{"_id":"4bd73068384dc64b4f5314aaae9fc3a2","slug":"2000-flats-stalled-for-four-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार साल से अटका 2000 फ्लैटों का निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार साल से अटका 2000 फ्लैटों का निर्माण
ऋषि मिश्र/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 11 May 2014 01:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुलभ, सहज, सृष्टि, कल्पतरु आवासीय योजना और कुछ अन्य स्कीमों के आवंटी पिछले चार वर्षों से आशियाने के इंतजार में हैं। इन स्कीमों में करीब 2000 लोगों को आवंटन हुआ है। सबसे खराब स्थित सुलभ योजना की है।
विज्ञापन
2010 में शुरू हुई इस योजना के आवंटियों को 2014 के चार महीने बीतने के बावजूद फ्लैटों पर कब्जे की उम्मीद नहीं दिख रह है।
प्राधिकरण का चक्कर काट रहे परेशान लोगों को संपत्ति और इंजीनियरिंग के अधिकारी इधर से उधर दौड़ा रहे हैं। मगर टेंडर और ठेकेदारी के विवाद के चलते लोगों को कब्जा नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
विभिन्न योजनाओं में प्राधिकरण के निर्माणाधीन अपार्टमेंट की कार्य प्रगति को लेकर समय-समय पर अधिकारी समीक्षा बैठक करते हैं। 2010 के बाद अधिकांश स्कीमों का पंजीकरण शुरू किया गया था।
विज्ञापन
इनमें रिवर व्यू फेस-1, गोमतीनगर विस्तार योजना में 1245 फ्लैट और इसके बाद में फेज-2 के 1700 फ्लैट शामिल थे। निर्माण कार्य पूरा और रजिस्ट्री होने के बावजूद अधिकांश फ्लैटों में जनसुविधाओं की स्थिति ठीक नहीं है।
सुलभ आवास, गोमती नगर विस्तार योजना के सेक्टर-6 , सेक्टर-4 में आवंटियों को कब्जा नहीं दिया जा रहा है। मानसरोवर, कानपुर रोड योजना का निर्माण कार्य किसानों के बाधित किये जाने के बाद अब तक तेजी नहीं पकड़ सका है।
सुलभ आवास, मानसरोवर, कानपुर रोड, जानकीपुरम, शारदानगर तथा ट्रांसपोर्ट का विवाद समाप्त हो चुका है। जानकीपुरम, सेक्टर-जे, सरगम अपार्टमेंट में फ्लैटों का निर्माण कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है।
सुलभ आवासीय स्कीम में 10 लाख रुपये तक की कीमत के ही फ्लैट बेचे गए हैं। इनमें निमभन मध्यम वर्ग के लोगों ने लोन लेकर आशियाना लिया था।
ऐसे में ज्यादातर आवंटी अपने वर्तमान रहने के स्थान के साथ ही लोन की भी अदायगी कर दोहरा खर्च उठाने को मजबूरी है। इस तरह से इन सभी योजनाओं के 1200 आवंटी आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं।
सनराइज अपार्टमेंट के निर्माण में कुछ तेजी बताई जा रही है। उपाध्यक्ष एमपी अग्रवाल की ओर से कहा गया है कि जुलाई में काम पूरा हो जाएगा और आवंटियों की रजिस्ट्री कर दी जाएगी। इसके बाद में वे कब्जा ले सकते हैं।
साथ ही उन्होंने बताया कि सभी योजनाओं में आवंटियों को समय पर कब्जा मिले, इसे लेकर सख्त आदेश जारी किए गए हैं। अधिशासी अभियंताओं की निर्माण कार्यों पर नजर है। बहुत जल्द ही काम पूरे किए जाएंगे।