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Lucknow News: 40 हजार बच्चे किताबों से वंचित
Thu, 04 Jul 2024 05:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 04 Jul 2024 05:08 AM IST
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रायबरेली। जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक और दो के 40 हजार बच्चों को अब तक किताबें नहीं मिल सकी हैं। जबकि नए शैक्षिक सत्र के तीन महीने बीत चुके हैं। किताबों की आपूर्ति अब तक जिले को नहीं मिली है।
कक्षा तीन से आठ तक की किताबें शत-प्रतिशत बच्चों को बंटवाए जाने का दावा किया जा रहा है। कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों की किताबें मंगाने के लिए दिसंबर में प्रक्रिया शुरू हुई थी, जबकि कक्षा एक और दो के बच्चों की किताबों के लिए मई के अंत में क्रयादेश जारी हुआ। इसीलिए किताबें आने में समय लग रहा है।
जिले में करीब 2300 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की संख्या 1.98 लाख से अधिक है। इनमें कक्षा एक और दो के बच्चों की संख्या लगभग 40 हजार है। कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों के लिए किताबें मार्च के अंत तक आ गई थीं, जिन्हें ब्लाक संसाधन केंद्रों के माध्यम से विद्यालयों तक पहुंचा दिया गया था।
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इसी कारण अप्रैल में नया सत्र शुरू होते ही बच्चों को किताबें बांटने का सिलसिला शुरू हो गया। अब तक ज्यादातर बच्चों को किताबें बंटवाई जा चुकी हैं। कक्षा एक और दो के बच्चों को किताबें इसलिए नहीं मिलीं, क्योंकि इन बच्चों के लिए किताबें मंगाने का क्रयादेश मई के अंत में जारी हुआ। यह कहा जा रहा था कि गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही कक्षा एक और दो के बच्चों को भी किताबें बांट देंगे, लेकिन अब तक आपूर्ति ही नहीं मिली है। किताबों की आपूर्ति मिलने का इंतजार किया जा रहा है।
कक्षा 3 से 8 तक के बच्चों के लिए आई थीं किताबें
नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों को किताबें बांटने का काम शुरू हो गया था। इन कक्षाओं के बच्चों के लिए लगभग 19.41 लाख किताबें आई थीं। इनमें 13 लाख 72 हजार 790 पाठ्य पुस्तकें और पांच लाख 68 हजार 766 कार्यपुस्तिकाएं शामिल हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि जिले को जितनी भी किताबें मिली थीं, वे सभी विद्यालयों तक पहुंचाकर छात्र-छात्राओं को बांट दी गई हैं।
ये पाठ्य पुस्तकें और कार्यपुस्तिकाएं आएंगी
कक्षा एक और दो के लिए 10-10 पाठ्य पुस्तकों और कार्यपुस्तिकाओं को मंगाया गया है, जिसके लिए मई के अंत में क्रयादेश भेजा गया था। इन किताबों में सारंगी, आनंदमय गणित, कार्यपुस्तिका सारंगी, कार्यपुस्तिका आनंदमय गणित, वर्कबुक मृदंग, शहनाई (उर्दू), आनंदमय रियाजी, जॉयफुल मैथेमेटिक्स, वर्कबुक जॉयफुल मैथेमेटिक्स शामिल हैं।
प्रत्येक पाठ्य पुस्तक और कार्यपुस्तिका में नाम के साथ कक्षा के अनुरूप एक-दो लिखा होगा। झांसी की एक फर्म को पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति के लिए डेढ़ महीने का समय दिया गया है, जबकि कार्यपुस्तिकाएं दो महीने में भेजनी होगी। इससे हर हाल में 15 जुलाई तक किताबों की आपूर्ति मिल जानी चहिए।
