{"_id":"5ef6d7f99a30fe67dc19dda7","slug":"36-lakh-workers-returned-skill-mapping-of-30-47-lakhs-done-says-cm-yogi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"36 लाख श्रमिकों की वापसी, 30.47 लाख की हुई स्किल मैपिंग: सीएम योगी आदित्यनाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
36 लाख श्रमिकों की वापसी, 30.47 लाख की हुई स्किल मैपिंग: सीएम योगी आदित्यनाथ
Sat, 27 Jun 2020 10:54 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 27 Jun 2020 10:54 AM IST
विज्ञापन
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री को सुनते सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्य सरकार के मंत्री और अधिकारी।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय से लिए गए निर्णयों के लिए पूरा देश कृतज्ञ है। प्रदेश में 35.92 लाख से अधिक श्रमिकों और कामगारों की सकुशल वापसी हुई। प्रधानमंत्री ने वापस लौटे कामगारों व श्रमिकों की स्किल मैपिंग के लिए कहा था।
विज्ञापन
राज्य सरकार ने 18 वर्ष से ऊपर से 30.47 लाख कामगारों की स्किल मैपिंग कराई है। इनमें से 24 लाख 75 हजार कंस्ट्रक्शन, रियल एस्टेट व अन्य निर्माण कार्यों, 92 हजार कारखाना मजदूर, 62, 800 टेलर, 45 हजार ड्राइवर, 10700 हस्तकला तथा 3. 61 लाख सेल्स, वेंडिंग, सिक्योरिटी गॉर्ड, कूरियर सेवा से जुड़े हैं।
विज्ञापन
15 लाख प्रवासी कामगारों को काम, 4.71 लाख क्वारंटीन में
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वापस आए 26.12 लाख कामगार व नगरीय क्षेत्रों में वापस आए 1.63 लाख कामगार होम क्वारंटीन से बाहर आ गए हैं। 4.71 लाख श्रमिक अभी भी होम क्वारंटीन में हैं। अन्य राज्यों से लौटे 15 लाख से अधिक कामगारों व श्रमिकों को इन योजनाओं में कार्य दिया गया है।
विज्ञापन
इसके अलावा, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 4.22 लाख प्रवासी श्रमिकों की स्किल मैपिंग कराते हुए 1.69 लाख श्रमिकों को उनकी कुशलता के अनुसार काम लगाया गया है। प्रदेश में लौटीं 29 हजार 600 प्रवासी महिला कामगारों को स्वयं सहायता समूह से जोड़ा गया है
एमएसएमई इकाइयों को 2002 करोड़ का ऋण वितरण
होम क्वारंटीन पूरा करके जो-जो कामगार बाहर आएंगे, उनके लिए राज्य सरकार के पास पर्याप्त रोजगार के अवसर हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी श्रमिकों, कामगारों को विभिन्न कार्यों से जोड़ने में सफल रहेगी। अनलॉक की कार्यवाही के बाद 7.80 लाख औद्योगिक इकाइयां संचालित की गईं।
योगी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत योजना के पहले चरण में 57 हजार नई एमएसएमई इकाइयों को 2002 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। इन इकाइयों का संचालन शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ने 5000 कामगारों को टूल किट दिए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान औद्योगिक विकास मंत्री, सतीश महाना, एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह (मोती सिंह), ग्राम्य विकास राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, मुख्य सचिव आरके तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक कुमार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद व निदेशक सूचना शिशिर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
योगी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत योजना के पहले चरण में 57 हजार नई एमएसएमई इकाइयों को 2002 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। इन इकाइयों का संचालन शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ने 5000 कामगारों को टूल किट दिए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान औद्योगिक विकास मंत्री, सतीश महाना, एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह (मोती सिंह), ग्राम्य विकास राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, मुख्य सचिव आरके तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक कुमार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद व निदेशक सूचना शिशिर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।