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ग्रामीणों ने साकार किया डिजिटल इंडिया का सपना
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:19 AM IST
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कमलापुर (सीतापुर)। केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया के सपने को भिठौली गांव के जागरूक ग्रामीणों ने साकार कर दिखाया है। गांव में तीसरी आंख का पहरा लगाते हुए सुरक्षा कवच तैयार किया गया है। आठ सीसीटीवी कैमरों से पंचायत भवन में बैठकर गांव के प्रमुख स्थलों पर होने वाली गतिविधियों पर निगाह रखी जाती है। सीसीटीवी कैमरों की जद में आने के बाद भिठौली अब हाईटेक विलेज बन गया है।
विकास खंड कसमंडा के भिठौली गांव में रहने वाले कुछ जागरूक ग्रामीणों ने आपराधिक गतिविधियों पर काबू पाने का ऐसा तरीका ढूंढ निकाला, जो आम लोगों की सोच से काफी अलग है। यहां की रामलीला कमेटी में मंत्रणा के बाद गांव में सीसीटीवी कैमरे लगवाने पर सहमति बनी। इसके बाद चंदे से यह काम कराने की योजना को कमेटी ने अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू की। सबसे पहले सीसीटीवी कैमरे लगाने की जगह चिन्हित की गई। इसमें बैंक शाखा, मंदिर व मस्जिद, प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन और गांव के प्रमुख चौराहे शामिल किए गए। गांव में अलग-अलग चिन्हित आठ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के बाद पंचायत भवन को इसका कंट्रोल रूम बनाया गया है। पंचायत भवन में लगी एलईडी पर गांव का ही कोई एक शख्स प्रमुख स्थानों पर होने वाली गतिविधियों पर निगाह बनाए रखता है। करीब तीन हजार की आबादी वाले भिठौली गांव ने सीसीटीवी कैमरों से लैस होकर डिजिटल इंडिया में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। अध्यक्ष रामलीला कमेटी सुरेश चंद्र पांडेय ने कहा कि शराबियों की संदिग्ध हरकतों का सामना बहू-बेटियों को न करना पड़े, इसके लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाकर नजर रखने का निर्णय लिया गया। इससे आपराधिक गतिविधियों पर भी निगाह बनी रहेगी। ग्रामीण राजकुमार चौधरी ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगने से गांव को न सिर्फ एक मजबूत सुरक्षा कवच मिल गया है। बल्कि हमारे गांव ने डिजिटल इंडिया में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
60 हजार की लागत से लगे आठ सीसीटीवी कैमरे व 12 स्पीकर हार्न
भिठौली में आठ सीसीटीवी कैमरों के अलावा 12 स्पीकर हार्न भी लगवाए गए हैं। इसमें 60 हजार की लागत आई है। सीसीटीवी कैमरों से निगाह रखने के दौरान यदि किसी तरह की संदिग्ध अथवा आपराधिक गतिविधि नजर आती है, तो पंचायत भवन में बैठा शख्स स्पीकर हार्न के जरिए तुरंत ग्रामीणों तक यह खबर पहुंचाकर उन्हें मदद के लिए उक्त जगह पर भेज सकेगा।
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सरकार की महिला सुरक्षा मुहिम को मिली मजबूती
भिठौली में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का खास मकसद आपराधिक गतिविधियों पर काबू पाने के साथ महिला व बालिका सुरक्षा है। दरअसल, गांव में आए दिन शराब के नशे में धुत होकर अराजकतत्व राह चलती महिलाओं व बेटियों पर फब्तियां कसते रहते थे। प्रधान नंदू पांडेय ने बताया कि इसी से तंग आकर रामलीला कमेटी ने सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं। इससे सरकार की महिला सुरक्षा मुहिम को ग्रामीणों ने मजबूती दी है।
सीसीटीवी कैमरों से लैस होने वाला जिले का पहला गांव बना भिठौली