कक्षा तीन से आठ तक की किताबें बंटवाई जा चुकी हैं। कक्षा एक और दो की किताबों की आपूर्ति अभी नहीं मिली है। दो-तीन दिन में आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। किताबें आते ही उन्हें बीआरसी के माध्यम से विद्यालयों तक पहुंचा दिया जाएगा।
-डॉ. संजीव गुप्ता, जिला समन्वयक (सामुदायिक)
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कक्षा तीन से आठ तक की किताबें शत-प्रतिशत बच्चों को बंटवाए जाने का दावा किया जा रहा है। कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों की किताबें मंगाने के लिए दिसंबर में प्रक्रिया शुरू हुई थी, जबकि कक्षा एक और दो के बच्चों की किताबों के लिए मई के अंत में क्रयादेश जारी हुआ। इसीलिए किताबें आने में समय लग रहा है।
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जिले में करीब 2300 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की संख्या 1.98 लाख से अधिक है। इनमें कक्षा एक और दो के बच्चों की संख्या लगभग 40 हजार है। कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों के लिए किताबें मार्च के अंत तक आ गई थीं, जिन्हें ब्लाक संसाधन केंद्रों के माध्यम से विद्यालयों तक पहुंचा दिया गया था।
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इसी कारण अप्रैल में नया सत्र शुरू होते ही बच्चों को किताबें बांटने का सिलसिला शुरू हो गया। अब तक ज्यादातर बच्चों को किताबें बंटवाई जा चुकी हैं। कक्षा एक और दो के बच्चों को किताबें इसलिए नहीं मिलीं, क्योंकि इन बच्चों के लिए किताबें मंगाने का क्रयादेश मई के अंत में जारी हुआ। यह कहा जा रहा था कि गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही कक्षा एक और दो के बच्चों को भी किताबें बांट देंगे, लेकिन अब तक आपूर्ति ही नहीं मिली है। किताबों की आपूर्ति मिलने का इंतजार किया जा रहा है।
कक्षा 3 से 8 तक के बच्चों के लिए आई थीं किताबें
नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों को किताबें बांटने का काम शुरू हो गया था। इन कक्षाओं के बच्चों के लिए लगभग 19.41 लाख किताबें आई थीं। इनमें 13 लाख 72 हजार 790 पाठ्य पुस्तकें और पांच लाख 68 हजार 766 कार्यपुस्तिकाएं शामिल हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि जिले को जितनी भी किताबें मिली थीं, वे सभी विद्यालयों तक पहुंचाकर छात्र-छात्राओं को बांट दी गई हैं।
ये पाठ्य पुस्तकें और कार्यपुस्तिकाएं आएंगी
कक्षा एक और दो के लिए 10-10 पाठ्य पुस्तकों और कार्यपुस्तिकाओं को मंगाया गया है, जिसके लिए मई के अंत में क्रयादेश भेजा गया था। इन किताबों में सारंगी, आनंदमय गणित, कार्यपुस्तिका सारंगी, कार्यपुस्तिका आनंदमय गणित, वर्कबुक मृदंग, शहनाई (उर्दू), आनंदमय रियाजी, जॉयफुल मैथेमेटिक्स, वर्कबुक जॉयफुल मैथेमेटिक्स शामिल हैं।
प्रत्येक पाठ्य पुस्तक और कार्यपुस्तिका में नाम के साथ कक्षा के अनुरूप एक-दो लिखा होगा। झांसी की एक फर्म को पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति के लिए डेढ़ महीने का समय दिया गया है, जबकि कार्यपुस्तिकाएं दो महीने में भेजनी होगी। इससे हर हाल में 15 जुलाई तक किताबों की आपूर्ति मिल जानी चहिए।
कक्षा तीन से आठ तक की किताबें बंटवाई जा चुकी हैं। कक्षा एक और दो की किताबों की आपूर्ति अभी नहीं मिली है। दो-तीन दिन में आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। किताबें आते ही उन्हें बीआरसी के माध्यम से विद्यालयों तक पहुंचा दिया जाएगा।
-डॉ. संजीव गुप्ता, जिला समन्वयक (सामुदायिक)