चार महीने के हार्दिक के सिर में भी धंसी हैं पांच सुइयां
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पिन बॉय हार्दिक के शरीर में ही नहीं सिर में भी सुइयां हैं। केजीएमयू में हुई एक्स-रे रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि हार्दिक के सिर के पिछले हिस्से में पांच सुइयां हैं। 22 जुलाई को एक बार फिर हार्दिक को जांच के लिए केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में बुलाया गया है। इसके बाद उसके इलाज की आगे की रूपरेखा तय होगी।
रायबरेली निवासी शिवेंद्र श्रीवास्तव के चार माह का बेटा हार्दिक चिकित्सकों के लिए कौतुहल का विषय बना हुआ है। उसके शरीर के कई हिस्सों में सुइयां कैसे घुसी इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है।
पिता शिवेंद्र ने बताया कि बच्चा पूरी तरह से ठीक है। केजीएमयू में उसके पेट के निचले हिस्से से 22 जून को तीन सुइयां निकाली गई थी। इसके बाद उसे 8 जुलाई को डिस्चार्ज कर दिया गया। शरीर में दर्जनों सुइयां होने के बावजूद वह पूरी तरह से स्वस्थ है।
गौरतलब है कि केजीएमयू में हुई जांच में हार्दिक के फेफड़ों में एक-एक सुई,पीठ और पेट के अंदर दर्जनों सुई पाई गई थी। इसके अलावा पेट के निचले हिस्से ‘पेल्विस’ में भी सुइयां पाई गईं थीं।
इसके बाद तीन सुइयों को डॉक्टरों ने पेशाब के रास्तेपेरीनियल यूरेथ्रोटोमी सर्जरी विधि से निकाल दिया था। अब एक बार फिर 22 जुलाई को हार्दिक को जांच के लिए केजीएमयू बुलाया गया है।
बच्चे की सुरक्षा के लिए उठी मांग
हार्दिक को सुरक्षा देने के लिए प्रमुख सचिव गृह से मदद से मांग की गई है। इस मामले में हाईकोर्ट से पीआईएल खारिज होने के बाद नुसरत अली ने प्रमुख सचिव गृह को अर्जी देकर हार्दिक के उत्पीड़न के मामले में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश करने और उसकी सुरक्षा की मांग की है।
प्रो.एसएन कुरील ने हार्दिक के शरीर से सुइयां निकालने के बाद छह जुलाई को केजीएमयू के रजिस्ट्रार के माध्यम से डीजीपी को एक पत्र भेजकर इस मामले में हस्तक्षेप करने के का अनुरोध किया था।
प्रो.एसएन कुरील के अनुसार बच्चे के शरीर में बाहर से निडिल डाली गई हैं। यह एक प्रकार का शिशु उत्पीड़न लगता है। जिसे मूनचौउसेन सिंड्रोम के नाम से जाना जाता है।
उनका कहना था कि दो सुइयों को मलद्वार और एक को मूत्रनली से अंदर डाला गया। ये संभवत:परिवार के किसी सदस्य ने किया है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद बच्चे को फिर से क्षति न पहुंचायी जाए।
ये है पिन बॉय की पूरी कहानी
चार माह के हार्दिक के शरीर में सुइयां होने का पता मई में चला था। जब उसकी मां सत्याक्षी को पेट में एक निडिल (सुई) की नोंक दिखाई दी।
उस समय हार्दिक ढाई माह का था तब मालिश करते समय सत्याक्षी के हाथ में कुछ चुभ गया। उसने देखा तो हार्दिक के पेट से एक सुई बाहर निकली हुई थी। लेकिन उसके न तो खून निकल रहा था और न ही कोई दर्द हो रहा था।
इसके बाद सत्याक्षी ने इस सुई को पकड़कर बाहर खींच लिया और पूरे शरीर की जांच की। इस दौरान उसकी जांघ में भी एक सुई होने की पता चला। इसके बाद शिवेंद्र और सत्याक्षी बच्चे को लेकर रायबरेली जिला अस्पताल पहुंचे।
वहां पेट के एक्स-रे कराया गया। जांच में हार्दिक के पेट में 24 छोटी-छोटी सुई पाई गईं। इसके बाद रायबरेली जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने उसे केजीएमयू ले जाने की सलाह दी।