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उद्योग और कृषि के संगम से दोगुनी होगी किसानों की आय : राज्यपाल
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:19 AM IST
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दौलतपुर में आयोजित राष्ट्रीय कृषि बागवानी कार्यशाला में बोले राज्यपाल
बाराबंकी। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि उद्योग और कृषि के संगम से किसानों की आय दोगुनी होगी। दोनों में निश्चित विचार विनिमय होगा तो वह किसान के लिए लाभकारी होना तय है। आजादी के समय सन् 1950 में देश में लोगों के पास खाने के लिए पर्याप्त गेहूं-चावल नही था।
आज तीन गुना आबादी बढ़ गई और जमीन उतनी ही है किन्तु देश में आज आयात नही गेहूं-चावल निर्यात कर रहा है। बुधवार को दौलतपुर गांव में प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा के फार्म पर आयोजित राष्ट्रीय कृषि बागवानी कार्यशाला को राज्यपाल ने सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसान गांवों में बसता है। किसानों को अनपढ़ कहने वालों की बुद्धि पर तरस आता है। उन्होंने कहा कि गेहूं-चावल व आलू के अलावा फूल और फल की खेती तथा बागवानी भी हम कर सकते हैं।
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यहां पर लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन के आने से तय है कि किसान बागवानी की ओर बढ़े तो उसकी आय आसानी से दोगुनी हो सकती है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी की चिंता किसानों की आय दोगुनी करने की है।
इसी लक्ष्य से हमें किसानों की आय दोगुनी करनी है। तो इसके लिए काम की स्थिति में सुधार लाने के साथ कृषि विज्ञान, कृषि विश्वविद्यालय के शोध व मैनेजमेंट का सहारा लेना होगा। राज्यपाल ने कहा कि गेहूं, चावल व आलू के अलावा और कुछ हम कर सकते हैं।
फल व फूल के अच्छे मार्केट है और इनकी खेती पर मौसम को प्रभाव भी कम होता है। टमाटर से सॉस व अंगूर का जूस निकालने का उद्योग लगा सकते हैं। इसकी पैदावार अच्छी होगी तो कीमत भी मिलेगी। आयुर्वेद का बड़ा मार्केट है। इसके द्वारा भी आय बढे़गी। राज्यपाल ने संस्कृत के श्लोक व अपने ग्रंथ चरैवेति-चरैवेति की तर्ज पर हमसे चलने से भाग्य के चलने का उदाहरण भी दिया।
इस मौके पर लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक रंजन, सांसद प्रियंका सिंह रावत, नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. हसीब अख्तर, गुजरात के प्रगतिशील किसान केतन पटेल व रामसरन वर्मा ने संबोधित किया। इससे पूर्व किसान रामसरन व डीएम अखिलेश तिवारी एसपी अनिल कुमार सिंह ने स्वागत किया। इस मौके पर विपणन प्रबंधक ऋषिवाला व श्री माथुर आदि मौजूद थे।
गोवंश को संरक्षित करने को हर जिले में बनेगा सुरक्षित ठिकाना
पत्रकारों के सवालों के जवाब में राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि आवारा छुट्टा जानवरों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी गंभीर है। गोवंश की रक्षा के लिए हर जिले में व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षित ठिकाने बनाने का निर्माण कराया जाएगा। आय दोगुना करने का लक्ष्य तय है। बस उस रास्ते पर चलना होगा। यह मुश्किल नही है। दृष्टिकोण बदलकर परिश्रम करना होगा।
स्टॉलों का किया अवलोकन
दौलतपुर स्थित किसान रामसरन के फार्म हाउस पर पहुंचे राज्यपाल ने सलामी लेने के बाद रामसरन फार्म हाउस की तकनीकी स्टील फरूही, यंत्र के साथ लगे स्टालों का अवलोकन किया। इस मौके पर इफ्को द्वारा दो महिला किसानों को बीमा की पॉलिसी दी। उसके बाद राज्यपाल ने किसान प्रेरणा एवं उच्च तकनीकी सलाह केंद्र का उद्घाटन किया।
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बाराबंकी। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि उद्योग और कृषि के संगम से किसानों की आय दोगुनी होगी। दोनों में निश्चित विचार विनिमय होगा तो वह किसान के लिए लाभकारी होना तय है। आजादी के समय सन् 1950 में देश में लोगों के पास खाने के लिए पर्याप्त गेहूं-चावल नही था।
आज तीन गुना आबादी बढ़ गई और जमीन उतनी ही है किन्तु देश में आज आयात नही गेहूं-चावल निर्यात कर रहा है। बुधवार को दौलतपुर गांव में प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा के फार्म पर आयोजित राष्ट्रीय कृषि बागवानी कार्यशाला को राज्यपाल ने सम्बोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसान गांवों में बसता है। किसानों को अनपढ़ कहने वालों की बुद्धि पर तरस आता है। उन्होंने कहा कि गेहूं-चावल व आलू के अलावा फूल और फल की खेती तथा बागवानी भी हम कर सकते हैं।
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यहां पर लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन के आने से तय है कि किसान बागवानी की ओर बढ़े तो उसकी आय आसानी से दोगुनी हो सकती है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी की चिंता किसानों की आय दोगुनी करने की है।
इसी लक्ष्य से हमें किसानों की आय दोगुनी करनी है। तो इसके लिए काम की स्थिति में सुधार लाने के साथ कृषि विज्ञान, कृषि विश्वविद्यालय के शोध व मैनेजमेंट का सहारा लेना होगा। राज्यपाल ने कहा कि गेहूं, चावल व आलू के अलावा और कुछ हम कर सकते हैं।
फल व फूल के अच्छे मार्केट है और इनकी खेती पर मौसम को प्रभाव भी कम होता है। टमाटर से सॉस व अंगूर का जूस निकालने का उद्योग लगा सकते हैं। इसकी पैदावार अच्छी होगी तो कीमत भी मिलेगी। आयुर्वेद का बड़ा मार्केट है। इसके द्वारा भी आय बढे़गी। राज्यपाल ने संस्कृत के श्लोक व अपने ग्रंथ चरैवेति-चरैवेति की तर्ज पर हमसे चलने से भाग्य के चलने का उदाहरण भी दिया।
इस मौके पर लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक रंजन, सांसद प्रियंका सिंह रावत, नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डा. हसीब अख्तर, गुजरात के प्रगतिशील किसान केतन पटेल व रामसरन वर्मा ने संबोधित किया। इससे पूर्व किसान रामसरन व डीएम अखिलेश तिवारी एसपी अनिल कुमार सिंह ने स्वागत किया। इस मौके पर विपणन प्रबंधक ऋषिवाला व श्री माथुर आदि मौजूद थे।
गोवंश को संरक्षित करने को हर जिले में बनेगा सुरक्षित ठिकाना
पत्रकारों के सवालों के जवाब में राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि आवारा छुट्टा जानवरों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी गंभीर है। गोवंश की रक्षा के लिए हर जिले में व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षित ठिकाने बनाने का निर्माण कराया जाएगा। आय दोगुना करने का लक्ष्य तय है। बस उस रास्ते पर चलना होगा। यह मुश्किल नही है। दृष्टिकोण बदलकर परिश्रम करना होगा।
स्टॉलों का किया अवलोकन
दौलतपुर स्थित किसान रामसरन के फार्म हाउस पर पहुंचे राज्यपाल ने सलामी लेने के बाद रामसरन फार्म हाउस की तकनीकी स्टील फरूही, यंत्र के साथ लगे स्टालों का अवलोकन किया। इस मौके पर इफ्को द्वारा दो महिला किसानों को बीमा की पॉलिसी दी। उसके बाद राज्यपाल ने किसान प्रेरणा एवं उच्च तकनीकी सलाह केंद्र का उद्घाटन किया।