{"_id":"6870d2ac2c15c13718015396","slug":"20-years-old-leases-cancelled-through-fraud-6-bighas-of-land-returned-orders-sdm-court-2025-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow: 20 साल पुराने फर्जीवाड़े से कराए गए पट्टे निरस्त, एसडीएम कोर्ट के आदेश पर 6 बीघा जमीन भी वापस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow: 20 साल पुराने फर्जीवाड़े से कराए गए पट्टे निरस्त, एसडीएम कोर्ट के आदेश पर 6 बीघा जमीन भी वापस
Fri, 11 Jul 2025 03:02 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 11 Jul 2025 03:02 PM IST
सार
लखनऊ के सरोजनीनगर में दो दशक पुराने फर्जी पट्टों को एसडीएम कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। बीबीपुर गांव की 6 बीघा ग्राम समाज की ज़मीन पर 10 लोगों के नाम फर्जी तरीके से पट्टे कराए गए थे। अब ये जमीन ग्राम समाज के नाम दर्ज कर दी गई है।
विज्ञापन
सांकतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सरोजनीनगर में फर्जी तरीकों से जमीनों के पट्टे करने के मामले में एसडीएम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। इसके अनुसार सभी पट्टों को निरस्त करते हुए पूरी छह बीघा जमीन ग्राम समाज के नाम पर दर्ज कर दी गई है। हाईवे से सटी जमीन दस करोड़ रुपये से अधिक कीमत की है।
विज्ञापन
तहसील क्षेत्र के बीबीपुर गांव के दस लोगों के नाम पर करीब दो दशक पहले छह बीघा जमीन का पट्टा कर दिया गया था। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत प्रशासनिक अफसरों से की। इसके बाद वाद दायर किया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़े- Lucknow: लंदन से दिल्ली जा रहे विमान में ईंधन हुआ कम, लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग, 300 यात्री थे सवार
विज्ञापन
सुनवाई में लापरवाही बरती गई तो उच्चाधिकारियों ने एसडीएम को सख्त निर्देश दिए। इसके बाद सुनवाई पूरी कर आदेश जारी किया गया।इसके बाद गाटा संख्या 69/6, 69/7, 69/10, 69/9, 69/8, 69/3, 69/4, और 69/8 को निरस्त करते हुए वापस ग्राम समाज में दर्ज कर दिया गया है।
मामले में हुआ बड़ा खेल
जिस तरह से जमीनों के पट्टे हुए वह बिना अफसरों की मिलीभगत के संभव नहीं है। हालांकि, जांच में पता चला कि पट्टे संबंधी रिकॉर्ड ही नहीं मिले। पट्टा कब हुआ, किसने आदेश जारी किया, इसका पता ही नहीं चला। सूत्रों के मुताबिक मामले में तत्कालीन अफसर फंस सकते हैं, इसलिए रिकॉर्ड इधर-उधर किए गए हैं।
ये भी पढ़े- सावन का शुभारंभ: मंदिरों में हर दिन विशेष पाठ और शृंगार का आयोजन, ये हैं पहले सोमवार के लिए शुभ मुहूर्त
हो सकती है कार्रवाई
जिनके नाम पट्टा किया गया था, वे सभी शहर के पॉश इलाकों में रहते हैं। उनकी कई संपत्तियां भी हैं। अब जब जमीन वापस हो गई तब मामले की विस्तृत जांच हो सकती है। इसमें वे अफसर भी जद में आएंगे, जिनके समय में पट्टा किया गया था। सरोजनीनगर में डिफेंस कॉरिडोर घोटाला भी हुआ था। इसमें तमाम अफसर दोषी पाए गए थे।