कल 15 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करेगी योगी सरकार, पुरानी योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल मंगलवार को चालू वित्त वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। इसका आकार 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक रहने की संभावना है। बजट का बड़ा हिस्सा पुरानी योजनाओं को रफ्तार देने के लिए आवंटित किया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि सरकार ने चालू योजनाओं को आगे बढ़ाने व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणाओं पर अमल को अनुपूरक बजट में तवज्जो देने का प्रयास किया है। शासन के वित्त विभाग ने वित्त मंत्री व मुख्यमंत्री के साथ बजट प्रस्तावों पर चर्चा कर इसे अंतिम रूप दे दिया है। इसके बाद बजट दस्तावेज को छपाई के लिए भेज दिया गया।
2019-20 के पहले अनुपूरक बजट में सर्वाधिक फोकस इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट पर होगा। इसमें पूर्वांचल व बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के साथ मुख्यमंत्री की नई घोषणा में शामिल गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भी रकम मिलने की संभावना है।
इसके अलावा ऊर्जा, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग व वन विभाग के चालू प्रोजेक्ट व योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक धन की व्यवस्था किए जाने के संकेत हैं। सरकार अयोध्या में दीपोत्सव व भगवान श्रीराम की मूर्ति स्थापना से जुड़े स्थल के विकास के लिए भी पैसा दे सकती है। कुछ जिला अस्पतालों को नए मेडिकल कॉलेज के रूप में उच्चीकृत करने का एलान भी संभव है।
इन योजनाओं के लिए हो सकता है बजट का एलान
शहरों में जिम व अन्य सुविधाएं तथा पार्कों की स्थापना के एलान के साथ मेट्रो रेल, अधिवक्ताओं के कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के लिए भी बजट का बंदोबस्त हो सकता है। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बच्चों के चिकित्सालय में कुछ नई सुविधाओं का एलान संभव है।
पेश होने से ठीक पहले कैबिनेट से बजट प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी
अनुपूरक बजट पेश होने से ठीक पहले प्रदेश कैबिनेट की बैठक में बजट प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी। वित्त विभाग ने इससे जुड़ी तैयारियां पूरी कर ली हैं। योगी सरकार ने केंद्र की तरह बजट के दिन ही बजट मसौदे को मंजूरी की नई परंपरा शुरू की है।