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बिना मान्यता के 300 स्कूलों पर गिरेगी गाज
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:32 PM IST
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बहराइच। जिले में लगभग 300 स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। इनमें प्राथमिक और जूनियर विद्यालय शामिल हैं। बिना मान्यता के ही अभिभावकों से मोटी फीस भी वसूल रहे हैं। बाद में अभिभावकों को छात्रों के प्रवेश के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
इस समस्या को देखते हुए सभी गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को चिन्हित करवाकर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। नए सत्र के आगामी सप्ताह से इन स्कूलों की निगरानी शुरू होगी। अगर स्कूल संचालित होते मिले तो प्रति स्कूल प्रतिदिन के हिसाब से 10 हजार रुपये जुर्माना लगेगा। इसके साथ ही एफआईआर भी होगी।
जिले के 14 विकास खंडों में लगभग 170 प्राथमिक और 130 जूनियर विद्यालय ऐसे हैं जो बिना मान्यता और पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। जिससे प्रतिवर्ष सरकार को राजस्व का चूना तो लग ही रहा है, इन स्कूलों में अध्ययन करने वाले छात्रों का भविष्य भी दांव पर रहता है।
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ऐसे स्कूलों में पढ़ाई करने वाले छात्र कक्षा पांच और आठ की पढ़ाई पूरी होने के बाद जब प्रवेश के लिए पहुंचते हैं, तब स्कूल के गैर मान्यता होने के चलते उनका प्रवेश आगामी कक्षाओं में होने में दिक्कत आती है। इससे अभिभावकों की भी मुश्किलें बढ़ती हैं। ऐसे सभी 300 स्कूलों को चिन्हित कर उन्हें नोटिस जारी किया गया है।
अमर उजाला से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि नोटिस जारी होने के बाद लगभग 90 स्कूल संचालकों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। लेकिन मान्यता न होने तक स्कूल का संचालन न करने के आदेश दिए गए हैं।
इसके बावजूद नवीन सत्र के लिए बिना मान्यता के संचालित स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की सूचना मिली है। उन पर शिकंजा कसने के लिए उन्हें चिन्हित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। सभी विकास खंडों में खंड शिक्षा अधिकारियों को निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार से मुआयने की शुरुआत होगी।
अगर कोई भी स्कूल बिना मान्यता के संचालित होता मिला तो संबंधित स्कूल से प्रतिदिन के हिसाब से 10 हजार रुपया जुर्माना वसूला जाएगा। एफआईआर की कार्रवाई भी स्कूल प्रशासन के खिलाफ की जाएगी।
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इस समस्या को देखते हुए सभी गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को चिन्हित करवाकर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। नए सत्र के आगामी सप्ताह से इन स्कूलों की निगरानी शुरू होगी। अगर स्कूल संचालित होते मिले तो प्रति स्कूल प्रतिदिन के हिसाब से 10 हजार रुपये जुर्माना लगेगा। इसके साथ ही एफआईआर भी होगी।
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जिले के 14 विकास खंडों में लगभग 170 प्राथमिक और 130 जूनियर विद्यालय ऐसे हैं जो बिना मान्यता और पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। जिससे प्रतिवर्ष सरकार को राजस्व का चूना तो लग ही रहा है, इन स्कूलों में अध्ययन करने वाले छात्रों का भविष्य भी दांव पर रहता है।
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ऐसे स्कूलों में पढ़ाई करने वाले छात्र कक्षा पांच और आठ की पढ़ाई पूरी होने के बाद जब प्रवेश के लिए पहुंचते हैं, तब स्कूल के गैर मान्यता होने के चलते उनका प्रवेश आगामी कक्षाओं में होने में दिक्कत आती है। इससे अभिभावकों की भी मुश्किलें बढ़ती हैं। ऐसे सभी 300 स्कूलों को चिन्हित कर उन्हें नोटिस जारी किया गया है।
अमर उजाला से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि नोटिस जारी होने के बाद लगभग 90 स्कूल संचालकों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। लेकिन मान्यता न होने तक स्कूल का संचालन न करने के आदेश दिए गए हैं।
इसके बावजूद नवीन सत्र के लिए बिना मान्यता के संचालित स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की सूचना मिली है। उन पर शिकंजा कसने के लिए उन्हें चिन्हित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। सभी विकास खंडों में खंड शिक्षा अधिकारियों को निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार से मुआयने की शुरुआत होगी।
अगर कोई भी स्कूल बिना मान्यता के संचालित होता मिला तो संबंधित स्कूल से प्रतिदिन के हिसाब से 10 हजार रुपया जुर्माना वसूला जाएगा। एफआईआर की कार्रवाई भी स्कूल प्रशासन के खिलाफ की जाएगी।