लखनऊ में फिर से मिले स्वाइन फ्लू के नए मरीज
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स्वाइन फ्लू (एच1एन1) से पीड़ित मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। तीन नए मरीज मिलने के बाद कुल मरीजों की संख्या तीस पहुंच गई है। स्वाइन फ्लू से पीड़ित नए मरीज राजधानी के हाई प्रोफाइल इलाके से हैं और इन इलाकों से लगातार मरीज मिल रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि स्वाइन फ्लू अब वायरल हो चुका है और अब उतना खतरा नहीं है जितना कुछ समय पहले था।
सभी पीड़ित मरीजों का इलाज घर पर चल रहा है और मरीजों की निगरानी सीएमओ की टीम कर रही है। स्वाइन फ्लू (एच1एन1) वायरस अब वायरल हो चुका है। आलम ये है कि स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीज अब अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचने लगे हैं।
ओपीडी पहुंचे मरीजों में डॉक्टरों को स्वाइन फ्लू का लक्षण दिखने के बाद जांच के लिए पीजीआई और केजीएमयू भेजा जा रहा है तो उनमें वायरस की पुष्टि हो रही है।
बृहस्पतिवार तो तीन नए मरीज मिले। स्वाइन फ्लू से पीड़ित नए मरीज राजधानी के हाई प्रोफाइल इलाके से हैं। गोमतीनगर के विशालखंड की रहने वाली 55 वर्षीय महिला, पीजीआई रोड स्थित साउथ सिटी की 58 वर्षीय महिला और अलीगंज के रहने वाले नौ वर्षीय बच्चे में वायरस की पुष्टि हुई।
सीएमओ ने बताया कि साउथ सिटी की महिला मरीज को सर्दी जुकाम के बाद परिवारीजन सिविल अस्पताल की ओपीडी लेकर पहुंचे थे। ओपीडी में बैठे डॉक्टर ने लक्षण देखा तो जांच के लिए केजीएमयू भेजा तो उसमें वायरस की पुष्टि हुई।
वहीं बच्चे को परिवारीजन केजीएमयू की ओपीडी लेकर पहुंचे थे जांच में उसे स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जरूरी टेमीफ्लू दवा दे दी है और परिवारीजनों को निर्देश भी दिया है। सभी मरीज का इलाज घर पर चल रहा है और उनकी हालत ठीक बताई जा रही है।
वायरल हआ स्वाइन फ्लू
लोहिया अस्पताल के एक डॉक्टर बताते हैं कि स्वाइन फ्लू अब वायरल हो चुका है। एक दो केस मिलते तो खतरा अधिक रहता। अब ये बीमारी वायरल हो चुकी है। उनका मानना है कि जब कोई वायरस वातावरण में फैलता है तो उसकी चपेट में सबसे पहले कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाला व्यक्ति आता है।
अब वायरस जब वायरल हो चुका है तो हर कोई इस वायरस से थोड़ा बहुत ग्रसित होता हो गया है। मेडिकल की भाषा में पहले स्वाइन फ्लू को पैनडेमिक फिर एपिडेमिक और अब एनडेमिक कहा जाने लगा है।
इसका मतलब होता है कि स्वाइन फ्लू का जो वायरस अभी वातावरण में सक्रिय है वो उतना नुकसानदायक और जानलेवा नहीं है जितना पहले था। समय पर सही से इलाज कराया जाए तो जान बच सकती है और कोई परेशानी नहीं होगी।
लोहिया अस्पताल के ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. वीके शर्मा बताते हैं कि वायरल हो चुके वायरस से बचाव जरूरी है। लोग संक्रमण की चपेट में आने से बचने के लिए पब्लिक प्लेस पर सावधानी बरतने के साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करने में जरूरी एहतियात बरते। अस्पताल जाते वक्त मुंह को ढ़क कर रखें और हाथ मिलाने से बचें। मॉल, सिनेमा हॉल या मार्केट में जाने से पहले अलर्ट रहें और वापस आने पर हाथ मुंह अच्छे से धोएं।
बढ़ रहा है जांच का बोझ
स्वाइन फ्लू (एच1एन1) का वायरस जितनी तेजी से फैल रहा उतनी तेजी से पीजीआई और केजीएमयू की पैथोलॉजी में जांच का लोड भी बढ़ रहा है। केजीएमयू से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश भर से रोजाना 50 से अधिक सैंपल पहुंच रहे हैं।
यही हाल पीजीआई का है और रोजाना तीस से अधिक मरीजों की जांच हो रही है। प्रदेश के दूरदराज से आने वाले सैंपल की जांच रिपोर्ट की जानकारी मरीजों के फोन नंबर के आधार पर दी जा रही है जिससे उनका समय पर इलाज शुरू हो सके और वायरस को फैलने से रोका जा सके।
मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग वायरस को फैलने से रोकने के लिए मरीजों को आइसोलेट नहीं कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की जिद्द का आलम ही है कि बीमारी तेजी से पैर पसार रही है और जनता की हालत खराब हो रही है। राजधानी में ये हाल हाई अलर्ट के बाद है और अब इसपर विराम लगा पाना मुश्किल लग रहा है।
उधर सीएमओ डा एसएनएस यादव ने कहा कि स्वाइन फ्लू के तीन नए मरीज मिले हैं और उनका इलाज घर पर चल रहा है। किसी मरीज की हालत नाजुक नहीं है। टेमीफ्लू दवा और परिवारीजनों को जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है। टीम लगातार मरीजों के परिवार से संपर्क में है। वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर इलाज से सब कुछ ठीक हो सकता है।