{"_id":"5d0e1cc18ebc3e03eb0774b9","slug":"2-suspensed-and-dept-investigation-against-12-due-to-irregularities-in-up-warehousing-corp","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राज्य भंडारण निगम में गड़बड़ी मिलने पर दो अफसर निलंबित, 12 के खिलाफ विभागीय जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य भंडारण निगम में गड़बड़ी मिलने पर दो अफसर निलंबित, 12 के खिलाफ विभागीय जांच शुरू
Sat, 22 Jun 2019 11:53 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 22 Jun 2019 11:53 PM IST
विज्ञापन
योगी
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ई टेंडरिंग और ठेके देने में घपला करने पर उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के वरिष्ठ भंडार अधीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा और उप प्रबंधक प्राविधिक देवेंद्र मोहन शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक आलोक सिंह और क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार सक्सेना को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि योगी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह सख्त कदम उठाया गया है।
राज्य भंडारण निगम के विभिन्न केंद्रों पर भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री से की गई थी। जांच में ई-टेंडर प्रक्रिया, हैंडलिंग और परिवहन कार्यों के लिए ठेके दिए जाने में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। अधिकारियों और कर्मचारियों ने सांठगांठ करके चुनिंदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया। मामला को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने भंडारण निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक आलोक सिंह और क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव सक्सेना को तत्काल निलंबित कर दिया था।
विज्ञापन
सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि वाराणसी और आजमगढ़ मंडल के फतेहउल्लापुर (गाजीपुर), चंदौली द्वितीय, मुबारकपुर कलां (बलिया) और चिबड़ागांव केंद्रों पर ट्रांसपोर्ट व हैंडलिंग के कामों के लिए हुई ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में निविदा प्रक्रिया के बीच में शर्तों बदलाव किया गया।
विज्ञापन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि योगी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह सख्त कदम उठाया गया है।
विज्ञापन
राज्य भंडारण निगम के विभिन्न केंद्रों पर भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री से की गई थी। जांच में ई-टेंडर प्रक्रिया, हैंडलिंग और परिवहन कार्यों के लिए ठेके दिए जाने में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। अधिकारियों और कर्मचारियों ने सांठगांठ करके चुनिंदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया। मामला को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने भंडारण निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक आलोक सिंह और क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव सक्सेना को तत्काल निलंबित कर दिया था।
विज्ञापन
सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि वाराणसी और आजमगढ़ मंडल के फतेहउल्लापुर (गाजीपुर), चंदौली द्वितीय, मुबारकपुर कलां (बलिया) और चिबड़ागांव केंद्रों पर ट्रांसपोर्ट व हैंडलिंग के कामों के लिए हुई ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में निविदा प्रक्रिया के बीच में शर्तों बदलाव किया गया।
निविदादाताओं की ओर से प्रस्तुत प्रमाणपत्रों का मानकों और शासनादेशों के आधार पर परीक्षण नहीं किया गया। वर्मा ने बताया कि नियमों के इस उल्लंघन में वरिष्ठ भंडार अधीक्षक व तत्कालीन प्रभारी प्रदीप कुमार शर्मा और उप प्रबंधक प्राविधिक व तत्कालीन प्रधान प्रबंधक वाणिज्य देवेंद्र मोहन शर्मा को भी निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा वाराणसी मंडल के ई-टेंडरिंग के लिए गठित कमेटी के सदस्यों उप प्रबंधक वित्त संजीव सक्सेना (पूर्व में निलंबित), उप प्रबंधक वित्त संतोष सारस्वत, कनिष्ठ कार्यालय सहायक कुमार गौरव, प्राविधिक सहायक अखिलेख कुमार पांडेय (पूर्व में निलंबित), कनिष्ठ कार्यालय सहायक दीपक सिंह (पूर्व में निलंबित) और भंडार सहायक अवधेश यादव (पूर्व में निलंबित) के खिलाफ विभागीय जांच प्रारंभ कर दी गई है।
इसी तरह से मुरादाबाद मंडल के विभिन्न केंद्रों मुरादाबाद, ठाकुरद्वारा, गजरौला, बबराला, बहजोई, संभल और बिलासपुर (रामपुर) केंद्रों के लिए कराई गई ई-निविदा में भी प्रथमदृष्टया अनियमितताएं सामने आई हैं। वहां की ई-टेंडर कमेटी के सदस्यों प्रधान क्षेत्रीय प्रबंधक मुरादाबाद एसएन यादव, वरिष्ठ भंडार अधीक्षक अनीता राजपूत, भंडार अधीक्षक मो. राशिद, प्राविधिक सहायक अनिल शर्मा, कनिष्ठ कार्यालय सहायक सुदेश मिश्रा व सतीश चंद्र के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
इसके अलावा वाराणसी मंडल के ई-टेंडरिंग के लिए गठित कमेटी के सदस्यों उप प्रबंधक वित्त संजीव सक्सेना (पूर्व में निलंबित), उप प्रबंधक वित्त संतोष सारस्वत, कनिष्ठ कार्यालय सहायक कुमार गौरव, प्राविधिक सहायक अखिलेख कुमार पांडेय (पूर्व में निलंबित), कनिष्ठ कार्यालय सहायक दीपक सिंह (पूर्व में निलंबित) और भंडार सहायक अवधेश यादव (पूर्व में निलंबित) के खिलाफ विभागीय जांच प्रारंभ कर दी गई है।
इसी तरह से मुरादाबाद मंडल के विभिन्न केंद्रों मुरादाबाद, ठाकुरद्वारा, गजरौला, बबराला, बहजोई, संभल और बिलासपुर (रामपुर) केंद्रों के लिए कराई गई ई-निविदा में भी प्रथमदृष्टया अनियमितताएं सामने आई हैं। वहां की ई-टेंडर कमेटी के सदस्यों प्रधान क्षेत्रीय प्रबंधक मुरादाबाद एसएन यादव, वरिष्ठ भंडार अधीक्षक अनीता राजपूत, भंडार अधीक्षक मो. राशिद, प्राविधिक सहायक अनिल शर्मा, कनिष्ठ कार्यालय सहायक सुदेश मिश्रा व सतीश चंद्र के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।