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30 फीट गहरे नाले मेें गिरा तेंदुआ, टूटी कमर
Updated Thu, 24 May 2018 11:00 PM IST
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हरैया सतघरवा (बलरामपुर)। जंगल में घूम रहा तेंदुआ अचानक करीब 30 फीट गहरे पहाड़ी नाले में गिर गया, जिससे तेंदुए की कमर टूट गई और वह उठ नहीं पा रहा है। तेंदुए को इलाज के लिए पिंजड़े में बंद कर लखनऊ भेजा जा रहा है।
सोहेलवा सेंचुरी के बनकटवा रेंज स्थित हेंगहा पहाड़ी नाले में गुरुवार सुबह एक तेंदुआ घायल मिला है। रेंजर तिलकराम आर्य ने बताया कि बुधवार की रात तेंदुआ 30 फीट की ऊंचाई से हेंगहा पहाड़ी नाले में गिर गया। जिससे तेंदुए की कमर टूट गई है और उसे गंभीर चोट लगी है। घायल होने के कारण तेंदुआ काफी देर तक बेहोश पड़ा रहा। आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और उसके बाद भी तेेंदुए के शरीर में कोई हरकत नहीं दिखी। लोगों का कहना था कि भीषण गर्मी में पानी की तलाश कर रहा तेंदुआ अचानक नाले में गिरा है। वहीं वन विभाग का दावा है कि पानी की तलाश नहीं, बल्कि तेंदुुआ अन्य कारणों से नाले में गिरा है। मौके पर पहुंचे वनरक्षक जमील अहमद व वन दरोगा श्रीमन नारायण शुक्ला ने पानी आदि डालकर तेंदुए को थोड़ी राहत दी। होश में आने के बाद भी तेंदुआ उठ नहीं पा रहा है। तेंदुए की सुुरक्षा में पुलिस, एसएसबी व वन विभाग की टीम को तैनात किया गया है। लखनऊ से ट्रैंकुलाइजर टीम को बुलाया गया है। तेंदुए को बेहोश कर पिजड़े के माध्यम से इलाज के लिए लखनऊ ले जाया जा रहा है। डीएफओ रुस्तम परवेज ने बताया कि रात में क्षेत्र में आए तूफान की वजह से तेंदुए के नाले में गिरने की संभावना दिख रही है या तो तेंदुआ किसी शिकार का पीछा करते हुए नाले में गिरा है। तेंदुए को इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया है।
...तो क्या वाटरहोलों में नहीं भरा जा रहा पानी
हेंगहा नाले में गिरे तेंदुए के बारे में आसपास के लोगों का कहना है कि तेंदुआ पानी की तलाश में भटकते हुए नाले में गिरा है, जबकि गर्मी के सीजन में जंगली जानवरों की प्यास बुझाने के लिए वन क्षेत्र में लाखों की लागत से वाटर होल बनवाए गए है। वन विभाग गर्मी शुरु होते ही इन वाटर होलों में पानी भरवाता है। पानी की तलाश में हेंगहा पहाड़ी नाले में गिरकर घायल हुए तेंदुए ने वन विभाग की पोल खोल दी है। यदि वाटर होलों में पानी होता तो तेंदुआ बच सकता था। इससे यह साबित हो रहा है कि पेयजल के लिए वाटरहोलों पर खर्च की जाने वाली लाखों रुपये की धनराशि का जंगली जानवरों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में डीएफओ रुस्तम परवेज ने बताया कि वाटरहोलों में पानी भरवाने की व्यवस्था की जा रही है।
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सोहेलवा सेंचुरी के बनकटवा रेंज स्थित हेंगहा पहाड़ी नाले में गुरुवार सुबह एक तेंदुआ घायल मिला है। रेंजर तिलकराम आर्य ने बताया कि बुधवार की रात तेंदुआ 30 फीट की ऊंचाई से हेंगहा पहाड़ी नाले में गिर गया। जिससे तेंदुए की कमर टूट गई है और उसे गंभीर चोट लगी है। घायल होने के कारण तेंदुआ काफी देर तक बेहोश पड़ा रहा। आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और उसके बाद भी तेेंदुए के शरीर में कोई हरकत नहीं दिखी। लोगों का कहना था कि भीषण गर्मी में पानी की तलाश कर रहा तेंदुआ अचानक नाले में गिरा है। वहीं वन विभाग का दावा है कि पानी की तलाश नहीं, बल्कि तेंदुुआ अन्य कारणों से नाले में गिरा है। मौके पर पहुंचे वनरक्षक जमील अहमद व वन दरोगा श्रीमन नारायण शुक्ला ने पानी आदि डालकर तेंदुए को थोड़ी राहत दी। होश में आने के बाद भी तेंदुआ उठ नहीं पा रहा है। तेंदुए की सुुरक्षा में पुलिस, एसएसबी व वन विभाग की टीम को तैनात किया गया है। लखनऊ से ट्रैंकुलाइजर टीम को बुलाया गया है। तेंदुए को बेहोश कर पिजड़े के माध्यम से इलाज के लिए लखनऊ ले जाया जा रहा है। डीएफओ रुस्तम परवेज ने बताया कि रात में क्षेत्र में आए तूफान की वजह से तेंदुए के नाले में गिरने की संभावना दिख रही है या तो तेंदुआ किसी शिकार का पीछा करते हुए नाले में गिरा है। तेंदुए को इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया है।
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...तो क्या वाटरहोलों में नहीं भरा जा रहा पानी
हेंगहा नाले में गिरे तेंदुए के बारे में आसपास के लोगों का कहना है कि तेंदुआ पानी की तलाश में भटकते हुए नाले में गिरा है, जबकि गर्मी के सीजन में जंगली जानवरों की प्यास बुझाने के लिए वन क्षेत्र में लाखों की लागत से वाटर होल बनवाए गए है। वन विभाग गर्मी शुरु होते ही इन वाटर होलों में पानी भरवाता है। पानी की तलाश में हेंगहा पहाड़ी नाले में गिरकर घायल हुए तेंदुए ने वन विभाग की पोल खोल दी है। यदि वाटर होलों में पानी होता तो तेंदुआ बच सकता था। इससे यह साबित हो रहा है कि पेयजल के लिए वाटरहोलों पर खर्च की जाने वाली लाखों रुपये की धनराशि का जंगली जानवरों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में डीएफओ रुस्तम परवेज ने बताया कि वाटरहोलों में पानी भरवाने की व्यवस्था की जा रही है।
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