सरकार ने यूपी के लोगों को दी एक बड़ी सौगात
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सूबे को इस साल के अंत तक 26 नए ट्रॉमा सेंटर मिल जाएंगे। इनमें 16 ट्रॉमा सेंटर के भवन पूरी तरह तैयार हैं। जबकि 10 ऐसे हैं जिनमें थोड़ा ही काम रह गया है। सरकार ने प्रत्येक ट्रॉमा सेंटर के लिए 50 कर्मचारियों के स्टाफ की तैनाती को मंजूरी दे दी है। इनमें टेक्नीशियन व नर्सिंग स्टाफ शामिल हैं। साथ ही ट्रॉमा सेंटर में लगने वाले उपकरण व मशीनों की भी मंजूरी दे दी गई है।
प्रदेश में इस समय 36 जिले ऐसे हैं, जहां ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन इनमें 26 ऐसे हैं जिन्हें इस वर्ष के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। डॉक्टरों के साथ ओटी टेक्नीशियन, नर्सिंग अटेंडेंट व अन्य कर्मियों के मानक तय किए गए हैं।
ट्रॉमा सेंटर में उपकरण, मशीन व साज-सज्जा के लिए भी मानक तय हो गए हैं। इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, एनेस्थिसिया इक्यूपमेंट, रेडियोलॉजी इक्यूपमेंट, ऑर्थोपैडिक इक्यूपमेंट, ऑपरेशन थिएटर व अन्य सुविधाएं हैं। सभी ट्रॉमा सेंटर में पांच सामान्य बेड व पांच आईसीयू के बेड होंगे।
इस पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने कहा कि साल के अंत तक कई जिलों को ट्रॉमा सेंटर मिल जाएंगे। ट्रॉमा सेंटर संचालन के लिए कितने डॉक्टर, टेक्नीशियन व नर्सिंग स्टाफ की जरूरत होगी, इसका निर्धारण कर दिया गया है।
यह होगा स्टाफ
एनेस्थेटिस्ट--2
ऑर्थोपैडिक सर्जन--2
जनरल सर्जन--2
ईएमओ--3
स्टाफ नर्स--15
ओटी टेक्नीशियन--3
एक्सरे टेक्नीशियन--3
लैब टेक्नीशियन--2
नर्सिंग अटेंडेंट--9
मल्टी टास्क वर्कर--9
इन जिलों के ट्रॉमा सेंटर तैयार
लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, बस्ती, इटावा, फैजाबाद, फतेहपुर, गाजियाबाद, जालौन, जौनपुर, कन्नौज, कानपुर नगर, ललितपुर, सहारनपुर, शाहजहांपुर व वाराणसी।
यहां पूरा होने वाला है निर्माण कार्य
आजमगढ़, बुलंदशहर, फीरोजाबाद, हरदोई, उन्नाव, सोनभद्र, सुल्तानपुर, बलिया व बांदा आदि।