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Lucknow News: शहरी-ग्रामीण इलाके के 33 केंद्रों पर एमबीबीएस डॉक्टर नहीं
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
लखनऊ। राजधानी के शहरी और ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। जिले के 33 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बिना एमबीबीएस डॉक्टर के संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों की जिम्मेदारी आयुष डॉक्टरों के कंधों पर है, जिससे गंभीर मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
सीएमओ कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 54 शहरी और 34 ग्रामीण पीएचसी हैं। इनमें से शहरी क्षेत्र के 16 और ग्रामीण क्षेत्र के 17 केंद्रों पर एक भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं है। स्थिति यह है कि सरकार के महत्वाकांक्षी जन आरोग्य मेले में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों के बजाय आयुष डॉक्टर ही मरीजों का परीक्षण कर रहे हैं। डॉक्टरों की कमी की मुख्य वजह पीजी (उच्च शिक्षा) के लिए जाना और अस्थायी नौकरी छोड़ना बताया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र की इन पीएचसी पर डॉक्टर नहीं
माल के हसनापुर, बाजार गांव, काकोरी के फतेहगंज, बीकेटी के कठवारा, गढ़ा, इंटौजा पूरब गांव, चिनहट के जुग्गौर, मोहनलालगंज के दखिनाशेखपुर, दाऊदनगर, मलिहाबाद के महदोइयां, गोसाईंगंज के बहरौली, गंगागंज, सरोजनीनगर के ऐन, बेंती, बेहटा और उतरेठिया में खुले स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर नहीं है।
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भर्ती जल्द होगी पूरी : सीएमओ
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि एमबीबीएस डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसका परिणाम इसी माह जारी होने की संभावना है। रिजल्ट आते ही सबसे पहले शहरी क्षेत्र के खाली केंद्रों पर डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) के माध्यम से रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही पूरी की जा रही है।
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सीएमओ कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 54 शहरी और 34 ग्रामीण पीएचसी हैं। इनमें से शहरी क्षेत्र के 16 और ग्रामीण क्षेत्र के 17 केंद्रों पर एक भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं है। स्थिति यह है कि सरकार के महत्वाकांक्षी जन आरोग्य मेले में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों के बजाय आयुष डॉक्टर ही मरीजों का परीक्षण कर रहे हैं। डॉक्टरों की कमी की मुख्य वजह पीजी (उच्च शिक्षा) के लिए जाना और अस्थायी नौकरी छोड़ना बताया जा रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्र की इन पीएचसी पर डॉक्टर नहीं
माल के हसनापुर, बाजार गांव, काकोरी के फतेहगंज, बीकेटी के कठवारा, गढ़ा, इंटौजा पूरब गांव, चिनहट के जुग्गौर, मोहनलालगंज के दखिनाशेखपुर, दाऊदनगर, मलिहाबाद के महदोइयां, गोसाईंगंज के बहरौली, गंगागंज, सरोजनीनगर के ऐन, बेंती, बेहटा और उतरेठिया में खुले स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर नहीं है।
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भर्ती जल्द होगी पूरी : सीएमओ
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि एमबीबीएस डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसका परिणाम इसी माह जारी होने की संभावना है। रिजल्ट आते ही सबसे पहले शहरी क्षेत्र के खाली केंद्रों पर डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) के माध्यम से रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही पूरी की जा रही है।