लॉटरी से चुने गए 18 हजार हज यात्री, खर्च की पहली किस्त 81 हजार रुपये की
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल में हज की ख्वाहिश लिए प्रदेश के 33 जिलों से 18 हजार 77 आजमीन-ए-हज को कुर्राअंदाजी (लॉटरी) के जरिए सोमवार को चयनित किया गया। प्रदेश के 42 जिलों में निर्धारित कोटे से कम आवेदन आने पर वहां के सभी नौ हजार 121 आवेदकों को बगैर लॉटरी के सीधे चुन लिया गया था।
रिजर्व श्रेणी के 2,621 बुजुर्ग हज यात्री और बिना महरम की 8 समूह की 32 महिला हज यात्री भी पहले ही चयनित किए जा चुके हैं। सरोजनीनगर स्थित मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस में ऑनलाइन कुर्रा का उद्घाटन अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ व हज मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने कंप्यूटर का बटन दबाकर किया।
हज 2018 के लिए राज्य हज कमेटी को प्रदेश भर से 42,892 हज आवेदन प्राप्त आए थे। कुर्रा में 33 जिलों के 18 हजार 77 आजमीन-ए-हज का चयन किया गया। दूसरे राज्यों से सीटें बचने के बाद सूबे को मिलने वाले कोटे से प्रतीक्षा सूची के आवेदकों को चयनित किया जाएगा। हज कमेटी के सचिव विनीत श्रीवास्तव ने बताया कि चयनित हज यात्रियों की सूची राज्य हज कमेटी की वेबसाइट www.uphajcommittee.com पर अपलोड कर दी गई है।
हज खर्च की पहली किस्त 81 हजार की
हज के लिए चयनित होने वाले हज यात्री अब हज खर्च की पहली किस्त 81 हजार रुपये की होगी। चयनित हज यात्री अपना पासपोर्ट व 81 हजार रुपये की पहली किस्त बैंक में जमा कर उसकी रसीद हज कमेटी कार्यालय पर जमा करें।
इस्लाम में हज सब्सिडी जायज नहीं
हज राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने हज को इस्लाम का अहम फरीजा बताते हुए कहा कि हज सब्सिडी इस्लाम मे जायज नही है। इसे किसने शुरू किया इस पर बहस नही हो रही है। भाजपा सरकार 22 करोड़ नागरिकों की है।
हज कमेटी ऑफ इंडिया के सदस्य डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि हज यात्रा के लिए उड़ान तय करने के लिए ग्लोबल टेंडर नही हो सकता है। भारत सरकार और सऊदी अरब के बीच एग्रीमेंट है कि हज यात्रा के लिए 50 फीसद सऊदी एयरलाइंस और 50 फीसद इंडियन एयरलाइंस की उड़ाने रहेंगी।
भाजपा सरकार मे मुस्लिम हितों की नहीं होगी अनदेखी: लक्ष्मीनारायण
अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ व हज मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार समाज सभी वर्गों के हितों पर काम कर रही है। प्रदेश के सभी जाति धर्म के लोग सरकार का अंग हैं। उन्होंने आजम को निशाने पर लेते हुए कहा कि शायद उन्हें मेरी शक्ल पसंद नही है या फिर वो धर्म परिवर्तन करने वाले हैं। इसीलिए हज कमेटी के चेयरमैन होते हुए भी वो कार्यक्रम से नदारद हैं।