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पुलिस से बचने को गोदाम मालिक ने किया सरेंडर
Updated Sat, 30 Jun 2018 10:48 PM IST
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गोंडा। पुलिस टीम का सामना करने से खाद्यान्न घोटाले के आरोपी बच रहे हैं। वजीरगंज ब्लॉक क्षेत्र में एक माह पहले पकड़े गये करोड़ों रुपये के खाद्यान्न घोटाले के मामले में आरोपी व सरकारी खाद्यान्न को डंप करने का गोदाम चलाने वाला पवन सिंह ने पुलिस को गच्चा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बड़े घोटाले के मामले में एक बड़ी कड़ी उसे मिलने के बावजूद हाथ से निकल गई और पुलिस टापती रह गई।
पवन सिंह ने गोदाम को कितने दिन पहले बनवाकर उसका संचालन सरकारी अनाज को कालाबाजारी के लिए कब से इकट्ठा कर रहा था, यहां पर सरकारी खाद्यान्न को भेजवाने वाले और कितने लोग आते थे, सरकारी अधिकारी कर्मचारी किस तरह से जुड़े थे इन सब सवालों का जवाब पवन सिंह से पुलिस को मिल सकता था। लेकिन उसने कोर्ट से अरेस्ट स्टे की आड़ में पुलिस को चकमा देकर पुलिस को जांच में सहयोग देने से बचने के लिए खुद जेल चले जाना ज्यादा बेहतर समझा। डेढ़ सप्ताह पहले गोदाम संचालक पवन कुमार सिंह अनाज घोटाले के मामले में नामजद होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे ले आया था। कोर्ट ने पवन कुमार सिंह को इस बात की राहत मिली थी कि वह पुलिस की जांच में सहयोग करने पर पुलिस की गिरफ्तारी से बचा रहेगा। लेकिन उसने पुलिस को जांच में तो कोई सहयोग किया नहीं, बल्कि मामले में धाराएं बढ़ने से उस पर शिकंजा और कस गया। पुलिस के सवालों का सामना करने से बचने के लिए उसने अपनी गोट बिछाई और सीजेएम प्रथम के कोर्ट पर आत्मसमर्पण कर दिया।
इंस्पेक्टरों के घट जाने से दोबारा बांटा कार्यक्षेत्र
पूर्ति विभाग में तीन इंस्पेक्टरों के हाल ही में निलंबित हो जाने व एक का गैर जनपद स्थानांतरण हो जाने के बाद जिले में बाकी बचे पांच इंस्पेक्टरों के कार्यक्षेत्र को दोबारा बांटा गया है। आपूर्ति विभाग के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी भानू प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग के तीन इंस्पेक्टरों के निलंबित हो जाने व एक का स्थानांतरण हो जाने के बाद जिले में इंस्पेक्टरों की संख्या पांच बची है। ये सिरे इंस्पेक्टरों को जिम्मेदारी दी गई है। बालेश्वर मणि त्रिपाठी को तहसील सदर का झंझरी, पंडरीकृपाल, रूपईडीह व इटियाथोक ब्लॉक का कार्य सौंपा गया है। जबकि चंदन कुमार को तरबगंज तहसील का सभी ब्लॉक सौंपा गया है। दिनेश चंद्र को मनकापुर का सभी ब्लाक दिया गया है। राम नारायन वर्मा को करनैलगंज तहसील के सभी ब्लॉकों की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि अतुल कुमार श्रीवास्तव को नगर क्षेत्र के अलावा मुजेहना ब्लॉक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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पूछताछ से मिल रहा अच्छा रिजल्ट
मामले के आरोपियों व अन्य जुड़े लोगों से पूछताछ करने व बयान से अच्छा रिजल्ट जांच टीमों को मिल रहा है। जांच कर रहे क्राइम ब्रांच के प्रभारी इन्द्रजीत यादव का कहना है कि गोदाम मालिक पवन सिंह ने कोर्ट में शुक्रवार की शाम को सरेंडर कर दिया है। जांच से बचने के लिए उसने कोर्ट के जरिये जेल जाने का रास्ता निकाला है। अन्य लोगों से बयान लिये जा रहे हैं । उन्होंने जांच के सही दिशा में चलने का दावा किया है।
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पवन सिंह ने गोदाम को कितने दिन पहले बनवाकर उसका संचालन सरकारी अनाज को कालाबाजारी के लिए कब से इकट्ठा कर रहा था, यहां पर सरकारी खाद्यान्न को भेजवाने वाले और कितने लोग आते थे, सरकारी अधिकारी कर्मचारी किस तरह से जुड़े थे इन सब सवालों का जवाब पवन सिंह से पुलिस को मिल सकता था। लेकिन उसने कोर्ट से अरेस्ट स्टे की आड़ में पुलिस को चकमा देकर पुलिस को जांच में सहयोग देने से बचने के लिए खुद जेल चले जाना ज्यादा बेहतर समझा। डेढ़ सप्ताह पहले गोदाम संचालक पवन कुमार सिंह अनाज घोटाले के मामले में नामजद होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे ले आया था। कोर्ट ने पवन कुमार सिंह को इस बात की राहत मिली थी कि वह पुलिस की जांच में सहयोग करने पर पुलिस की गिरफ्तारी से बचा रहेगा। लेकिन उसने पुलिस को जांच में तो कोई सहयोग किया नहीं, बल्कि मामले में धाराएं बढ़ने से उस पर शिकंजा और कस गया। पुलिस के सवालों का सामना करने से बचने के लिए उसने अपनी गोट बिछाई और सीजेएम प्रथम के कोर्ट पर आत्मसमर्पण कर दिया।
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इंस्पेक्टरों के घट जाने से दोबारा बांटा कार्यक्षेत्र
पूर्ति विभाग में तीन इंस्पेक्टरों के हाल ही में निलंबित हो जाने व एक का गैर जनपद स्थानांतरण हो जाने के बाद जिले में बाकी बचे पांच इंस्पेक्टरों के कार्यक्षेत्र को दोबारा बांटा गया है। आपूर्ति विभाग के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी भानू प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग के तीन इंस्पेक्टरों के निलंबित हो जाने व एक का स्थानांतरण हो जाने के बाद जिले में इंस्पेक्टरों की संख्या पांच बची है। ये सिरे इंस्पेक्टरों को जिम्मेदारी दी गई है। बालेश्वर मणि त्रिपाठी को तहसील सदर का झंझरी, पंडरीकृपाल, रूपईडीह व इटियाथोक ब्लॉक का कार्य सौंपा गया है। जबकि चंदन कुमार को तरबगंज तहसील का सभी ब्लॉक सौंपा गया है। दिनेश चंद्र को मनकापुर का सभी ब्लाक दिया गया है। राम नारायन वर्मा को करनैलगंज तहसील के सभी ब्लॉकों की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि अतुल कुमार श्रीवास्तव को नगर क्षेत्र के अलावा मुजेहना ब्लॉक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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पूछताछ से मिल रहा अच्छा रिजल्ट
मामले के आरोपियों व अन्य जुड़े लोगों से पूछताछ करने व बयान से अच्छा रिजल्ट जांच टीमों को मिल रहा है। जांच कर रहे क्राइम ब्रांच के प्रभारी इन्द्रजीत यादव का कहना है कि गोदाम मालिक पवन सिंह ने कोर्ट में शुक्रवार की शाम को सरेंडर कर दिया है। जांच से बचने के लिए उसने कोर्ट के जरिये जेल जाने का रास्ता निकाला है। अन्य लोगों से बयान लिये जा रहे हैं । उन्होंने जांच के सही दिशा में चलने का दावा किया है।