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Lucknow News: शेयर में निवेश के नाम पर 13.64 लाख रुपये ठगे
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आलमबाग। शेयर बाजार में निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने के नाम पर जालसाज ने आशियाना के सेक्टर-जी निवासी सिद्धार्थ कुमार तालुकदार से 13.64 लाख रुपये ठग लिए। उन्होंने एफआईआर कराई है।
सिद्धार्थ के अनुसार 27 जनवरी को फेसबुक के माध्यम से सिद्धार्थ चटर्जी नाम के व्यक्ति से पहचान हुई। उसने खुद को फाइनेंशियल एडवाइजर बताया और शेयर ट्रेडिंग में बिना सर्विस चार्ज के ज्यादा मुनाफा दिलाने का लालच दिया। आरोपी ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये निवेश के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद जालसाज ने उन्हें वीआईपीसन वन सर्विस 802 और टीसीएस कैपिटलजी ग्रुप से जोड़ा। फिर अनिका शर्मा नाम की महिला को अपना अधिकारी बताते हुए ट्रेडिंग में मदद करने के लिए टीसीजी प्लस एप डाउनलोड कराकर निवेश कराया। पीड़ित ने 19 फरवरी से सात मार्च के बीच एक्सिस और एचडीएफसी बैंक के खातों से कुल 13.64 लाख रुपये निवेश किए।
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शुरुआत में एप पर मुनाफा दिखाया गया और खाते में रकम बढ़कर 78 लाख रुपये तक पहुंच गई। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो ट्रांजेक्शन रोक दिया गया। आरोपी इनकम टैक्स और जीएसटी के नाम पर करीब 13.19 लाख रुपये जमा करने की मांग करने लगे। छानबीन करने पर सिद्धार्थ को ठगी का अहसास हुआ। इंस्पेक्टर छत्रपाल सिंह ने बताया कि पहले पीड़ित ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की थी। अब उन्होंने एफआईआर कराई है। साइबर क्राइम सेल की मदद से आरोपी का पता लगाया जा रहा है।
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सिद्धार्थ के अनुसार 27 जनवरी को फेसबुक के माध्यम से सिद्धार्थ चटर्जी नाम के व्यक्ति से पहचान हुई। उसने खुद को फाइनेंशियल एडवाइजर बताया और शेयर ट्रेडिंग में बिना सर्विस चार्ज के ज्यादा मुनाफा दिलाने का लालच दिया। आरोपी ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये निवेश के लिए प्रेरित किया।
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इसके बाद जालसाज ने उन्हें वीआईपीसन वन सर्विस 802 और टीसीएस कैपिटलजी ग्रुप से जोड़ा। फिर अनिका शर्मा नाम की महिला को अपना अधिकारी बताते हुए ट्रेडिंग में मदद करने के लिए टीसीजी प्लस एप डाउनलोड कराकर निवेश कराया। पीड़ित ने 19 फरवरी से सात मार्च के बीच एक्सिस और एचडीएफसी बैंक के खातों से कुल 13.64 लाख रुपये निवेश किए।
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शुरुआत में एप पर मुनाफा दिखाया गया और खाते में रकम बढ़कर 78 लाख रुपये तक पहुंच गई। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो ट्रांजेक्शन रोक दिया गया। आरोपी इनकम टैक्स और जीएसटी के नाम पर करीब 13.19 लाख रुपये जमा करने की मांग करने लगे। छानबीन करने पर सिद्धार्थ को ठगी का अहसास हुआ। इंस्पेक्टर छत्रपाल सिंह ने बताया कि पहले पीड़ित ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की थी। अब उन्होंने एफआईआर कराई है। साइबर क्राइम सेल की मदद से आरोपी का पता लगाया जा रहा है।