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पारिजात अपार्टमेंट में 200 ऑक्सीजन सिलेंडर के डंपिंग की सूचना पर मचा हड़कंप
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लखनऊ। विभूतिखंड के पारिजात अपार्टमेंट में बुधवार शाम को ऑक्सीजन सिलेंडर की डंपिंग की सूचना पुलिस व जिला प्रशासन को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल शुरू किया। इसी बीच एक एनजीओ की संचालिका ने ऑक्सीजन सिलेंडर रखने की बात कही। काफी देर तक कहासुनी के बाद पुलिस ने 24 घंटे में सिलेंडर अपार्टमेंट से हटाने की मोहलत दी। जिस पर दोनों पक्ष सहमत हो गए।
पारिजात अपार्टमेंट के आरडब्ल्यूए के सचिव समर विजय सिंह ने जिला प्रशासन व विभूतिखंड पुलिस से शिकायत की कि मकान नंबर बी-2/104 में एक एनजीओ संचालित हो रहा है। यहां कुछ दिनों से भरे हुए ऑक्सीजन सिलेंडर का भंडारण किया जा रहा है। आज भी लगभग 200 सिलेंडर बी-1 ब्लॉक में रखे गए हैं। यह घोर लापरवाही और चिन्ता का विषय है कि अभी हाल ही में एक गैस कांड में कितनी जान जा चुकी है, परन्तु उस फ़्लैट स्वामी ने एनजीओ को दे दिया है और किसकी अनुमति से एक आवासीय परिसर में लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
ऐसी सूचना मिलने पर विभूतिखंड प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह ने एसआई संजय गुप्ता को मौके पर भेजा। इस दौरान वहां मौजूद सोसायटी और एनजीओ राइट वॉक फाउंडेशन की संचालिका समीना बानो भी मौजूद थीं। दोनों पक्षों की मौजूदगी में पुलिस ने कागजात देखे। आवासीय परिसर में ऑक्सीजन सिलेंडर डंप करने की अनुमति पत्र नहीं मिला। पुलिस ने दोनों पक्षों की रजामंदी के बाद एनजीओ संचालिका समीना बानो को 24 घंटे की मोहलत दी। कहा गया कि इस दौरान वह अपने ऑक्सीजन सिलेंडर को किसी गैर रिहायशी इलाके में रखवा लें।
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पारिजात अपार्टमेंट के आरडब्ल्यूए के सचिव समर विजय सिंह ने जिला प्रशासन व विभूतिखंड पुलिस से शिकायत की कि मकान नंबर बी-2/104 में एक एनजीओ संचालित हो रहा है। यहां कुछ दिनों से भरे हुए ऑक्सीजन सिलेंडर का भंडारण किया जा रहा है। आज भी लगभग 200 सिलेंडर बी-1 ब्लॉक में रखे गए हैं। यह घोर लापरवाही और चिन्ता का विषय है कि अभी हाल ही में एक गैस कांड में कितनी जान जा चुकी है, परन्तु उस फ़्लैट स्वामी ने एनजीओ को दे दिया है और किसकी अनुमति से एक आवासीय परिसर में लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
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ऐसी सूचना मिलने पर विभूतिखंड प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह ने एसआई संजय गुप्ता को मौके पर भेजा। इस दौरान वहां मौजूद सोसायटी और एनजीओ राइट वॉक फाउंडेशन की संचालिका समीना बानो भी मौजूद थीं। दोनों पक्षों की मौजूदगी में पुलिस ने कागजात देखे। आवासीय परिसर में ऑक्सीजन सिलेंडर डंप करने की अनुमति पत्र नहीं मिला। पुलिस ने दोनों पक्षों की रजामंदी के बाद एनजीओ संचालिका समीना बानो को 24 घंटे की मोहलत दी। कहा गया कि इस दौरान वह अपने ऑक्सीजन सिलेंडर को किसी गैर रिहायशी इलाके में रखवा लें।
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