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Prepaid meter in UP: निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए लगेंगे 2.66 करोड़ स्मार्ट प्रीपेड मीटर, लाइन हानियां रोकने के लिए बनी योजना

Mon, 16 May 2022 12:44 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 16 May 2022 12:44 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने यूपी में लाइन हानियों को कम करने के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का निर्णय लिया है। किसानों के खेत की सिंचाई के लिए 11 केवी कृषि फीडर स्वतंत्र रूप से बनाए जाएंगे।

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2.66 prepaid electric meter to be installed in Uttar Pradesh.
- फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के 2.66 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगेंगे। इससे यूपी पावर कॉर्पोरेशन को चूना लगाने वाली लाइन हानियां कम होंगी और जनता को पहले से बेहतर और निर्बाध बिजली सप्लाई मिलेगी। इस सिलसिले में केंद्र सरकार ने रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर योजना के तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने से लेकर 11 केवी स्वतंत्र फीडर बनाने के कार्य को मंजूरी दी है। राज्य सरकार ने रविवार को विद्युत वितरण निगमों द्वारा लगाए जाने वाले स्मार्ट प्रीपेड मीटरों का लक्ष्य भी तय कर दिया है।

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प्रमुख सचिव ऊर्जा व उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एम देवराज ने बताया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग योजना के तहत 73,27,988 मीटर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी, 75,28,737 मीटर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ, 53,54,069 मीटर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा, 61,43,261 मीटर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ व 62,500 बिजली मीटर कानपुर केस्को कंपनी को लगाने होंगे। योजना के तहत 4543.78 करोड़ वाराणसी, 4165.32 करोड़ लखनऊ, 3771.57 करोड़ आगरा, 3403.01 करोड़ मेरठ व 614.93 करोड़ रुपये कानपुर के लिए स्वीकृत हुआ है। इस राशि से वाराणसी, लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ और कानपुर में एलटी बिजली लाइन को एबीसी केबल से बदलने की भी योजना है।
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लगाए जाएंगे कृषि फीडर, जर्जर तार होंगे दुरुस्त
किसानों के खेत की सिंचाई के लिए 11 केवी कृषि फीडर स्वतंत्र रूप से बनाए जाएंगे ताकि उनको सिंचाई के वक्त बिजली की परेशानी न हो। साथ ही लाइन हानियों को कम करने के लिए उपभोक्ताओं के परिसर पर आर्मड केबलिंग से कनेक्शन दिए जाएंगे। वहीं जर्जर 33 केवी, 11 केवी के तारों की भी मरम्मत की जाएगी।

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