधिकारियों को सौंपी है। इसका अर्थ साफ है कि राजधानी के 4000 परिवारों का आशियाना किसान आंदोलन की भेंट चढ़ा हुआ है।

मगर अधिकारियों को परेशान हाल आवंटियों का कोई भी ख्याल नहीं है। उपाध्यक्ष एमपी अग्रवाल इस संबंध में आवंटियों से बात कर रहे हैं और न ही किसानों से।

पिछले दिनों अपनी गुहार सुनाने आए सनराइज अपार्टमेंट के आवंटियोें से मुलाकात तक नहीं की। ऐसे में आवंटियों ने अब अपनी लड़ाई खुद लड़ने की ठान ली है।

जल्द ही समाधान न निकलने पर किसानों के साथ ही और एलडीए के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।

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