लखनऊ में 200 करोड़ से दुरुस्त होगा ड्रेनेज सिस्टम
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कानपुर रोड से रायबरेली रोड और शारदा नहर के बीच बसे इलाकों की जलनिकासी पर नगर निगम 200 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा आशियाना और एलडीए कॉलोनी के लोगों को होगा।
नगर निगम की योजना के मुताबिक, किला मोहम्मदी नाले को स्मार्ट-ड्रेनेज सिस्टम के रूप में बदला जाएगा। मुख्य वास्तुविद्, नगर निगम एसके जैन का कहना है कि इससे करीब 3.5 लाख की आबादी को फायदा होगा। नगर निगम के एक अधिकारी की मानें तो ड्रेनेज सिस्टम को एक साल में तैयार कर लिया जाएगा।
नगर निगम की योजना के मुताबिक, एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर जोन-5 स्थित आशियाना, एलडीए कॉलोनी और नजदीकी इलाकों को ध्यान में रखकर स्मार्ट जल निकासी को सुनिश्चित किया जाना है। इस प्रोजेक्ट पर नगर निगम की टीम ने काम भी शुरू कर दिया है।
अभी तक बनी योजना में सबसे पहले किला मोहम्मदी नाला को रेल ट्रैक के नीचे चौड़ा किया जाएगा। यहां नाला काफी संकरा है जिससे पानी का बहाव बढ़ने पर निकासी नहीं हो पाती। इससे नजदीकी इलाकों में बारिश के समय जलभराव हो जाता है। इसके अलावा शहीद पथ के नीचे भी नाले का बेड ऊंचा हो जाने की वजह से पानी उल्टा लौटता है। यहां नाले की गहराई को बढ़ाकर बेड को नीचा किया जाएगा।
जलभराव की समस्या से मिलेगी निजात
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव ने बताया कि पानी की निकासी सही तरीके से हो। इसके लिए शहीद पथ के दूसरी ओर किला मोहम्मदी नाले को सई नदी तक ले जाने की योजना है।
ऐसे में नगर निगम को सिंचाई विभाग की मदद से करीब 22 किमी. का नाला बनाना पड़ेगा। अगर सई नदी तक संभव नहीं हो सका। ऐसे में नाले को अधिकतम दूरी तक बनाये जाने का प्रस्ताव पास हुआ है। इस पूरी कवायद में यह भी कोशिश रहेगी कि सीवर को ड्रेनेज सिस्टम से नहीं मिलने दिया जाए। इससे बारिश के पानी को ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नगर निगम अधिकारियों से मिली जानकारी केमुताबिक, किला मोहम्मदी पहले एक नदी के स्वरूप में थी जोकि सई नदी की ट्रिब्यूटरी भी कही जाती है। शहरीकरण के चलते यह पहले सिंचाई केलिए नहर और अब नाला में तब्दील हो गई। अभी इसका उपयोग जल निकासी में होता है। इसके कच्चे होने की वजह से इसकी क्षमता के मुताबिक मदद नहीं मिल पाती है।