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मां के जयकरों से गूंजे मंदिर
Updated Mon, 19 Mar 2018 10:16 PM IST
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बहराइच। देवी मंदिरों में सोमवार को मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी का पूजन-अर्चन विधिविधान से हुआ। या देवी सर्व भूतेषु सृष्टि रूपेण संस्थिता... से दिनभर वातावरण गुंजायमान रहा। रात को होने वाली आरती में शहर और ग्रामीण अंचलों के विभिन्न मंदिरों में आस्था उमड़ी। माहौल भक्तिमय है। हर तरफ मां दुर्गा के जयकारे सुनाई दे रहे हैं।
नवरात्र महोत्सव का उल्लास गांव, कस्बे व शहरों में दिखाई दे रहा है। मंदिर के द्वार पर बज रही बधाइयों से माहौल भक्तिमय है। जयंती मंगलाकाली भद्र काली कपालिनी, दुर्गा क्षमा शिवाधात्री, स्वाहा स्वधा नमोस्तुते... जैसे मंत्रों से सोमवार को मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रम्हचारिणी की आराधना हुई।
शहर के संहारिणी माता मंदिर, काली माता मंदिर, राम जानकी मंदिर, मौनी बाबा आश्रम, राणी सती मंदिर और सरयू तट पर स्थित मरी माता मंदिर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता रहा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मां दुर्गा की आराधना व साधना में भक्त तल्लीन दिखे।
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देवी मंदिर में मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्माचारिणी की आराधना के लिए भक्तों ने मां ब्रह्माचारिणी नमो नम: के मंत्रों का जाप भी किया। मां ब्रह्माचारिणी को वेद, तत्व, तप, ज्ञान और विद्या की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। मां ब्रह्माचारिणी का आशीर्वाद पाने के लिए मंदिरों में पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
मरी माता मंदिर परिसर में बैरीकेडिंग से गुजरकर लोगों ने पूजा अर्चना की। रिसिया के भोपतपुर चकिया समय माता मंदिर, मोहम्मदा समय माता मंदिर व नगर क्षेत्र में स्थित संतोषी माता मंदिर, हट्ठी बाबा दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर व गांवठ मंदिर पर दूसरे दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा की।
कस्बे में स्थित देवी मंदिर पर रात में हो रही महाआरती में श्रद्धालु बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। अन्य देवी मंदिरों पर भी श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। जगह-जगह बज रहे देवी गीत के कैसेट माहौल को और भक्तिमय बनाते रहे।
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नवरात्र महोत्सव का उल्लास गांव, कस्बे व शहरों में दिखाई दे रहा है। मंदिर के द्वार पर बज रही बधाइयों से माहौल भक्तिमय है। जयंती मंगलाकाली भद्र काली कपालिनी, दुर्गा क्षमा शिवाधात्री, स्वाहा स्वधा नमोस्तुते... जैसे मंत्रों से सोमवार को मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रम्हचारिणी की आराधना हुई।
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शहर के संहारिणी माता मंदिर, काली माता मंदिर, राम जानकी मंदिर, मौनी बाबा आश्रम, राणी सती मंदिर और सरयू तट पर स्थित मरी माता मंदिर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता रहा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मां दुर्गा की आराधना व साधना में भक्त तल्लीन दिखे।
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देवी मंदिर में मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्माचारिणी की आराधना के लिए भक्तों ने मां ब्रह्माचारिणी नमो नम: के मंत्रों का जाप भी किया। मां ब्रह्माचारिणी को वेद, तत्व, तप, ज्ञान और विद्या की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। मां ब्रह्माचारिणी का आशीर्वाद पाने के लिए मंदिरों में पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
मरी माता मंदिर परिसर में बैरीकेडिंग से गुजरकर लोगों ने पूजा अर्चना की। रिसिया के भोपतपुर चकिया समय माता मंदिर, मोहम्मदा समय माता मंदिर व नगर क्षेत्र में स्थित संतोषी माता मंदिर, हट्ठी बाबा दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर व गांवठ मंदिर पर दूसरे दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा की।
कस्बे में स्थित देवी मंदिर पर रात में हो रही महाआरती में श्रद्धालु बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। अन्य देवी मंदिरों पर भी श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। जगह-जगह बज रहे देवी गीत के कैसेट माहौल को और भक्तिमय बनाते रहे।