फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   19th National Jamboree in Lucknow.

Lucknow: देश के परिधान में रंगा स्टेडियम, संस्कृति और सभ्यता के साथ स्काउट-गाइड ने किया अनुशासन का प्रदर्शन

Sun, 23 Nov 2025 03:19 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 23 Nov 2025 03:19 PM IST
सार

राजधानी लखनऊ में 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान रविवार को स्काउट-गाइड ने अपनी स्थानीय संस्कृति, सभ्यता के साथ अनुशासन को प्रदर्शित किया।

विज्ञापन
19th National Jamboree in Lucknow.
19वां राष्ट्रीय जंबूरी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

लखनऊ के वृंदावन स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में रविवार से शुरू हुई सात दिवसीय 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का नजारा देखने लायक था। यहां करीब 100 एकड़ में बना अटल स्टेडियम देश के परिधान में रंगा नजर आया। करीब 25000 की संख्या में शामिल स्काउट्स गाइड्स ने अपनी स्थानीय संस्कृति, सभ्यता के साथ अनुशासन को प्रदर्शित किया।

विज्ञापन


अटल स्टेडियम में सुबह 11 बजे से नेशनल रिहर्सल की प्रकिया शुरू हुई। देश के सभी राज्यों से पहुंचे स्काउट्स गाइड्स एक कतार में नजर आए। नजारा ऐसा था कि मानों सभी की संस्कृति एक दूसरे से जुड़ी हुई हो। स्टेडियम के बीच में युवाओं का प्रदर्शन और किनारे स्काउट्स गाइड्स का रिहर्सल घंटों जारी रहा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - आरएसएस को फंडिंग कौन करता है... सवाल का सीएम योगी ने दिया जवाब, कही ये बातें
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  बृजभूषण शरण सिंह का एलान, जनता सांसद के रूप में देखना चाहती है; 2029 में जरूर लड़ेंगे चुनाव


यहां अलग अलग राज्यों की संस्कृति संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और परंपराओं का एक जीवंत मिश्रण देखा गया। राजस्थानी संस्कृति में शामिल पारंपरिक पोशाक, युवतियों के लिए घाघरा-चोली और युवकों के लिए धोती-अंगरक्षक बेहद खास रहा। इसके अलावा, घूमर और कालबेलिया जैसे शास्त्रीय नृत्य और लोक संगीत पर कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।

इसी तरह हरियाणा की संस्कृति लोककथाओं और पारंपरिक मूल्यों की भी एक जीवंत तस्वीर नजर आई। तेलंगाना की पारंपरिक परिधान में पंचा (धोती) और कुर्ता में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। युवतियों ने पारंपरिक रूप से रेशम की साड़ियां और अन्य पारंपरिक वस्त्र पहने थे। उनकी पोचमपल्ली और गडवाल की साड़ियां बेहद खास रही।

छत्तीसगढ़ की वेशभूषा और आभूषण में युवक पारंपरिक रूप से धोती-कुर्ता और पागा (पगड़ी) पहनकर नृत्य करते नजर आए। जबकि, महिलाओं ने साड़ी और ब्लाउज (लुगरा-पोलगा) पहनकर अपनी स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित किया। अन्य राज्यों के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों से तालियां बटोरीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed