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38 करोड़ से मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे 100 गांव

Tue, 15 May 2018 11:04 PM IST
Updated Tue, 15 May 2018 11:04 PM IST
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38 करोड़ से मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे 100 गांव
38 करोड़ से मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे 100 गांव
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अंबेडकरनगर। जिले के 100 राजस्व गांवों को नजदीकी मुख्य मार्ग से जोड़ने का निर्णय हुआ है। टू लेन व फोरलेन मार्ग की पांच किलोमीटर सीमा में आने वाले ऐसे 100 गांवों तक मुख्य मार्ग से पिच सड़क बनेगी।


पीडब्ल्यूडी ने ऐसे गांवों की सूची शासन को भेज दी है। इन गांवों को 38 करोड़ 15 लाख 89 हजार रुपये लागत से मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। जिससे लगभग पांच लाख ग्रामीणों को सुचारु आवागमन की सुविधा मिलेगी। शासन से धनराशि उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत दिवस घोषणा की थी कि राजस्व गांवों व मजरों को अब टू लेन व फोरलेन से जोड़ा जाएगा। केंद्र सरकार ने भी इस दिशा में पहले ही घोषणा कर रखी थी।
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ताकि संबंधित ग्रामीणों को आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। अब तय हुआ है कि लोकनिर्माण विभाग द्वारा टू लेन व फोरलेन के दोनों ओर पांच किलोमीटर सीमा के अंदर आने वाले ऐसे गांवों को पिच मार्ग से जोड़ा जाएगा, जिनका मुख्य मार्ग से सीधा संपर्क नहीं है।


शासन के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने राष्ट्रीय राजमार्ग 232 टांडा-बांदा, राष्ट्रीय राजमार्ग 233 वाराणसी-आजमगढ़-बस्ती, राजमार्ग 30 बहराइच-फैजाबाद-आजमगढ़, लुंबिनी-दुद्धी राजमार्ग 5, दोस्तपुर अकबरपुर जलालपुर न्यौरी मार्ग, अलीगंज मिझौड़ा मार्ग के दोनों ओर पांच किलोमीटर सीमा में आने वाले गांवों का सर्वे कराया। इसमें पाया गया कि 100 ऐसे गांव हैं, जो मुख्य मार्ग से अभी तक पिचमार्ग से नहीं जुड़ सके हैं।


आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पीडब्ल्यूडी ने 100 गांवों की सूची शासन को भेज दी है। साथ ही संबंधित गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए 38 करोड़ 15 लाख 89 हजार रुपये का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है।


2019 तक संपर्क मार्गों का निर्माण कार्य पूर्ण होने के लिए शीघ्र ही शासन से धनराशि मिलने की उम्मीद है। मुख्यमार्ग से गांवों व मजरों को जोड़ने से लगभग पांच लाख ग्रामीणों को सुचारु आवागमन की सुविधा मिलेगी।


सांसद हरिओम पांडेय का कहना है कि, केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार सड़कों की दिशा में काम कर रही है। ऐसे गांवों को इस योजना में शामिल किया जा रहा है, जिनकी आबादी ढाई सौ से अधिक है और अभी तक वे पिच मार्ग से नहीं जुड़े हैं।


100 गांवों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम कराए जा रहे हैं। केंद्रीय परिवहन मंत्री एवं प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री से बीते दिनों हुई मुलाकात में ऐसे मार्गों के निर्माण पर चर्चा हुई है। जल्द ही इन पर काम शुरू होगा।



पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता यतेंद्र कुमार का कहना है कि, शासन के निर्देश पर 100 ऐसे गांवों की सूची शासन को भेज दी गई है, जिनका सीधा संपर्क मुख्य मार्गों से नहीं है। इसके लिए 38 करोड़ 15 लाख 89 हजार रुपये के बजट का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है। धनराशि उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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