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फोन करते रहिये, यहां समय पर नहीं मिलेगी एंबुलेंस

Wed, 06 Sep 2017 10:47 PM IST
Updated Wed, 06 Sep 2017 10:47 PM IST
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फोन करते रहिये, यहां समय पर नहीं मिलेगी एंबुलेंस
बहराइच। जिले में 102 एंबुलेंस का संचालन ठीक नहीं है। कभी डीजल का अभाव तो कभी चालकों की हीलाहवाली मरीजों की जान पर भारी पड़ती है। इसके चलते रोगियों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पाती है। मजबूरन रोगी निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचते हैं। कई मामलों में तो देरी के कारण मरीज की जान तक चली गई। जीपीएस सिस्टम से निगरानी का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन इस सिस्टम का तोड़ निकालने के लिए भी चालकों ने जुगाड़ खोजना शुरू कर दिया है।
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जिले के 14 विकास खंडों में 102 सेवा की 41 एंबुलेंस संचालित हैं। मरीज के कॉल करने पर कभी चालक व्यस्त होने तो कभी एंबुलेंस खराब होने की बात कहकर किनारा कर लेते थे। दावा किया जा रहा है कि मोबाइल एप जारी होने के बाद इसकी जीपीएस के जरिये बेहतर तरीके से निगरानी हो सकेगी। हालांकि तकनीकी जानकारी रखने वाले सूत्र बताते हैं कि जीपीएस ऑन होने पर ही एंबुलेंस की लोकेशन ट्रेस हो सकेगी। जीपीएस ऑन करने से पूर्व क्लिप निकालकर ऑन का बटन दबाने से जीपीएस सिस्टम एरर मैसेज शो करता है। ऐसे में सिस्टम की खराबी का ब्योरा ही कंट्रोल रूम में प्रदर्शित होता है। हालांकि जिम्मेदार बताते हैं कि जीपीएस सिस्टम खराब होने पर भी संबंधित चालक को जिम्मेदार माना जाएगा।
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डीजल के अभाव में 20 दिन ठप रहीं सेवाएं
जिले में डीजल के अभाव में एंबुलेंस सेवाएं अगस्त माह में 20 दिन ठप रहीं। रोगियों को एंबुलेंस सेवा मुहैया नहीं हो पाई। यह स्थिति कोई पहली बार नहीं हुई। कभी चालकों की हड़ताल तो कभी डीजल की कमी के नाम पर मरीजों को इस सेवा से वंचित कर दिया जाता था।
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ठेलिया पर पहुंचाया अस्पताल
नवाबगंज विकास खंड अंतर्गत चौगोड़वा गांव निवासी फारुक ने बताया कि उनकी पत्नी को मंगलवार को प्रसव पीड़ा हुई। 102 एंबुलेंस को फोन कर पत्नी को एएनएम सेंटर पहुंचाने की कोशिश की। दो बार तो कॉल रिसीव ही नहीं हुई। तीसरी बार कॉल रिसीव हुई तो जवाब मिला, व्यस्त हैं। ऐसे में फारुक ने अपनी पत्नी को ठेलिया पर लादकर एएनएम सेंटर पहुंचाया।
मरीज पहुंचाने के लिए 200 रुपये
नवाबगंज कस्बा अंतर्गत अशफाक ने बताया कि बीते सप्ताह सोमवार को उनकी बहन अफसाना को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। बहन को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने के लिए 102 नंबर एंबुलेंस को फोन किया गया तो चालक ने व्यस्त होने की बात कही। इस पर उन्होंने बाइक से बहन को सीएचसी पहुंचाया। वहां पर प्रसव के बाद बहन को घर पहुंचाने के लिए चालक ने 200 रुपये लिये।

सुचारु तरीके से हो रहा संचालन
एंबुलेंस का संचालन जिले में सुचारु तरीके से हो रहा है। 102 व 108 सेवाएं निर्बाध तरीके से रोगियों की मदद कर रही हैं। शिकायत मिलने पर संबंधित चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। नवाबगंज के मामले में जांच चल रही है। डीजल की कमी शासन स्तर से हुई थी। हालांकि उसका बजट अब आ गया है। - संजय विश्वकर्मा, जिला प्रबंधक, एंबुलेंस सेवा
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