Lucknow News : मां ने लाडले को संवारकर खेलने भेजा, चंद घंटों बाद मिली लाश, रेलवे लाइन के किनारे हुआ हादसा
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक मासूम की तलाश के दौरान संदेह हुआ कि कहीं वह खेलते हुए पानी में नहीं डूब गया। इसके बाद टीम ने रेलवे किनारे बने गड्ढे में तलाश शुरू की। कुछ दूरी पर मासूम के सिर का बाल दिखा। तो आशंका हुई। सिपाही गड्ढे में उतरा। इसके बाद उसके शव को बाहर निकाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चार साल के बेटे देवांश को कपड़ा पहनाया। उसके बाल संवारे, सैंडिल पहनाया। काजल लगाया कि उसको नजर न लगे। लेकिन शायद अमरेश की पत्नी को यह नहीं पता था कि वह आखिरी बार अपने बेटे को नजर न लगने का टीका लगा रही है। घर से बाहर खेलते समय वह लापता हो गया। परिजनों ने तलाश शुरू की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तलाश शुरू की, इसी बीच नजर झोपड़ी के पास गड्ढे में पड़ी तो सभी के होश उड़ गये। चार साल के मासूम देवांश का शव पड़ा मिला। मां बेसुध होकर गिर गई, तो पिता बदहवास होकर चीखने लगा। शव को बाहर निकाला गया तो जिस तरह मां ने तैयार किया उसी तरह शरीर पर कपड़े और पैराें में सैंडिल थे। शव बाहर आते ही पुलिस के भी आंखों में आंसू आ गये।
मूलरूप से बहराइच के कैसरगंज स्थित कोहली बदरौली निवासी अमरेश पेशे से मजदूर है। वह विराजखंड-एक में रेलवे लाइन किनार खाली प्लाट में झोपड़ी बनाकर रहता है। अमरेश के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम को उसकी पत्नी ने बेटे देवांश की बाहर खेलने जाने की जिद पर तैयार किया। बेटे के कहने पर उसे कपड़े पहनाये और सजाया संवारा। झोपड़ी के बाहर खेल रहा था। इसी बीच उसकी पत्नी अंदर काम करने चली गई। कुछ देर बाद वापस आई तो देखा मासूम बेटा लापता था। उसने अमरेश को सूचना दी। शाम करीब 6 बजे से अमरेश ने भी आसपास तलाश की लेकिन सफल नहीं हो सका। प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड डॉ. आशीष मिश्रा केमुताबिक शाम करीब 7 बजे अमरेश उनके पास कठौता चौराहे पर पहुंचा। उसने बेटे के गायब होने की बात कही। इस पर तत्काल सहारा चौकी प्रभारी को तलाश के लिए निर्देश दिये। खुद वह अपनी टीम लेकर विराजखंड पहुंचे।
गड्ढे में भरे पानी में दिखा बाल
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक मासूम की तलाश के दौरान संदेह हुआ कि कहीं वह खेलते हुए पानी में नहीं डूब गया। इसके बाद टीम ने रेलवे किनारे बने गड्ढे में तलाश शुरू की। कुछ दूरी पर मासूम के सिर का बाल दिखा। तो आशंका हुई। सिपाही गड्ढे में उतरा। इसके बाद उसके शव को बाहर निकाला। मासूम देवांश का शव बाहर निकला तो मां चीखकर वहीं बेसुध हो गई। किसी तरह उसे संभाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू की। इसी बीच पिता ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक उच्चाधिकारियों से बातचीत करने केबाद शव का पंचनामा कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। अमरेश मासूम का शव लेकर अपने गांव चला गया।