फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   2.20 crore fraud case registered against film director

फिल्म निर्माण के नाम पर 2.20 करोड़ की ठगी, मुकदमा दर्ज

Mon, 18 Oct 2021 01:36 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Oct 2021 01:36 AM IST
विज्ञापन
2.20 crore fraud case registered against film director
लखनऊ। आराध्या आर्ट्स के निदेशक व फिल्म निर्माता विजय पाल पर मूवी बनाने के नाम पर सह प्रोड्यूसर से धोखाधड़ी कर 2.20 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगा है। फिल्म निर्माण में रुपये लगाने वाले सह प्रोड्यूसर रज्जन सिंह यादव निवासी तेलीबाग गांधी नगर ने पीजीआई थाने में विजय पाल पर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रज्जन सिंह यादव अगम फिल्म्स के निदेशक है। प्रभारी निरीक्षक पीजीआई आनंद प्रकाश शुक्ल के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर विजय पाल के खिलाफ अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और धमकी देने की धारा में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन

पीजीआई के तेलीबाग गांधी नगर निवासी रज्जन सिंह यादव अगम फिल्मस के निदेशक है। रज्जन सिंह के मुताबिक मुंब्रइ गोरेगांव पश्चिम स्थित आराध्या आर्ट्स के विजय पाल लखनऊ जंक्शन के नाम से फिल्म बनाना चाहते थै। जिसमें अभिनेता राहुल राय, जाकिर हुसैन, सपना चौधरी व अक्षय खान के साथ स्थानीय कलाकार को भी काम करने का मौका दिया जाना था। 13 नवंबर 2019 को अगम प्रोडक्शन और आराध्या आर्ट्स के बीच समझौता हुआ। जिसके तहत रज्जन सिंह ने को रुपये लगाने थे। साथ ही उनका नाम प्रोड्यूसर के तौर पर फिल्म कास्टिंग में शामिल किया जाना था। फिल्म निर्माण से संबंधित सभी बाते तय होने के बाद रज्जन ने कई किस्तों में रुपये दिये। रज्जन के मुताबिक, विजय पाल ने फिल्म निर्माण की लागत बढ़ने का दावा किया था। इस पर रज्जन से करीब दो करोड़ 20 लाख रुपये हासिल किए। इस फिल्म के कुछ हिस्से पीजीआई स्थित दीनदयाल पार्क में भी शूट किया गया था।
विज्ञापन

धोखे में रख पास सेंसर बोर्ड से पास कराई फिल्म
रज्जन के मुताबिक 2.20 लाख रुपये लेनेे के बाद फिल्म रिलीज से होने वाले मुनाफे में दोनों को हिस्सा मिलना था। विजय पाल 45 प्रतिशत और रज्जन 55 प्रतिशत का हिस्सा तय किया गया था। लेकिन कोविड महामारी के कारण फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन में कुछ समय लग रहा था। यह बात विजय पाल ने बताई थी। आरोप है कि रज्जन को अंधेरे में रख कर विजय पाल ने सुप्रिया पाल के नाम से सेंसर बोर्ड में सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर दिया था। 20 अप्रैल को सेंसर बोर्ड ने फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट के साथ पास कर दिया था। रज्जन का आरोप है कि उनसे रुपये लेकर पूरी फिल्म का निर्माण किया गया। लेकिन उनका ही नाम सह प्रोड्यूसर के तौर पर नहीं शामिल किया गया। रज्जन के मुताबिक ट्रेलर रिलीज हो चुका है। जल्द ही फिल्म भी रिलीज होने वाली है। मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed