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सड़क पर गिरी पतियों से अब बनेगी जैविक खाद
Updated Fri, 30 Mar 2018 12:32 AM IST
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सड़क पर गिरी पत्तियों से अब बनेगी जैविक खाद
रायबरेली। अपने शहर को साफ सुथरा बनाने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत घरों और सरकारी दफ्तरों के आसपास गिरी पेड़ों की पत्तियों से अब जैविद खाद बनाई जाएगी।
ट्रायल के रूप में चार स्थानों पर इसका काम शुरू करा दिया गया है। ट्रायल सफल होने के बाद इस योजना को लागू कर दिया जाएगा।
अफसरों का मानना है कि पेड़ों की पत्तियाें के चलते गंदगी हो जाती है। ऐसा होने से दो लाभ होंगे। एक तो गंदगी दूर हो जाएगी, वहीं किसानों को जैविक खाद भी मुहैया हो सकेगी।
शहर में जहां तीन लाख की आबादी रहती है, वहीं विभिन्न विभागों के दफ्तर भी स्थिति है। घरों या फिर सरकारी दफ्तरों के पास महुआ, आम समेत अन्य के पेड़ हैं।
अक्सर देखा जाता है कि पेड़ों की पत्तियां गिरने की वजह से गंदगी हो जाती है। इससे साफ-सफाई करने में मशक्कत करनी पड़ती है।
सॉलिड एवं लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट के तहत शहरवासियों को इस समस्या से राहत दिलाने और रायबरेली शहर को क्लीन बनाने के प्रयास शुरू किए गए हैं।
इसके तहत पेड़ों की पत्तियों को इकट्ठा करके उसे जैविक खाद बनाने का खाका तैयार किया गया है। हालांकि अभी इस योजना को ट्रायल के रूप में शुरू किया गया है।
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यही वजह है कि शहर में पुलिस कार्यालय, राजकीय इंटर कॉलेज, इंदिरा गार्डेन, आईटीआई के पास पत्तियों को इकट्ठा कर जैविक खाद बनाने का कार्य शुरू कराया गया है। अफसर बताते हैं कि ट्रायल सफल होने पर जल्द इस योजना को शहर में लागू करा दिया जाएगा।
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रायबरेली। अपने शहर को साफ सुथरा बनाने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत घरों और सरकारी दफ्तरों के आसपास गिरी पेड़ों की पत्तियों से अब जैविद खाद बनाई जाएगी।
ट्रायल के रूप में चार स्थानों पर इसका काम शुरू करा दिया गया है। ट्रायल सफल होने के बाद इस योजना को लागू कर दिया जाएगा।
अफसरों का मानना है कि पेड़ों की पत्तियाें के चलते गंदगी हो जाती है। ऐसा होने से दो लाभ होंगे। एक तो गंदगी दूर हो जाएगी, वहीं किसानों को जैविक खाद भी मुहैया हो सकेगी।
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शहर में जहां तीन लाख की आबादी रहती है, वहीं विभिन्न विभागों के दफ्तर भी स्थिति है। घरों या फिर सरकारी दफ्तरों के पास महुआ, आम समेत अन्य के पेड़ हैं।
अक्सर देखा जाता है कि पेड़ों की पत्तियां गिरने की वजह से गंदगी हो जाती है। इससे साफ-सफाई करने में मशक्कत करनी पड़ती है।
सॉलिड एवं लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट के तहत शहरवासियों को इस समस्या से राहत दिलाने और रायबरेली शहर को क्लीन बनाने के प्रयास शुरू किए गए हैं।
इसके तहत पेड़ों की पत्तियों को इकट्ठा करके उसे जैविक खाद बनाने का खाका तैयार किया गया है। हालांकि अभी इस योजना को ट्रायल के रूप में शुरू किया गया है।
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यही वजह है कि शहर में पुलिस कार्यालय, राजकीय इंटर कॉलेज, इंदिरा गार्डेन, आईटीआई के पास पत्तियों को इकट्ठा कर जैविक खाद बनाने का कार्य शुरू कराया गया है। अफसर बताते हैं कि ट्रायल सफल होने पर जल्द इस योजना को शहर में लागू करा दिया जाएगा।