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नानपारा में अवैध दुकानों पर गरजा बुलडोजर
Updated Sat, 07 Apr 2018 10:16 PM IST
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नानपारा (बहराइच)। नानपारा में शनिवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चला। इससे नगर में अफरातफरी रही। व्यवसायियों के वर्षों पुराने प्रतिष्ठान तोड़ दिए गए।
इससे व्यापारियों में उबाल है। जगह-जगह अतिक्रमण हटाओ अभियान की टीम और व्यापारियों में झड़प भी हुई। जैसे-तैसे दिन गुजरा।
कई व्यापारियों ने टीम द्वारा दुकानों से कैश गायब करने और लाखों का माल कब्जे में लेने का भी आरोप लगाया है। नानपारा में शनिवार को अचानक अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की गई।
उप जिलाधिकारी गौरांग राठी की मौजूदगी में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी संतोष चौधरी, अवर अभियंता नेहा खान, सीओ एसके यादव, प्रभारी निरीक्षक संजय दूबे की मौजूदगी में नगर क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला।
जेसीबी से कतर्निया तिराहे से अभियान की शुरुआत हुई। सबसे पहले नगर पालिका परिषद की ओर से आवंटित चबूतरे पर दुकानें लगाए सब्जी व्यवसायियों की दुकानों को तोड़ाफोड़ा गया। चबूतरे को ढहा दिया गया।
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इमामगंज चौराहे पर 20 वर्ष से दुकान पर काबिज एकांत श्रीवास्तव की स्टेशनरी की दुकान पर जेसीबी चलाई गई। एकांत का कहना है कि इलाज के लिए दुकान पर रखा ढाई लाख रुपये कैश टीम ने गायब कर दिया।
तीन लाख से अधिक का सामान कब्जे में ले लिया। इसके बाद विजय रेस्टोरेंट को तोड़ा गया। विजय के मुताबिक बैंक का कर्ज अदा करने के लिए उन्होंने 6.72 लाख रुपये इकट्ठा किया था। वह दुकान से गायब हो गया।
फ्रीजर, फ्रिज समेत सारा सामान तोड़ दिया गया। सात लाख से अधिक का सामान नपाप ने जब्त कर लिया। इसके बाद पुरानी तहसील के पास रवि, आदित्य, संतोष, चुन्ना समेत पांच दुकानों को जेसीबी से ढहाया गया।
यहां भी सामान की जब्ती की गई। कार्रवाई से इमामगंज चौराहे पर पुरानी तहसील के पास टीम व व्यवसायियों में झड़प की स्थिति बनी। जैसे-तैसे मामला शांत हुआ।
इस मामले में नपाप के अधिशासी अधिकारी का कहना है कि सभी अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद नपाप की जमीन खाली न करने पर अभियान चलाया गया है।
नपाप ने ही आवंटित किया, फिर कैसे हुआ अवैध कब्जा
नानपारा की पूर्व चेयरमैन व सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष नसीबुननिशा का कहना है कि जितने कब्जे अभियान में ढहाए गए हैं, उन सब का आवंटन नगर पालिका परिषद की ओर से ही किया गया है।
ऐसे में कब्जे अवैध नहीं हैं। सभी आवंटन की रसीदें मौजूद हैं। नपाप प्रशासन मनमानी कर रहा है। उन्होंने इस मामले में जिलाधिकारी को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर जब्त नकदी और सामान को तुरंत वापस कराने, पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
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इससे व्यापारियों में उबाल है। जगह-जगह अतिक्रमण हटाओ अभियान की टीम और व्यापारियों में झड़प भी हुई। जैसे-तैसे दिन गुजरा।
कई व्यापारियों ने टीम द्वारा दुकानों से कैश गायब करने और लाखों का माल कब्जे में लेने का भी आरोप लगाया है। नानपारा में शनिवार को अचानक अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की गई।
उप जिलाधिकारी गौरांग राठी की मौजूदगी में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी संतोष चौधरी, अवर अभियंता नेहा खान, सीओ एसके यादव, प्रभारी निरीक्षक संजय दूबे की मौजूदगी में नगर क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला।
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जेसीबी से कतर्निया तिराहे से अभियान की शुरुआत हुई। सबसे पहले नगर पालिका परिषद की ओर से आवंटित चबूतरे पर दुकानें लगाए सब्जी व्यवसायियों की दुकानों को तोड़ाफोड़ा गया। चबूतरे को ढहा दिया गया।
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इमामगंज चौराहे पर 20 वर्ष से दुकान पर काबिज एकांत श्रीवास्तव की स्टेशनरी की दुकान पर जेसीबी चलाई गई। एकांत का कहना है कि इलाज के लिए दुकान पर रखा ढाई लाख रुपये कैश टीम ने गायब कर दिया।
तीन लाख से अधिक का सामान कब्जे में ले लिया। इसके बाद विजय रेस्टोरेंट को तोड़ा गया। विजय के मुताबिक बैंक का कर्ज अदा करने के लिए उन्होंने 6.72 लाख रुपये इकट्ठा किया था। वह दुकान से गायब हो गया।
फ्रीजर, फ्रिज समेत सारा सामान तोड़ दिया गया। सात लाख से अधिक का सामान नपाप ने जब्त कर लिया। इसके बाद पुरानी तहसील के पास रवि, आदित्य, संतोष, चुन्ना समेत पांच दुकानों को जेसीबी से ढहाया गया।
यहां भी सामान की जब्ती की गई। कार्रवाई से इमामगंज चौराहे पर पुरानी तहसील के पास टीम व व्यवसायियों में झड़प की स्थिति बनी। जैसे-तैसे मामला शांत हुआ।
इस मामले में नपाप के अधिशासी अधिकारी का कहना है कि सभी अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद नपाप की जमीन खाली न करने पर अभियान चलाया गया है।
नपाप ने ही आवंटित किया, फिर कैसे हुआ अवैध कब्जा
नानपारा की पूर्व चेयरमैन व सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष नसीबुननिशा का कहना है कि जितने कब्जे अभियान में ढहाए गए हैं, उन सब का आवंटन नगर पालिका परिषद की ओर से ही किया गया है।
ऐसे में कब्जे अवैध नहीं हैं। सभी आवंटन की रसीदें मौजूद हैं। नपाप प्रशासन मनमानी कर रहा है। उन्होंने इस मामले में जिलाधिकारी को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर जब्त नकदी और सामान को तुरंत वापस कराने, पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।