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जिले में अफसरों का टोटा बचत
Updated Sat, 15 Jul 2017 10:47 PM IST
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नौ विभागों में अफसरों का टोटा, कामकाज प्रभावित
सरकारी योजनाओं की प्रगति पड़ी सुस्त
आमजन को उठानी पड़ रही दिक्कतें
सीतापुर। जिले में अफसरों का टोटा है। यहां नौ जिला स्तरीय अफसरों की कुर्सियां खाली हैं। इनमें समाज कल्याण अधिकारी से लेकर विकलांग कल्याण अधिकारी सरीखे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। नतीजतन जिले का विकास और लोगों के कामकाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं। अफसरों की कमी को लेकर शासन ने रिपोर्ट तलब की है। जिला प्रशासन की ओर से रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
प्रदेश में अफसरों की कमी का असर जिले में भी देखने को मिल रहा है। यहां पर तकरीबन 90 जिला स्तरीय अधिकारियों के पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष नौ महत्वपूर्ण विभागों के जिला स्तरीय अफसरों की कुर्सियां खाली पड़ी हैं। इन्हें रिक्त हुए एक पखवारा हुआ है। इन अफसरों की तैनाती न होने से विभागीय कामकाज तो प्रभावित होते ही हैं, विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। वहीं अफसरों की कमी का खामियाजा सबसे ज्यादा आम जनता को भुगतना पड़ता है। दूरदराज क्षेत्रों से अपनी समस्याएं लेकर आने वाले लोगों को अफसरों की खाली कुर्सियां मुंह चिढ़ाती हैं। फरियादियों को अफसरों के न होने का हवाला देकर वापस कर दिया जाता है।
बाक्स
इन अफसरों के रिक्त हैं पद
भूमि संरक्षण अधिकारी सीतापुर, महोली, जिला उद्योग केंद्र अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी डूडा, विकलांग कल्याण अधिकारी, ज्वाइंट कमिश्नर कार्यपालक वाणिज्य कर।
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बाक्स
शासन को भेजी गई रिपोर्ट
जिले में अफसरों के रिक्त पदों की रिपोर्ट शासन से मांगीं गई थी। शासन को यहां से रिपोर्ट भेज दी गई है।
सारिका मोहन, डीएम
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सरकारी योजनाओं की प्रगति पड़ी सुस्त
आमजन को उठानी पड़ रही दिक्कतें
सीतापुर। जिले में अफसरों का टोटा है। यहां नौ जिला स्तरीय अफसरों की कुर्सियां खाली हैं। इनमें समाज कल्याण अधिकारी से लेकर विकलांग कल्याण अधिकारी सरीखे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। नतीजतन जिले का विकास और लोगों के कामकाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं। अफसरों की कमी को लेकर शासन ने रिपोर्ट तलब की है। जिला प्रशासन की ओर से रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
प्रदेश में अफसरों की कमी का असर जिले में भी देखने को मिल रहा है। यहां पर तकरीबन 90 जिला स्तरीय अधिकारियों के पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष नौ महत्वपूर्ण विभागों के जिला स्तरीय अफसरों की कुर्सियां खाली पड़ी हैं। इन्हें रिक्त हुए एक पखवारा हुआ है। इन अफसरों की तैनाती न होने से विभागीय कामकाज तो प्रभावित होते ही हैं, विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। वहीं अफसरों की कमी का खामियाजा सबसे ज्यादा आम जनता को भुगतना पड़ता है। दूरदराज क्षेत्रों से अपनी समस्याएं लेकर आने वाले लोगों को अफसरों की खाली कुर्सियां मुंह चिढ़ाती हैं। फरियादियों को अफसरों के न होने का हवाला देकर वापस कर दिया जाता है।
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इन अफसरों के रिक्त हैं पद
भूमि संरक्षण अधिकारी सीतापुर, महोली, जिला उद्योग केंद्र अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी डूडा, विकलांग कल्याण अधिकारी, ज्वाइंट कमिश्नर कार्यपालक वाणिज्य कर।
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शासन को भेजी गई रिपोर्ट
जिले में अफसरों के रिक्त पदों की रिपोर्ट शासन से मांगीं गई थी। शासन को यहां से रिपोर्ट भेज दी गई है।
सारिका मोहन, डीएम