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आठ हजार किसानों के सामने सिंचाई का संकट
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:33 AM IST
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जमुनीपुर (अंबेडकरनगर)। महावां व चंदौली माइनरों में पानी न होने से तीन दर्जन गांवों के आठ हजार किसानों के सामने सिचाई का संकट पैदा हो गया है। शारदा सहायक नहर में तो पानी छोड़ दिया गया, लेकिन इससे जुड़ी महावां व चंदौली माइनरों अब तक पानी नहीं छोड़ा गया। दोनों माइनरों में घासें उग आई हैं। बालू से नहरें पटी हुईं हैं। माइनरों में पानी न होने से लगभग 8 हजार किसान परेशान हैं। माइनरों में पानी न होने से धान की बेड़न तैयार नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र ही पानी नहीं आया, तो धान की रोपाई भी बाधित हो सकती है।
अकबरपुर तहसील की जमुनीपुर बाजार के निकट से होकर गुजरने वाली महावां व चंदौली माइनर से जुड़े किसान इस समय में संकट में हैं। जिले से होकर गुजरने वाली शारदा सहायक नहर में मांग के बाद पानी छोड़ दिया गया, लेकिन इससे जुड़ी महावां व चंदौली माइनरों में अब तक पानी नहीं छोड़ा गया। महावां माइनर की चार वर्ष से और चंदौली की भी दो वर्ष से सफाई नहीं की करवाई गई। नतीजतन दोनों माइनरों में जंगली घासें उग आई हैं। जगह-जगह बालू के टीले बन गए हैं। इन दोनों माइनरों के कमांड क्षेत्र में फूलपुर, अकबेलपुर, सुल्तानपुर, भगवानपुर, जमुनीपुर, महावां, विक्रमपुर, रसूलपुर, लोदीपुर, भूवनपुर, तहिरापुर, भगौतीपुर, गोपालपुर, मेरड़ी, कमलापुर, लहनपुर, दहियावर, सूरापुर समेत लगभग तीन दर्जन गांव हैं। इन गावों के लगभग 8 हजार किसान पानी के लिए परेशान। धान की बेड़न तैयार करने का समय चल रहा है। पानी न होने से किसान बेरन के लिए खेत नहीं तैयार कर पा रहे हैं। जिन किसानों ने किसी प्रकार से बेरन डाल भी दी है, तो वे सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
समस्या न दूर हुई तो होगा प्रदर्शन
किसान विनोद वर्मा व बाबूलाल ने कहा कि दोनों माइनरों में पानी न होने से धान की बेड़न डालने का कार्य पूरी तरह ठप है। यदि शीघ्र ही पानी नहीं मिला तो धान की खेती बुरी तरह प्रभावित होगी। किसान संतोष, मिश्रीलाल, रामप्रकाश व राजमणि ने कहा कि माइनर की साफ-सफाई व पानी छोड़े जाने की मांग अरसे से की जा रही है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। कहा कि यदि शीघ्र ही साफ-सफाई कर पानी नहीं डाला गया, तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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दिए गए हैं आवश्यक दिशा निर्देश
माइनरों की साफ सफाई व उसमें पानी डालने के लिए नहर विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही साफ सफाई का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। -गिरिजेश त्यागी, एडीएम
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अकबरपुर तहसील की जमुनीपुर बाजार के निकट से होकर गुजरने वाली महावां व चंदौली माइनर से जुड़े किसान इस समय में संकट में हैं। जिले से होकर गुजरने वाली शारदा सहायक नहर में मांग के बाद पानी छोड़ दिया गया, लेकिन इससे जुड़ी महावां व चंदौली माइनरों में अब तक पानी नहीं छोड़ा गया। महावां माइनर की चार वर्ष से और चंदौली की भी दो वर्ष से सफाई नहीं की करवाई गई। नतीजतन दोनों माइनरों में जंगली घासें उग आई हैं। जगह-जगह बालू के टीले बन गए हैं। इन दोनों माइनरों के कमांड क्षेत्र में फूलपुर, अकबेलपुर, सुल्तानपुर, भगवानपुर, जमुनीपुर, महावां, विक्रमपुर, रसूलपुर, लोदीपुर, भूवनपुर, तहिरापुर, भगौतीपुर, गोपालपुर, मेरड़ी, कमलापुर, लहनपुर, दहियावर, सूरापुर समेत लगभग तीन दर्जन गांव हैं। इन गावों के लगभग 8 हजार किसान पानी के लिए परेशान। धान की बेड़न तैयार करने का समय चल रहा है। पानी न होने से किसान बेरन के लिए खेत नहीं तैयार कर पा रहे हैं। जिन किसानों ने किसी प्रकार से बेरन डाल भी दी है, तो वे सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
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समस्या न दूर हुई तो होगा प्रदर्शन
किसान विनोद वर्मा व बाबूलाल ने कहा कि दोनों माइनरों में पानी न होने से धान की बेड़न डालने का कार्य पूरी तरह ठप है। यदि शीघ्र ही पानी नहीं मिला तो धान की खेती बुरी तरह प्रभावित होगी। किसान संतोष, मिश्रीलाल, रामप्रकाश व राजमणि ने कहा कि माइनर की साफ-सफाई व पानी छोड़े जाने की मांग अरसे से की जा रही है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। कहा कि यदि शीघ्र ही साफ-सफाई कर पानी नहीं डाला गया, तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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दिए गए हैं आवश्यक दिशा निर्देश
माइनरों की साफ सफाई व उसमें पानी डालने के लिए नहर विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही साफ सफाई का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। -गिरिजेश त्यागी, एडीएम