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हत्या के बाद निकाली आंखें
Updated Mon, 18 Sep 2017 12:03 AM IST
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बाराबंकी। नदी किनारे पड़े मिले युवक की हत्या करने के बाद बेखौफ हत्यारों ने उसकी दोनों आंखें निकालने के साथ ही नाजुक अंग को भी काट लिया। वारदात के बाद पुलिस मामले को दबाने में भी जुटी रही लेकिन उच्चाधिकारियों तक बात पहुंचने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच शुरू किया है। पुलिस ने गांव के कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ शुरू किया है। एएसपी ने कहा जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
असंद्रा थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी जगदीश पासी (35) पुत्र हरिश्चंद्र पासी आए दिन अपनी ससुराल इसी थाना क्षेत्र के अशरफपुर गांव जाते रहते थे। इनका शव शनिवार रात अशरफपुर गांव के बाहर गोमती नदी के किनारे बरामद हुआ था। जगदीश पासी की हत्या बहुत ही निर्मम तरीके से की गई। धारदार हथियार से हमलाकर पहले तो उसका एक हाथ व पैर काट लिया गया उसके बाद दोनों आंखें निकालने के साथ गुप्तांग काट लिया गया। कई वार होने के चलते शव भी काफी क्षतविक्षत हालत में बरामद हुआ है।
एएसपी शशीकांत तिवारी ने कहा कि पुलिस ने इस वारदात का खुलासा करने के लिए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। मृतक की ससुराल के एक पड़ोसी युवक से शक के तौर पर पूछताछ की जा रही है। जानकारी मिली है कि मृतक मानसिक विक्षिप्त था जिसने कभी संदीप की बहन से अभद्रता की थी शायद इसी के चलते युवक ने इस वारदात को अंजाम दिया है। छानबीन की जा रही है।
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पिता ने कहा, नहीं थी किसी से दुश्मनी
मृतक के पिता हरिचंद्र पासी ने बताया कि जगदीश मानसिक रूप से परेशान होने के कारण घर से बाहर ही घूमता रहता था। इसके चलते इसका ससुराल में आना जाना लगा रहता था। कहा तीन दिन पहले जगदीश घर से निकला था और दो दिनों से उसका कोई पता नहीं चल पा रहा था। जिसके बाद शनिवार रात उसकी हत्या की सूचना मिली। मृतक के चार बच्चे मालिकदीन, रीता, लालजी व नीलम है। पत्नी सुनीता व बच्चों का रो रो कर काफी बुरा हाल है। पिता का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी फिर यह घटना किसने की यह बात समझ नहीं आ रही है।
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घटना को दबाती रही पुलिस
अभी कुछ दिन पहले ही दो मारफीन तस्करों से लेनदेन कर उन्हें छोड़ने को लेकर चर्चा में रही असंद्रा पुलिस हत्या जैसी संगीन वारदात को भी दबाने का प्रयास करती रही। ग्रामीणों की माने तो जानकारी होने के घंटो बाद पुलिस मौके पर पहुुंची तो इसे संदिग्ध मौत बताने लगी। इस बीच जब लोगों ने कहा कि शरीर के अंग काटे गए है और विरोध किया तो पुलिस सक्रिय हुई जिसके बाद उच्चाधिकारियों तक शिकायत पहुुंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
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असंद्रा थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी जगदीश पासी (35) पुत्र हरिश्चंद्र पासी आए दिन अपनी ससुराल इसी थाना क्षेत्र के अशरफपुर गांव जाते रहते थे। इनका शव शनिवार रात अशरफपुर गांव के बाहर गोमती नदी के किनारे बरामद हुआ था। जगदीश पासी की हत्या बहुत ही निर्मम तरीके से की गई। धारदार हथियार से हमलाकर पहले तो उसका एक हाथ व पैर काट लिया गया उसके बाद दोनों आंखें निकालने के साथ गुप्तांग काट लिया गया। कई वार होने के चलते शव भी काफी क्षतविक्षत हालत में बरामद हुआ है।
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एएसपी शशीकांत तिवारी ने कहा कि पुलिस ने इस वारदात का खुलासा करने के लिए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। मृतक की ससुराल के एक पड़ोसी युवक से शक के तौर पर पूछताछ की जा रही है। जानकारी मिली है कि मृतक मानसिक विक्षिप्त था जिसने कभी संदीप की बहन से अभद्रता की थी शायद इसी के चलते युवक ने इस वारदात को अंजाम दिया है। छानबीन की जा रही है।
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पिता ने कहा, नहीं थी किसी से दुश्मनी
मृतक के पिता हरिचंद्र पासी ने बताया कि जगदीश मानसिक रूप से परेशान होने के कारण घर से बाहर ही घूमता रहता था। इसके चलते इसका ससुराल में आना जाना लगा रहता था। कहा तीन दिन पहले जगदीश घर से निकला था और दो दिनों से उसका कोई पता नहीं चल पा रहा था। जिसके बाद शनिवार रात उसकी हत्या की सूचना मिली। मृतक के चार बच्चे मालिकदीन, रीता, लालजी व नीलम है। पत्नी सुनीता व बच्चों का रो रो कर काफी बुरा हाल है। पिता का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी फिर यह घटना किसने की यह बात समझ नहीं आ रही है।
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घटना को दबाती रही पुलिस
अभी कुछ दिन पहले ही दो मारफीन तस्करों से लेनदेन कर उन्हें छोड़ने को लेकर चर्चा में रही असंद्रा पुलिस हत्या जैसी संगीन वारदात को भी दबाने का प्रयास करती रही। ग्रामीणों की माने तो जानकारी होने के घंटो बाद पुलिस मौके पर पहुुंची तो इसे संदिग्ध मौत बताने लगी। इस बीच जब लोगों ने कहा कि शरीर के अंग काटे गए है और विरोध किया तो पुलिस सक्रिय हुई जिसके बाद उच्चाधिकारियों तक शिकायत पहुुंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।