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यूपी: ब्लैक लिस्टेड हुए 23 शिक्षण संस्थान, खत्म होगी मान्यता

Fri, 15 Jul 2016 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 15 Jul 2016 01:52 AM IST
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 23 institutes to be black listed in UP.
demo pic - फोटो : amar ujala

छात्रवृत्ति और शुल्क की भरपाई में गड़बड़ी करने वाले सूबे के 23 शिक्षण संस्थानों को काली सूची में डाल दिया गया है। यही नहीं, समाज कल्याण विभाग ने उनकी मान्यता खत्म कराने के लिए शासन को पत्र भी लिखा है।

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काली सूची में डाले गए 21 संस्थान सहारनपुर और दो संस्थान इलाहाबाद के हैं। इस संबंध में समाज कल्याण निदेशक विजय बहादुर सिंह ने बृहस्पतिवार शाम आदेश जारी कर दिया। इसके तहत अगले पांच साल इन संस्थानों में दाखिला लेने वाले स्टूडेंट्स को वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का कोई लाभ नहीं मिलेगा।
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वहीं इस घपले के समय सहारनपुर में वर्ष 2011 से 2015 के बीच कार्यरत रहे पांच जिला विद्यालय निरीक्षकों शिवलाल, कांता रामपाल, चंद्रशेखर, श्यामा कुमार व राधाकृष्ण तिवारी और दो जिला समाज कल्याण अधिकारियों करुणेश त्रिपाठी और मुश्ताक अहमद की संलिप्तता भी पाई गई है।
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समाज कल्याण निदेशक ने इन सभी अधिकारियों को निलंबित करके उनके खिलाफ विभागीय जांच की संस्तुति भी की है। बता दें, मुश्ताक अहमद अभी भी सहारनपुर में तैनात हैं। इसके अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात बाबू एसवाई कुरैशी के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए लिखा गया है।

घपले की अवधि में समाज कल्याण विभाग में बाबू जगराम सिंह तैनात थे, मगर उनकी कुछ समय पहले मृत्यु हो चुकी है। वहीं, इस अवधि में इलाहाबाद में तैनात रहे अधिकारियों की सूची भी निदेशालय ने तलब की है, ताकि उनके खिलाफ भी कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जा सके।

क्या है मामला

 23 institutes to be black listed in UP.
demo pic - फोटो : अमर उजाला

वर्ष 2011-12 से 2014-15 के बीच सहारनपुर और इलाहाबाद में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में बड़े पैमाने पर धांधली किए जाने की शिकायत शासन को मिली थी। जांच में पाया गया कि इन वर्षों में सहारनपुर के 21 और इलाहाबाद के दो संस्थानों ने फर्जी छात्र दिखाकर करीब 15 करोड़ रुपये हड़प लिए।

बिना मान्यता के कोर्सों में भी विद्यार्थी दिखाकर इस योजना का लाभ लिया। जिस सर्टिफिकेट कोर्स की फीस महज 480 रुपये थी, उसे डिप्लोमा कोर्स दिखाकर प्रति छात्र 36 हजार रुपये सालाना तक शुल्क की भरपाई ली।

इलाहाबाद के दो संस्थानों गौतमबुद्ध महाविद्यालय जलालपुर सैदाबाद और गौतमबुद्ध महाविद्यालय फूलपुर ने तो दूसरे संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों को अपने यहां दिखाकर योजना के तहत मिली राशि की बंदरबांट की।

दोषी संस्थानों से होगी वसूली
दोषी ठहराए गए सभी संस्थानों से घपले की रकम वसूली जाएगी। समाज कल्याण निदेशक नेवित्त नियंत्रक को निर्देश दिए हैं कि वे सप्ताह भर के भीतर रिपोर्ट दें कि इनमें से किस संस्थान ने कितनी रकम हड़पी है। इस रिपोर्ट के आधार पर वसूली के लिए जिलाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।

सहारनपुर के ब्लैकलिस्टेड संस्थान

 23 institutes to be black listed in UP.
demo pic

महर्षि चरक पैरामेडिकल कॉलेज, सहारनपुर इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज, मिलेनियम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, कृष्णा एजुकेशन ट्रस्ट आईटीआई, कमलेश पैरामेडिकल प्राइवेट आईटीआई, अपूर्वा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, द्वारिकाधीश रिसर्च एजुकेशन एंड मैनेजमेंट स्कूल, ड्रीम्स कॉलेज ऑफ पॉलीटेक्निक, जनहित डिग्री कॉलेज, जनहित ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन, हरी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, हरी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट, देव रिषी कॉलेज ऑफ पॉलीटेक्निक, इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, कृष्णा कॉलेज ऑफ लॉ, कृष्णा कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट, मंदोरिया पैरा मेडिकल कॉलेज, स्टैलियन कॉलेज फॉर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (पॉलीटेक्निक), स्टैलियन कॉलेज फॉर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी और श्री कृष्णा कॉलेज ऑफ लॉ।

इलाहाबाद के ब्लैकलिस्टेड संस्थान
गौतमबुद्ध महाविद्यालय जलालपुर सैदाबाद और गौतमबुद्ध महाविद्यालय फूलपुर।

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