शिकायत सुनिए वरना पछताएंगे !
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जनसुविधा केंद्र में दर्ज शिकायतों का निस्तारण किए जाने में अनदेखी करना कई अधिकारियों को भारी पड़ा है। जिलाधिकारी राजशेखर ने शनिवार को जनसुविधा केंद्रों में दर्ज शिकायतों के निस्तारण में उपेक्षा करने पर तीन अधिकारियों का वेतन रोका।
इसमें जीएम जलसंस्थान, जीएम गोमती प्रदूषण नियंत्रण इकाई जल निगम व सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने का निर्देश जारी कर दिया। उन्होंने पांच अन्य अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित जन सुविधा केंद्र पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान जीएम जल संस्थान राजीव बाजपेयी के स्तर पर सर्वाधिक 68 शिकायतें लंबित मिलीं।
इनके अलावा जीएम गोमती प्रदूषण नियंत्रण इकाई जल निगम डीके गुप्ता से जुड़ी 23 शिकायतें और अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग से जुड़ी 21 शिकायतें बीते एक माह से निस्तारित न किए जाने के कारण लंबित मिली।
सितंबर का वेतन हुआ लंबित
जानकारी के बावजूद ये तीनों अधिकारी समीक्षा बैठक में भी उपस्थित नहीं हुए। इसी को जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इनके खिलाफ कदम उठाया गया है।
शिकायतों के निस्तारण में उदासीनता बरतने के तीनों अधिकारियों का सितंबर का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। लंबित शिकायतों का निस्तारण किए जाने की रिपोर्ट के बाद ही तीनों अधिकारियों का वेतन जारी होगा।
इसके साथ ही उन्होंने आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र जारी किए जाने में तय मियाद से अधिक समय लगने की शिकायत पर भी कदम उठाया है।
इस मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी, कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्ती बरतने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण भी तलब किया है।