इस दवा को लेंगे तो आपको नहीं सताएगा बुढ़ापा
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हड्डियां टूटने के बाद बनी विकृति से होने वाली समस्याओं से निजात दिलाने में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर) के वैज्ञानिकों ने सफलता हासिल की है। वैज्ञानिकों ने दावा किया कि नैनो पार्टिकल के उपयोग से तैयार की गई दवा से हड्डियां पूरी तरह जुड़ जाएगी,जिससे बुढ़ापे में होने वाले कष्ट से मुक्ति मिलेगी।
वैज्ञानिकों के मुताबिक हड्डियों में फ्रेक्चर होने के बाद वे पूरी तरह से जुड़ नहीं पाती है। आईआईटीआर के नैनो थेरेप्यूटिक्स एंड नैनो मैटेरियल टॉक्सिकोलॉजी की टीम ने रिसर्च के दौरान नैनो कंपोजिट के रूप में हाइड्रोक्सीएपेटाइट,जिलेटिन और कार्बोक्सीमिथाइलेटिड साइटिन का उपयोग कर 3डी नैनो ड्रग तैयार की,जिसका प्रयोग न्यूजीलैंड के सफेद चूहों पर किया गया और 25 सप्ताह तक वैज्ञानिक लगातार आधुनिक तकनीक से उनकी जांच करते रहे।
प्लस वन साइंस जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक माइक्रो कंप्यूटड टोमोग्राफी से पता चला कि 3डी नैनो ड्रग ने बोन डेंसिटी को बढ़ाने का काम किया। साथ ही हड्डी को दोबारा से बनने (बोन रीजनरेशन) में भी मदद की। वहीं,हड्डियों के गैप के बीच जुड़ाव पूरी तरह समान रूप से हुआ।
सर्जरी ऑपरेशन में मिलेगा फायदा
इस प्री-क्लीनिकल टेस्ट में हाइड्रोक्सीएपेटाइट,जिलेटिन और कार्बोक्सीमिथाइलेटिड साइटिन का 3डी नैनो ड्रग मॉडल सफल पाया गया। रिसर्च टीम में डॉ.नितिन सागर, डॉ.आलोक पांडेय, डॉ. दीपक गुरबानी, डॉ.कायनात खान, डॉ.धीरेंद्र सिंह, डॉ.भूषण पी चौधरी, डॉ.विवेक सोनी, डॉ.एन चट्टोपाध्याय, डॉ.आलोक धवन, डॉ.जयेश आर बेल्लारे ने काम किया।
इस दवा से ऑर्थो सर्जरी में मदद मिलेगी। टीम के एक सदस्य ने बताया कि इस प्रयोग का असली फायदा हड्डियों के सर्जरी ऑपरेशन में मिलेगा। हड्डी टूटने या दूसरी वजह से विकृति होने पर उसे दोबारा से सामान्य रूप में लाया जा सकेगा। इससे लंबे समय में होने वाली पोस्ट ऑपरेटिव दिक्कतों का सामना नहीं करना होगा। ज्यादातर ऐसे ऑपरेशन में उम्र बढ़ने के साथ समस्याएं सामने आती हैं।
इस दवा से ये सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। ऑपरेशन के बिना ही हड्डि़यां जुड़ जाएंगी। ऐसे में बुढ़ापे में होने वाली एक मुख्य परेशानी से निजात मिलेगी।