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यूपीएसएसएससी : 129 अभ्यर्थी एक से तीन वर्ष तक परीक्षा से डिबार, अन्य भर्ती आयोगों को भी भेजी सूचना
Fri, 26 Jul 2019 03:48 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 26 Jul 2019 03:48 PM IST
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यूपीएसएसएससी
- फोटो : amar ujala
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उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने 2018 में आयोजित लिखित परीक्षाओं में अनुचित तरीके अपनाने वाले 129 अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इन अभ्यर्थियों को एक से तीन वर्ष के लिए आयोग की आगामी परीक्षाओं से डिबार करते हुए अन्य सभी चयन बोर्डों व आयोगों को इस संबंध में सूचित कर दिया है। अन्य आयोग भी इन्हें अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं में अवसर न देने का निर्णय कर सकते हैं।
आयोग के परीक्षा नियंत्रक विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि आयोग ने वर्ष-2018 में सम्मिलित व्यायाम प्रशिक्षक एवं क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी व प्रादेशिक विकास दल अधिकारी, विधान भवन रक्षक एवं वन रक्षक, ग्राम पंचायत अधिकारी-ग्राम विकास अधिकारी (समाज कल्याण) व समाज कल्याण पर्यवेक्षक सामान्य चयन प्रतियोगी परीक्षाएं कराई थीं। इन परीक्षाओं में 129 अभ्यर्थियों के खिलाफ अनुचित तरीके अपनाने को लेकर कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति के परीक्षा देने (मुन्नाभाई), ओएमआर-प्रश्नपत्र ले जाने, प्रवेश पत्र बदलकर परीक्षा देने जैसे मामले शामिल हैं।
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आयोग के परीक्षा नियंत्रक विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि आयोग ने वर्ष-2018 में सम्मिलित व्यायाम प्रशिक्षक एवं क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी व प्रादेशिक विकास दल अधिकारी, विधान भवन रक्षक एवं वन रक्षक, ग्राम पंचायत अधिकारी-ग्राम विकास अधिकारी (समाज कल्याण) व समाज कल्याण पर्यवेक्षक सामान्य चयन प्रतियोगी परीक्षाएं कराई थीं। इन परीक्षाओं में 129 अभ्यर्थियों के खिलाफ अनुचित तरीके अपनाने को लेकर कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति के परीक्षा देने (मुन्नाभाई), ओएमआर-प्रश्नपत्र ले जाने, प्रवेश पत्र बदलकर परीक्षा देने जैसे मामले शामिल हैं।
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अभ्यर्थियों पर इस तरह की कार्रवाई
- वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर अन्य अभ्यर्थी के परीक्षा देने के मामले में नौ लोग दंडित किए गए हैं। ऐसे सभी लोगों को परीक्षा तिथि से तीन वर्ष के लिए आयोग की आगामी परीक्षाओं के लिए डिबार किया गया है।
- ओएमआर शीट बदलकर व कूटरचित प्रवेश पत्र से परीक्षा देने के लिए तीन अभ्यर्थी दंडित हुए हैं। इन्हें परीक्षा तिथि से दो वर्ष के लिए आयोग की आगामी परीक्षाओं के लिए डिबार किया गया है।
- परीक्षा कक्ष में मोबाइल, कैलकुलेटर व अन्य इलेक्ट्रानिक डिवाइस या अन्य प्रतिबंधित सामग्री से नकल करने के लिए पांच अभ्यर्थी दंडित किए गए हैं। इन्हें परीक्षा तिथि से एक वर्ष के लिए आयोग की आगामी परीक्षाओं के लिए डिबार कर दिया गया है।
- ओएमआर पत्रक की मूल/ कोषागार प्रति कक्ष निरीक्षक के पास न जमाकर अपने साथ ले जाने के लिए 88 अभ्यर्थी दंडित हुए हैं। इनके खिलाफ कक्ष निरीक्षक/केंद्र व्यवस्थापक ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इन्हें संबंधित परीक्षा से बाहर कर दिया गया।
- 24 अभ्यर्थी प्रश्नपत्र अपने साथ लेकर चले गए थे। इनके खिलाफ कक्ष निरीक्षक व केंद्र व्यवस्थापक ने एफआईआर कराई है। आयोग इन्हें संबंधित परीक्षा व आयोग की आगामी परीक्षाओं से एक वर्ष के लिए डिबार करने की कार्रवाई कर रहा है।