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Lucknow News: एपीके फाइल डाउनलोड करते ही सिम बंद, यूपीआई से निकल गए 34 लाख

Fri, 09 Oct 2026 02:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Fri, 09 Oct 2026 02:56 AM IST
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34 lakh siphoned off via UPI.
पुलिस
लखनऊ। अमीनाबाद के नजरबाग निवासी औद्योगिक विकास विभाग से सेवानिवृत्त मोअज्जम वारसी का सिमकार्ड अचानक सस्पेंड हुआ और इसी दौरान जालसाजों ने उनके दो बैंक खातों से 33.99 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित को ठगी का पता तब चला, जब पांच अक्तूबर को सिम दोबारा सक्रिय होने के बाद उन्होंने बैंक पहुंचकर पासबुक अपडेट कराई। उन्होंने सात अक्तूबर को साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस का दावा है कि पीड़ित ने एपीके फाइल डाउनलोड की थी। इस कारण ठगी का शिकार हुए।
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मोअज्जम वारसी के अनुसार, 29 सितंबर को उनके जियो सिमकार्ड की सर्विस अचानक सस्पेंड हो गई। उन्होंने ऑनलाइन सिम दोबारा चालू कराने का प्रयास किया लेकिन तीन दिन तक सिम सक्रिय नहीं हो सका। पांच अक्तूबर को जियो पोर्टल पर संपर्क करने के बाद सिम दोबारा चालू हुआ। सिम बंद होने पर उन्हें कुछ गड़बड़ होने का शक हुआ। इसके बाद बैंक पहुंचकर पासबुक अपडेट कराई तो पता चला कि 29 सितंबर से चार अक्तूबर के बीच जालसाजों ने एक खाते से 33 लाख और दूसरे खाते से 99 हजार रुपये निकाल लिए।
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पुलिस के मुताबिक, 99 हजार रुपये शैलेंद्र कुमार सिंह के बचत खाते में ट्रांसफर किए गए थे। मोअज्जम ने तत्काल 1930 पर शिकायत की। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना आलोक राव ने बताया कि आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच में सामने आया है कि पीड़ित ने जालसाजों की भेजी गई एपीके फाइल डाउनलोड की थी।
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यूपीआई के जरिये निकाली रकम

इंस्पेक्टर ने बताया कि अब तक की छानबीन में सामने आया है कि जालसाजों ने पीड़ित के यूपीआई का इस्तेमाल कर रकम निकाली। पुलिस ने ठगी के छह लाख रुपये फिलहाल फ्रीज करा दिए हैं। बाकी रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।


सावधानियां

एडीसीपी, क्राइम/साइबर क्राइम, किरन यादव के अनुसार अचानक सिमकार्ड सस्पेंड हो जाए तो इसे सिम रिप्लेसमेंट फ्रॉड माना जा सकता है। जालसाज आपके नंबर का नया सिमकार्ड जारी कराकर ओटीपी और बैंक अलर्ट हासिल कर सकते हैं। ऐसा होने पर ये सावधानियां बरतनी चाहिए।

- 1930 पर तुरंत कॉल करें।
- बैंक को तत्काल सूचना देकर खाते, कार्ड और यूपीआई को ब्लॉक कराएं। संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर होल्ड या खाते को फ्रीज करने की मांग करें।

- किसी भी नंबर से भेजी गई एपीके फाइल को डाउनलोड न करें।

- साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें और शिकायत संख्या सुरक्षित रखें।
- मोबाइल ऑपरेटर से पता करें कि सिमकार्ड क्यों सस्पेंड किया गया।

- ई-मेल, बैंक एसएमएस, कॉल लॉग, व्हाट्सएप चैट और संदिग्ध नंबरों के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।

- बैंकिंग से जुड़े ई-मेल और अन्य महत्वपूर्ण खातों के पासवर्ड बदलें तथा अनजान डिवाइस व सेशन से लॉगआउट करें।
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