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घाघरा ने फिर दिखाए तेवर, 5 मकान लीले
Updated Mon, 17 Jul 2017 10:47 PM IST
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राजीचौराहा (बहराइच)। तराई और नेपाल के पहाड़ों पर हो रही झमाझम बरसात के चलते घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। नदी खतरे के निशान से महज 16 सेंटीमीटर दूर है। इसके चलते नदी के मुहाने पर बसे गांव के ग्रामीण फिर दहशत में आ गए हैं। वहीं नदी की लहरें तेज कटान कर रही हैं। महसी तहसील क्षेत्र के प्रधानपुरवा, गोलागंज और कोरिनपुवा में कटान से दहशत है। रात से अब तक पांच मकान और 60 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हुई है।
नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे पहुंच गया था। लेकिन रात से नेपाल व भोर से तराई में शुरू हुई वर्षा के चलते एकबार फिर जलस्तर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के जेई नागेंद्र कुमार और मापक सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से नदी के जलस्तर में सुबह आठ बजे से इजाफा हुआ। जिसके चलते घाघरा का जलस्तर 105.906 मीटर दर्ज हुआ। हालांकि 10 बजे से नदी का पानी ठहरा हुआ है। उधर घाघरा की लहरों ने कटान तेज कर दी है। महसी तहसील क्षेत्र के प्रधानपुरवा, कोरिनपुरवा, गोलागंज में खेती योग्य जमीन और मकान कट रहे हैं। प्रधानपुरवा निवासी बनवारी, मनमोहन, कन्हैयालाल, सूरज और मोती प्रसाद के मकान को घाघरा की लहरों ने रात में लील लिया है। किसी तरह परिवारीजनों ने आधी-अधूरी गृहस्थी और जान बचाई। वहीं खेती योग्य जमीन में भी तेज कटान हो रही है। नदी की लहरों ने संजय, प्रदीप, कन्हैयालाल, जगमोहन, रामप्रसाद और रंजीत की 60 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान रोकने के लिए तहसील पर गुहार लगाई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। वहीं उपजिलाधिकारी नागेंद्र कुमार का कहना है कि राजस्वकर्मी क्षेत्र में भ्रमण कर कटान का ब्यौरा एकत्रित कर रहे हैं। कटान पीड़ितों को चिन्हित कर उन्हें मुआवजा प्रदान किया जाएगा। जिनके मकान कटे हैं, उनको बसाने की कार्रवाई होगी।
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नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे पहुंच गया था। लेकिन रात से नेपाल व भोर से तराई में शुरू हुई वर्षा के चलते एकबार फिर जलस्तर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के जेई नागेंद्र कुमार और मापक सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से नदी के जलस्तर में सुबह आठ बजे से इजाफा हुआ। जिसके चलते घाघरा का जलस्तर 105.906 मीटर दर्ज हुआ। हालांकि 10 बजे से नदी का पानी ठहरा हुआ है। उधर घाघरा की लहरों ने कटान तेज कर दी है। महसी तहसील क्षेत्र के प्रधानपुरवा, कोरिनपुरवा, गोलागंज में खेती योग्य जमीन और मकान कट रहे हैं। प्रधानपुरवा निवासी बनवारी, मनमोहन, कन्हैयालाल, सूरज और मोती प्रसाद के मकान को घाघरा की लहरों ने रात में लील लिया है। किसी तरह परिवारीजनों ने आधी-अधूरी गृहस्थी और जान बचाई। वहीं खेती योग्य जमीन में भी तेज कटान हो रही है। नदी की लहरों ने संजय, प्रदीप, कन्हैयालाल, जगमोहन, रामप्रसाद और रंजीत की 60 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान रोकने के लिए तहसील पर गुहार लगाई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। वहीं उपजिलाधिकारी नागेंद्र कुमार का कहना है कि राजस्वकर्मी क्षेत्र में भ्रमण कर कटान का ब्यौरा एकत्रित कर रहे हैं। कटान पीड़ितों को चिन्हित कर उन्हें मुआवजा प्रदान किया जाएगा। जिनके मकान कटे हैं, उनको बसाने की कार्रवाई होगी।
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