डिजिटल इंडिया की सोच के तहत केंद्र सरकार ने गांवों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का खाका तो खींचा है, पर इस सोच को अमली जामा पहनाने के लिए अभी काफी कवायदें करनी होंगी। चंदे से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के बाद भिठौली जिले का पहला सीसीटीवी कैमरों से लैस गांव बन गया है।
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विकास खंड कसमंडा के भिठौली गांव में रहने वाले कुछ जागरूक ग्रामीणों ने आपराधिक गतिविधियों पर काबू पाने का ऐसा तरीका ढूंढ निकाला, जो आम लोगों की सोच से काफी अलग है। यहां की रामलीला कमेटी में मंत्रणा के बाद गांव में सीसीटीवी कैमरे लगवाने पर सहमति बनी। इसके बाद चंदे से यह काम कराने की योजना को कमेटी ने अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू की। सबसे पहले सीसीटीवी कैमरे लगाने की जगह चिन्हित की गई। इसमें बैंक शाखा, मंदिर व मस्जिद, प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन और गांव के प्रमुख चौराहे शामिल किए गए। गांव में अलग-अलग चिन्हित आठ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के बाद पंचायत भवन को इसका कंट्रोल रूम बनाया गया है। पंचायत भवन में लगी एलईडी पर गांव का ही कोई एक शख्स प्रमुख स्थानों पर होने वाली गतिविधियों पर निगाह बनाए रखता है। करीब तीन हजार की आबादी वाले भिठौली गांव ने सीसीटीवी कैमरों से लैस होकर डिजिटल इंडिया में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। अध्यक्ष रामलीला कमेटी सुरेश चंद्र पांडेय ने कहा कि शराबियों की संदिग्ध हरकतों का सामना बहू-बेटियों को न करना पड़े, इसके लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाकर नजर रखने का निर्णय लिया गया। इससे आपराधिक गतिविधियों पर भी निगाह बनी रहेगी। ग्रामीण राजकुमार चौधरी ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगने से गांव को न सिर्फ एक मजबूत सुरक्षा कवच मिल गया है। बल्कि हमारे गांव ने डिजिटल इंडिया में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
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60 हजार की लागत से लगे आठ सीसीटीवी कैमरे व 12 स्पीकर हार्न
भिठौली में आठ सीसीटीवी कैमरों के अलावा 12 स्पीकर हार्न भी लगवाए गए हैं। इसमें 60 हजार की लागत आई है। सीसीटीवी कैमरों से निगाह रखने के दौरान यदि किसी तरह की संदिग्ध अथवा आपराधिक गतिविधि नजर आती है, तो पंचायत भवन में बैठा शख्स स्पीकर हार्न के जरिए तुरंत ग्रामीणों तक यह खबर पहुंचाकर उन्हें मदद के लिए उक्त जगह पर भेज सकेगा।
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सरकार की महिला सुरक्षा मुहिम को मिली मजबूती
भिठौली में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का खास मकसद आपराधिक गतिविधियों पर काबू पाने के साथ महिला व बालिका सुरक्षा है। दरअसल, गांव में आए दिन शराब के नशे में धुत होकर अराजकतत्व राह चलती महिलाओं व बेटियों पर फब्तियां कसते रहते थे। प्रधान नंदू पांडेय ने बताया कि इसी से तंग आकर रामलीला कमेटी ने सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं। इससे सरकार की महिला सुरक्षा मुहिम को ग्रामीणों ने मजबूती दी है।
सीसीटीवी कैमरों से लैस होने वाला जिले का पहला गांव बना भिठौली
डिजिटल इंडिया की सोच के तहत केंद्र सरकार ने गांवों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का खाका तो खींचा है, पर इस सोच को अमली जामा पहनाने के लिए अभी काफी कवायदें करनी होंगी। चंदे से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के बाद भिठौली जिले का पहला सीसीटीवी कैमरों से लैस गांव बन गया है।