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घने कोहरे के साथ और लुढ़का पारा, जनजीवन अस्पव्यस्त
Updated Sat, 16 Dec 2017 01:01 AM IST
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मौसम में नमी बढ़ी, दोपहर में निकली धूप, फिर छायी धुंध
बहराइच। तराई में मौसम का मिजाज शुक्रवार को भी सख्त रहा। घने कोहरे के चलते सुबह जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। पारा और लुढ़क गया। मौसम में नमी बढ़ी है। दिन में सूरज चमका, लेकिन कांप रहे तराईवासियों को कोई राहत नहीं मिल सकी। स्कूल जाने वाले नन्हें-मुन्ने बच्चों और मजदूरीपेशा वर्ग के लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं।
तराई में कड़ाके की ठंड से जिंदगी मुहाल हो गई है। हालात यह हैं कि लोगों की दिनचर्या प्रभावित है। शुक्रवार की सुबह कोहरे की चादर में लिपटी रही। दोपहर में सूरज चमका तो लगा कि ठंड से राहत मिलेगी। लेकिन कुछ देर बाद फिर धुंध छा गई। सूरज गायब हो गया। लोग कांपने को मजबूर रहे।
कोहरे और धुंध के बीच पछुवा हवा भी चली। जिससे गलन बढ़ गई। सुबह घर से निकलने वाले नन्हे-मुन्ने छात्रों और मजदूरीपेशा वर्ग के लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी है। कोहरे के कारण सुबह ट्रेन और सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ।
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फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि तापमान में निरंतर गिरावट दर्ज हो रही है। तराई का अधिकतम तापमान 20 डिग्री व न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। उन्होंने कहा कि पछुआ हवा सात किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली।
आगामी दिनों में कोहरे का दौर बढ़ने की उम्मीद है। गलन में भी इजाफा हो सकता है। प्रभारी वैज्ञानिक ने कहा कि पश्चिम में पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते मौसम में तब्दीली शुरू हुई है। यह दौर आगामी दिनों में जारी रहने की संभावना है।
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बहराइच। तराई में मौसम का मिजाज शुक्रवार को भी सख्त रहा। घने कोहरे के चलते सुबह जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। पारा और लुढ़क गया। मौसम में नमी बढ़ी है। दिन में सूरज चमका, लेकिन कांप रहे तराईवासियों को कोई राहत नहीं मिल सकी। स्कूल जाने वाले नन्हें-मुन्ने बच्चों और मजदूरीपेशा वर्ग के लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं।
तराई में कड़ाके की ठंड से जिंदगी मुहाल हो गई है। हालात यह हैं कि लोगों की दिनचर्या प्रभावित है। शुक्रवार की सुबह कोहरे की चादर में लिपटी रही। दोपहर में सूरज चमका तो लगा कि ठंड से राहत मिलेगी। लेकिन कुछ देर बाद फिर धुंध छा गई। सूरज गायब हो गया। लोग कांपने को मजबूर रहे।
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कोहरे और धुंध के बीच पछुवा हवा भी चली। जिससे गलन बढ़ गई। सुबह घर से निकलने वाले नन्हे-मुन्ने छात्रों और मजदूरीपेशा वर्ग के लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी है। कोहरे के कारण सुबह ट्रेन और सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ।
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फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि तापमान में निरंतर गिरावट दर्ज हो रही है। तराई का अधिकतम तापमान 20 डिग्री व न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। उन्होंने कहा कि पछुआ हवा सात किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली।
आगामी दिनों में कोहरे का दौर बढ़ने की उम्मीद है। गलन में भी इजाफा हो सकता है। प्रभारी वैज्ञानिक ने कहा कि पश्चिम में पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते मौसम में तब्दीली शुरू हुई है। यह दौर आगामी दिनों में जारी रहने की संभावना है।