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वेतन मांगने पर मुंशी को भट्ठा मालिक व सहयोगी ने डांटा, मौत
Updated Fri, 15 Sep 2017 12:48 AM IST
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रुपईडीहा (बहराइच)। तीन माह का बकाया वेतन मांगने पर मुंशी को भट्ठा मालिक ने डांट कर भगा दिया। इससे दुखी मुंशी की घर पहुंचने पर तबियत अचानक बिगड़ गई। परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से चिकित्सकों ने उसे केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया। इलाज के दौरान मुंशी की मौत हो गई। बुधवार की शाम मुंशी का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। मृतक के पुत्र ने भट्ठा मालिक और उसके सहयोगी को नामजद करते हुए थाने पर तहरीर दी है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रुपईडीहा कस्बा निवासी गंगोत्री प्रसाद मिश्र लक्ष्मनपुर सलारपुर गांव में स्थित ईंट-भट्ठे पर मुंशी का काम करते थे। बीते तीन माह से गंगोत्री प्रसाद को भट्ठा मालिक की ओर से वेतन नहीं दिया जा रहा था। बीते सप्ताह गंगोत्री के पुत्र रोहित ने बीएससी तृतीय में प्रवेश लेेने के लिए पिता से पैसे मांगे तो उसने भट्ठा मालिक से बकाया वेतन मांगना शुरू किया। इस पर भट्ठा मालिक ने टाल-मटोल किया। मंगलवार की सुबह से दोपहर तक कई बार वेतन मांगने पर भट्ठा मालिक अमित कुमार व उसके सहयोगी ने गंगोत्री को फटकार पैसे नहीं देने की बात कहकर वहां से भगा दिया। दुखी गंगोत्री जब घर पहुंचा तो उनके सीने में असहनीय दर्द शुरू हुआ। आननफानन परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां से डॉक्टरों ने केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बुधवार की शाम को गंगोत्री का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। मृतक के पुत्र रोहित ने मामले में भट्ठा मालिक और उसके सहयोगी को नामजद करते हुए थाने पर तहरीर दी। थानाध्यक्ष आलोक राव ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। आरोपी फरार हैं, उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
रोहित पर परिवार की जिम्मेदारी
पिता की मौत के बाद रोहित पर परिवार संभालने की जिम्मेदारी आ गई है। मां की हालत घटना के बाद से ठीक नहीं है। छोटा भाई श्याम अभी आठ वर्ष का है। उधर पिता की मौत के बाद से रोहित काफी परेशान है। उसका कहना है कि बीएएसी तृतीय वर्ष में प्रवेश लेना था, लेकिन अब पिता की मौत के बाद पढ़ाई कैसे होगी समझ नहीं पा रहे हैं।
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रुपईडीहा कस्बा निवासी गंगोत्री प्रसाद मिश्र लक्ष्मनपुर सलारपुर गांव में स्थित ईंट-भट्ठे पर मुंशी का काम करते थे। बीते तीन माह से गंगोत्री प्रसाद को भट्ठा मालिक की ओर से वेतन नहीं दिया जा रहा था। बीते सप्ताह गंगोत्री के पुत्र रोहित ने बीएससी तृतीय में प्रवेश लेेने के लिए पिता से पैसे मांगे तो उसने भट्ठा मालिक से बकाया वेतन मांगना शुरू किया। इस पर भट्ठा मालिक ने टाल-मटोल किया। मंगलवार की सुबह से दोपहर तक कई बार वेतन मांगने पर भट्ठा मालिक अमित कुमार व उसके सहयोगी ने गंगोत्री को फटकार पैसे नहीं देने की बात कहकर वहां से भगा दिया। दुखी गंगोत्री जब घर पहुंचा तो उनके सीने में असहनीय दर्द शुरू हुआ। आननफानन परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां से डॉक्टरों ने केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बुधवार की शाम को गंगोत्री का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। मृतक के पुत्र रोहित ने मामले में भट्ठा मालिक और उसके सहयोगी को नामजद करते हुए थाने पर तहरीर दी। थानाध्यक्ष आलोक राव ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। आरोपी फरार हैं, उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
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रोहित पर परिवार की जिम्मेदारी
पिता की मौत के बाद रोहित पर परिवार संभालने की जिम्मेदारी आ गई है। मां की हालत घटना के बाद से ठीक नहीं है। छोटा भाई श्याम अभी आठ वर्ष का है। उधर पिता की मौत के बाद से रोहित काफी परेशान है। उसका कहना है कि बीएएसी तृतीय वर्ष में प्रवेश लेना था, लेकिन अब पिता की मौत के बाद पढ़ाई कैसे होगी समझ नहीं पा रहे हैं।
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