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रमपुरवा व निशानगाड़ा गेस्ट हाउस की बदलेगी सूरत
Updated Thu, 07 Jun 2018 10:15 PM IST
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बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट संरक्षित वन प्रभाग के रमपुरवा व निशान गाड़ा गेस्ट हाउस को संवारने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए 1.70 करोड़ का बजट शासन ने जारी किया है।
बजट से दोनों गेस्ट हाउस के निकट दो मंजिला वाचिंग टॉवर बनेगा। इंटरलॉकिंग का कार्य भी कराया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस वन प्रभाग में सात रेंज हैं। इनमें निशान गाड़ा और रमपुरवा में गेस्ट हाउस स्थापित है।
ये दोनों गेस्ट हाउस घने जंगल के बीच हैं। जिसके कारण अक्सर यहां पर पर्यटकों का आवागमन रहता है। घना जंगल होने से वनकर्मियों को गश्त में परेशानी होती है।
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पर्यटकों को भी एक स्थान से जंगल का नजारा नहीं दिख पाता। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए निशान गाड़ा व रमपुरवा गेस्ट हाउस के निकट दो मंजिला सीमेंटेड वॉच टावर निर्माण को शासन ने हरी झंडी दी है।
रेलवे क्रॉसिंग से निशानगाड़ा गेस्ट हाउस तक सवा किलोमीटर लंबे खड़ंजा मार्ग को इंटरलॉकिंग मार्ग में तब्दील करने की अनुमति शासन ने दी है। इन विकास योजनाओं पर 1.70 करोड़ का बजट खर्च होगा।
निशानगाड़ा के वन क्षेत्राधिकारी दयाशंकर ने बताया कि बजट की प्रथम किश्त जारी हो गई है। जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया है। प्रयास है कि बरसात के पूर्व निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए।
इन पर होगा खर्च
निशानगाड़ा में दो मंजिला वाच टावर पर 10 लाख, रमपुरवा में दो मंजिला वाच टावर पर 10 लाख, निशानगाड़ा में इंटरलाकिंग का कार्य 1.5 करोड़ रुपये से होगा।
पुरानी ईंटों से निर्माण शुरू
निशानगाड़ा रेंज में सवा किलोमीटर तक लगे खड़ंजा मार्ग को निकालने के बाद खड़ंजे की पुरानी ईंटो से ही वाच टावर के निर्माण की कवायद भी शुरू कर दी गई है। वाच टावर के नींव और दीवारों के लिए ईंटों की साफ-सफाई की जा रही है।
पारदर्शिता पूर्ण होगा कार्य, करेंगे जांच
पर्यटकों की सुविधा व वनकर्मियों की सुरक्षित गश्त के लिए वाच टावर और इंटरलॉकिंग मार्ग निर्माण को शासन ने हरी झंडी दी है। कार्य शुरू करवा दिया गया है।
अनियमितता की कुछ शिकायतें मिली हैं। स्वयं जांच करेंगे। कार्य पारदर्शितापूर्ण होगा, जो भी गड़बड़ी करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-जीपी सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, कतर्नियाघाट
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बजट से दोनों गेस्ट हाउस के निकट दो मंजिला वाचिंग टॉवर बनेगा। इंटरलॉकिंग का कार्य भी कराया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस वन प्रभाग में सात रेंज हैं। इनमें निशान गाड़ा और रमपुरवा में गेस्ट हाउस स्थापित है।
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ये दोनों गेस्ट हाउस घने जंगल के बीच हैं। जिसके कारण अक्सर यहां पर पर्यटकों का आवागमन रहता है। घना जंगल होने से वनकर्मियों को गश्त में परेशानी होती है।
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पर्यटकों को भी एक स्थान से जंगल का नजारा नहीं दिख पाता। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए निशान गाड़ा व रमपुरवा गेस्ट हाउस के निकट दो मंजिला सीमेंटेड वॉच टावर निर्माण को शासन ने हरी झंडी दी है।
रेलवे क्रॉसिंग से निशानगाड़ा गेस्ट हाउस तक सवा किलोमीटर लंबे खड़ंजा मार्ग को इंटरलॉकिंग मार्ग में तब्दील करने की अनुमति शासन ने दी है। इन विकास योजनाओं पर 1.70 करोड़ का बजट खर्च होगा।
निशानगाड़ा के वन क्षेत्राधिकारी दयाशंकर ने बताया कि बजट की प्रथम किश्त जारी हो गई है। जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया है। प्रयास है कि बरसात के पूर्व निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए।
इन पर होगा खर्च
निशानगाड़ा में दो मंजिला वाच टावर पर 10 लाख, रमपुरवा में दो मंजिला वाच टावर पर 10 लाख, निशानगाड़ा में इंटरलाकिंग का कार्य 1.5 करोड़ रुपये से होगा।
पुरानी ईंटों से निर्माण शुरू
निशानगाड़ा रेंज में सवा किलोमीटर तक लगे खड़ंजा मार्ग को निकालने के बाद खड़ंजे की पुरानी ईंटो से ही वाच टावर के निर्माण की कवायद भी शुरू कर दी गई है। वाच टावर के नींव और दीवारों के लिए ईंटों की साफ-सफाई की जा रही है।
पारदर्शिता पूर्ण होगा कार्य, करेंगे जांच
पर्यटकों की सुविधा व वनकर्मियों की सुरक्षित गश्त के लिए वाच टावर और इंटरलॉकिंग मार्ग निर्माण को शासन ने हरी झंडी दी है। कार्य शुरू करवा दिया गया है।
अनियमितता की कुछ शिकायतें मिली हैं। स्वयं जांच करेंगे। कार्य पारदर्शितापूर्ण होगा, जो भी गड़बड़ी करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-जीपी सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, कतर्नियाघाट