यूपी में भूकंप से 14 की मौत, 45 घायल
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भूक़ंप से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 14 लोगों के मरने व 45 के घायल होने की सूचना है। डीजीपी मुख्यालय के अनुसार अभी तक मृतकों व घायलों की यही संख्या सामने आई है।
बताया गया कि भूकंप से सूबे के कुल दस जिलों बाराबंकी, श्रावस्ती, कानपुर देहात, संत कबीरनगर, गोरखपुर, बदायूं, कुशीनगर, बलरामपुर, कानपुर नगर और अंबेडकर नगर में 14 लोगों की मौत हुई। इनमें छह बच्चे, पांच महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं।
प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा ने कहा कि सभी जगह राहत का काम किया जा रहा है और जिलों के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है।
डीजीपी ने कहा कि थानों के साथ ही फायर स्टेशनों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहने को कहा गया है और जिलों के कप्तानों से कहा गया है कि वे अपने कार्य क्षेत्र में तैनात अधिकारियों को इस दिशा में अलर्ट कर दें।
नेपाल से सटे जिलों में 24 घंटे अस्पताल खोलने के निर्देश
भूकंप के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। नेपाल से सटे यूपी के जिलों में नियंत्रण कक्ष बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों के चिकित्सालयों में 24 घंटे इलाज की सुविधा मुहैया कराने को कहा है।
प्रभावित इलाकों में उपचार के लिए रैपिड रिस्पांस मोबाइल चिकित्सा दल के गठन के भी निर्देश दिए गए हैं। यह दल आपात स्थिति में तत्काल मौके पर जाकर इलाज करेगा।
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. विजय लक्ष्मी ने सभी मंडलीय अपर निदेशक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को इस संबंध में दिशा-निर्देश भेजे हैं।
निर्देश में उन्होंनें कहा है कि जहां भी भूकंप से जान-मान की हानि हुई है वहां पर 24 घंटे सातों दिन इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाए।
प्रभावित क्षेत्रों में उपचार केंद्रों पर रोस्टर के अनुरूप मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ लगाया जाए। सामान्य परिस्थितियों में किसी को भी अवकाश न दिया जाए। राहत शिविरों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए।
दिये गए ये निर्देश
राहत शिविरों व उपचार केंद्रों में सभी प्रकार की जीवन रक्षक दवाएं, पट्टियां, ऑक्सीजन सिलेंडर, सक्शन मशीन, मल्टी विटामिन, ग्लूकोज, ओआरएस, आईवी फ्लूड्स, इंजेक्शन सहित अन्य दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने चाहिए। जिला चिकित्सालयों व सीएचसी में भूकंप पीड़ितों के लिए बेड आरक्षित कर लिए जाएं।
संक्रामक रोगों से बचाव के लिए भी रखे ख्याल
स्वास्थ्य विभाग ने भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक रोग न फैलने पाए इसलिए प्रभावी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। पानी में क्लोरीन मिलाने व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने को कहा गया है। शुद्ध पेयजल के लिए टैंकरों से पानी की सप्लाई जिला प्रशासन से सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
यहां फोन कर ले सकते हैं मदद
स्वास्थ्य विभाग ने टोल फ्री नंबर 1800-180-5145 भी जारी किया है। इस नंबर पर फोन कर मदद मांगी जा सकती है।