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आदमखोर कुतों के बालिका को नोंच डाला, गंभीर
Updated Thu, 17 May 2018 11:48 PM IST
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आदमखोर कुत्तों के बालिका को नोंच डाला, गंभीर
सीतापुर। आदमखोर कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार सुबह आदमखोर कुत्तों के झुंड ने खैराबाद थाना क्षेत्र में एक बालिका पर हमला बोल दिया। इससे बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई। जबकि बाग में मौजूद दो अन्य बच्चों ने पेड़ पर चढ़कर कुत्तों से जान बचाई।
ये हमला भी ऐसे वक्त हुआ, जब जिले का पूरा सिस्टम आदमखोर कुत्तों की तलाश में जुटा है और उन पर काबू पाने के प्रयास के बड़े-बड़े दावे कर रहा है। हालात ये हैं कि एक तरफ प्रशासन कांबिंग के दावे करता है, तो वहीं दूसरी तरफ आदमखोर कुत्तों के हमले बदस्तूर जारी हैं। यही वजह है कि अब तक 13 बच्चे जान गंवा चुके हैं और 30 घायल हुए हैं।
खैराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम खैरमपुर निवासी छोटेलाल की पुत्री सोनम (10) गुरुवार को अपनी बहन शिवानी व गांव के ही सुशील के पुत्र अनुराग के साथ नित्यक्रिया के लिए गांव के बाहर बाग में गई थी। बताते हैं कि इसी बीच आदमखोर कुत्तों का झुंड वहां पहुंच गया।
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कुत्तों ने सोनम पर हमला बोल दिया। ये देख साथ में मौजूद अनुराग व शिवानी शोर मचाते हुए आम के पेड़ पर चढ़ गए। बच्चों का शोर सुनकर बाग की रखवाली कर रहे लोग लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंचे और कुत्तों को खदेड़ दिया। मगर तब तक सोनम गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी।
परिवारीजनों ने आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। बताते हैं कि जिस दौरान आदमखोर कुत्तों ने बालिका पर हमला बोला, उसी वक्त सिटी मजिस्ट्रेट हर्षदेव पांडेय, थानाध्यक्ष सचिन सिंह पुलिस व वन विभाग की टीम के साथ क्षेत्र में लोगों को जागरूक कर रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों ने मौके पर जाकर पड़ताल की। घटना के प्रत्यक्षदर्शी अनुराग व शिवानी ने बताया कि, चार कुत्तों ने घेरकर सोनम पर हमला किया था। इस घटना से कुछ देर पहले आदमखोर कुत्तों के झुंड ने अशरफपुर में प्यारेलाल की बकरी को मार डाला।
आदमखोर कुत्ताें के हमलों को लेकर क्षेत्र के लोगों में दहशत है। उनका कहना है कि, प्रशासन अभी तक आदमखोर कुत्तों पर अंकुश नहीं लगा पाया है, इस वजह से दहशत होना लाजिमी है। लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।
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सीतापुर। आदमखोर कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार सुबह आदमखोर कुत्तों के झुंड ने खैराबाद थाना क्षेत्र में एक बालिका पर हमला बोल दिया। इससे बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई। जबकि बाग में मौजूद दो अन्य बच्चों ने पेड़ पर चढ़कर कुत्तों से जान बचाई।
ये हमला भी ऐसे वक्त हुआ, जब जिले का पूरा सिस्टम आदमखोर कुत्तों की तलाश में जुटा है और उन पर काबू पाने के प्रयास के बड़े-बड़े दावे कर रहा है। हालात ये हैं कि एक तरफ प्रशासन कांबिंग के दावे करता है, तो वहीं दूसरी तरफ आदमखोर कुत्तों के हमले बदस्तूर जारी हैं। यही वजह है कि अब तक 13 बच्चे जान गंवा चुके हैं और 30 घायल हुए हैं।
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खैराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम खैरमपुर निवासी छोटेलाल की पुत्री सोनम (10) गुरुवार को अपनी बहन शिवानी व गांव के ही सुशील के पुत्र अनुराग के साथ नित्यक्रिया के लिए गांव के बाहर बाग में गई थी। बताते हैं कि इसी बीच आदमखोर कुत्तों का झुंड वहां पहुंच गया।
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कुत्तों ने सोनम पर हमला बोल दिया। ये देख साथ में मौजूद अनुराग व शिवानी शोर मचाते हुए आम के पेड़ पर चढ़ गए। बच्चों का शोर सुनकर बाग की रखवाली कर रहे लोग लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंचे और कुत्तों को खदेड़ दिया। मगर तब तक सोनम गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी।
परिवारीजनों ने आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। बताते हैं कि जिस दौरान आदमखोर कुत्तों ने बालिका पर हमला बोला, उसी वक्त सिटी मजिस्ट्रेट हर्षदेव पांडेय, थानाध्यक्ष सचिन सिंह पुलिस व वन विभाग की टीम के साथ क्षेत्र में लोगों को जागरूक कर रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों ने मौके पर जाकर पड़ताल की। घटना के प्रत्यक्षदर्शी अनुराग व शिवानी ने बताया कि, चार कुत्तों ने घेरकर सोनम पर हमला किया था। इस घटना से कुछ देर पहले आदमखोर कुत्तों के झुंड ने अशरफपुर में प्यारेलाल की बकरी को मार डाला।
आदमखोर कुत्ताें के हमलों को लेकर क्षेत्र के लोगों में दहशत है। उनका कहना है कि, प्रशासन अभी तक आदमखोर कुत्तों पर अंकुश नहीं लगा पाया है, इस वजह से दहशत होना लाजिमी है। लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।