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उपचुनाव हार के बाद योगी सरकार ने बदले 37 IAS अधिकारी, गोरखपुर DM का भी तबादला

Sat, 17 Mar 2018 09:35 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 17 Mar 2018 09:35 AM IST
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37 ias transferd in uttar pradesh
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद अफसरशाही में बड़ा फेरबदल किया है। दो दिन तक लगातार मंथन के बाद योगी ने शुक्रवार की आधी रात 37 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए। इनमें गोरखपुर सहित 16 जिलों के डीएम और वाराणसी सहित चार मंडलों के आयुक्त बदले गए हैं।

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मुख्यमंत्री ने गोरखपुर, महराजगंज, बरेली, पीलीभीत, सीतापुर, बलिया, हाथरस, सोनभद्र, चंदौली, अमरोहा, हापुड़, बलरामपुर, भदोही, चित्रकूट, आजमगढ़, अलीगढ़ के मौजूदा डीएम को हटाकर नए अफसरों को तैनाती दी है। इनमें गोरखपुर के डीएम राजीव रौतेला को हटाकर देवीपाटन का मंडलायुक्त बनाया गया है। रौतेला पिछली सरकार के समय रामपुर में अवैध खनन से जुड़े मामले को लेकर चर्चा में हैं। हाईकोर्ट उनके खिलाफ तल्ख टिप्पणी कर चुकी है।
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नवरी में रौतेला को विशेष सचिव स्तर से सचिव एवं आयुक्त स्तर पर पदोन्नति मिली थी लेकिन उस समय गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी उत्सव, मतदाता सूची पुनरीक्षण, गोरखपुर महोत्सव और फिर गोरखपुर उपचुनाव के मद्देनजर उन्हें नहीं हटाया गया। उपचुनाव की मतगणना में भी रौतेला की भूमिका पर विपक्ष ने सड़क से सदन तक सवाल उठाए। सत्तारूढ़ दल की ओर से भी रौतेला की कार्यप्रणाली पर ऊंगली उठाई जा चुकी है।

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37 ias transferd in uttar pradesh
इसके बावजूद वह मंडलायुक्त जैसी सम्मानजनक पोस्टिंग पाने में सफल रहे हैं। रौतेला को देवीपाटन मंडल का आयुक्त बनाया गया है। के. विजयेंद्र पांडियन गोरखपुर के नए डीएम बनाए गए हैं।बरेली के डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह को हटाकर कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा में विशेष सचिव बनाया गया है। राघवेंद्र ने कासगंज दंगे के दौरान फेसबुक पर एक टिप्पणी की थी जिसे सरकार ने आपत्तिजनक मानते हुए जवाब तलब किया था।

अलीगढ़ के डीएम हृषिकेश भास्कर यशोद को अंतर्राज्यीय प्रतिनियुक्ति पर महाराष्ट्र के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है। इस तबादले की खास बात ये है कि 16 में से दस जिलों के डीएम कलेक्टरी बचाने में सफल रहे हैं। उन्हें दूसरे जिलों में तैनात किया गया है।

महराजगंज के डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को बरेली, पीलीभीत की डीएम शीतल वर्मा को सीतापुर, हाथरस के डीएम अमित कुमार सिंह को सोनभद्र, अमरोहा केडीएम नवनीत सिंह चहल को चंदौली, चंदौली के डीएम हेमंत कुमार को अमरोहा, सोनभद्र के डीएम प्रमोद कुमार उपाध्याय को हापुड़, हापुड़ के डीएम कृष्ण करुणेश को बलरामपुर, भदोही के विशाख जी. को चित्रकूट, चित्रकूट के डीएम शिवाकांत द्विवेदी को आजमगढ़ व आजमगढ़ के डीएम चंद्रभूषण सिंह को अलीगढ़ के डीएम के पद पर नई तैनाती मिली है।

मुकुल से आवास छिना, गोकर्ण की तैनाती

शासन स्तर पर अपने कार्यों से सरकार की किरकिरी करा रहे अपर मुख्य सचिव आवास एवं शहरी नियोजन तथा रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मुकुल सिंघल से आवास विभाग छीन लिया गया है। सिंघल मुख्य सचिव तक के निर्देशों की लगातार अनदेखी कर रहे थे। सिंघल से आवास विभाग लेकर कम महत्व वाले रेशम, हथकरघा व वस्त्रोद्योग जैसे विभागों तक सीमित कर दिया है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी पीएम आवास योजना शहरी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही थी। सरकार ने लंबे समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के कमिश्नर रहे नितिन रमेश गोकर्ण को आवास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है। इनके अलावा आजमगढ़, देवीपाटन, सहारनपुर के भी मंडलायुक्त बदले गए हैं। इतनी माथापच्ची के बावजूद सरकार अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज चंचल कुमार तिवारी का विकल्प नहीं खोज पाई है। 

अनूप को औद्योगिक विकास के अपर मुख्य सचिव की भी जिम्मेदारी
इन्वेस्टर्स समिट के दौरान अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डा. अनूप चंद्र पांडेय तथा अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास आलोक सिन्हा के बीच मनभेद आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई थी। शासन ने अपर सिन्हा को औद्योगिक विकास विभाग से हटाकर अपर मुख्य सचिव वाणिज्य कर एवं मनोरंजन कर बना दिया है। यह विभाग भी काफी महत्वपूर्ण है। लेकिन सरकार ने इन्वेस्टर्स समिट में आए निवेश प्रस्तावों पर अमल में किसी तरह की रुकावट न आए इसके लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त पांडेय को ही औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव की भी जिम्मेदारी दे दी है।

अपर मुख्य सचिव संस्थागत वित्त व अध्यक्ष ग्रेटर नोएडा की जिम्मेदारी भी बनी रहेगी। शासन ने पांडेय से पिकप का चार्ज लेकर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे राजीव कपूर को दे दिया है। शासन ने निदेशक मंडी परिषद धीरज कुमार को हटा दिया है।

बताया जाता है कि धीरज के  खिलाफ शासन को कई शिकायतें मिलीं थी। शासन ने उन्हें हटाकर समाज कल्याण विभाग में विशेष सचिव बना दिया है। अपर निदेशक प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी रमाकांत पांडेय को निदेशक मंडी परिषद बना दिया गया है।

तबादलों में पीएम की नसीहत का दिखा असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान पिछड़े जिलों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए युवा अफसरों की तैनाती की सलाह दी थी। इन तबादलों में इसका असर नजर आया है। देश के 115 पिछड़े जिलों में आठ यूपी के हैं।

इनमें से बलरामपुर,  चित्रकूट, सोनभ्रद व चंदौली के 40 से अधिक उम्र वाले प्रमोटी आईएएस अफसरों को हटाकर युवा अफसरों में क्रमश: कृष्णा करुणेश, विशाख जी., अमित कुमार सिंह व नवनीत सिंह चहल की तैनाती की गई है। 
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